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Kushinagar News: फर्जी कागजात पर बनवाया पासपोर्ट, तीन पर प्राथमिकी
Sat, 05 Sep 2026 01:48 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Sat, 05 Sep 2026 01:48 AM IST
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पिपरा बाजार/पकड़ियार बाजार। फर्जी दस्तावेज के सहारे एक से अधिक पासपोर्ट बनवाने के मामले मेें तीन लोगों के खिलाफ नेबुआ नौरंगिया पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की है। विदेश मंत्रालय के क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय की ओर से 9 जुलाई 2026 को जारी निर्देश के बाद हुई जांच में फर्जीवाड़े की पुष्टि हुई।
पासपोर्ट कार्यालय और पुलिस की संयुक्त जांच में सामने आया कि तीनों आरोपियों ने आधार कार्ड, शैक्षणिक प्रमाण पत्र, जन्म प्रमाणपत्र और अन्य अभिलेखों में हेरफेर कर अलग-अलग विवरण प्रस्तुत किए और सात फर्जी पासपोर्ट बनवा लिए। जांच में पता चला कि चखनी भूमिहारी पट्टी निवासी आलम अली के नाम से तीन पासपोर्ट जारी हुए हैं। उसके दस्तावेजों में नाम, जन्म तिथि और माता के नाम में अंतर पाया गया। दो पासपोर्ट में जन्मतिथि 20 अप्रैल 1986 दर्ज है, जबकि तीसरे पासपोर्ट में एक जुलाई 1990 दर्ज है।
रामपुर खुर्द गांव के रहने वाले नरसिंह कुशवाहा के नाम से दो पासपोर्ट मिले हैं। इसके वर्ष 2010 में जारी पासपोर्ट में जन्म तिथि 10 जनवरी 1984 दर्ज है, जबकि दूसरे पासपोर्ट में एक जनवरी 1984 दर्ज है। दोनों में नाम, पिता का नाम और जन्म तिथि संबंधी विवरण अलग-अलग दर्ज है।
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इसके अलावा चंदन बरवा गांव निवासी बृजेश उर्फ बुजेश के नाम से भी दो पासपोर्ट जारी होने की पुष्टि हुई। वर्ष 2015 में बने एक पासपोर्ट में जन्म तिथि एक जनवरी 1985 दर्ज है, जबकि दूसरे पासपोर्ट में एक नवंबर 1991 दर्ज पाई गई।
पुलिस स्कूल प्रमाण पत्रों और आधार कार्ड में दर्ज जानकारियों में विसंगतियां मिलने के बाद इस गिरोह के बारे में पता लगाने में जुटी है। पुलिस पता लगा रही है कि आरोपियों ने कूटरचित दस्तावेज कहां से तैयार कराए और इस फर्जीवाड़े में किसकी मदद की।
प्रभारी निरीक्षक संजय कुमार दूबे ने बताया कि विदेश मंत्रालय के पासपोर्ट कार्यालय की जांच रिपोर्ट के आधार पर कूटरचित कागजात और गलत विवरण देकर एक से अधिक पासपोर्ट बनवाने की पुष्टि हुई है। आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर मामले में गहनता से जांच चल रही है।
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पासपोर्ट कार्यालय और पुलिस की संयुक्त जांच में सामने आया कि तीनों आरोपियों ने आधार कार्ड, शैक्षणिक प्रमाण पत्र, जन्म प्रमाणपत्र और अन्य अभिलेखों में हेरफेर कर अलग-अलग विवरण प्रस्तुत किए और सात फर्जी पासपोर्ट बनवा लिए। जांच में पता चला कि चखनी भूमिहारी पट्टी निवासी आलम अली के नाम से तीन पासपोर्ट जारी हुए हैं। उसके दस्तावेजों में नाम, जन्म तिथि और माता के नाम में अंतर पाया गया। दो पासपोर्ट में जन्मतिथि 20 अप्रैल 1986 दर्ज है, जबकि तीसरे पासपोर्ट में एक जुलाई 1990 दर्ज है।
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रामपुर खुर्द गांव के रहने वाले नरसिंह कुशवाहा के नाम से दो पासपोर्ट मिले हैं। इसके वर्ष 2010 में जारी पासपोर्ट में जन्म तिथि 10 जनवरी 1984 दर्ज है, जबकि दूसरे पासपोर्ट में एक जनवरी 1984 दर्ज है। दोनों में नाम, पिता का नाम और जन्म तिथि संबंधी विवरण अलग-अलग दर्ज है।
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इसके अलावा चंदन बरवा गांव निवासी बृजेश उर्फ बुजेश के नाम से भी दो पासपोर्ट जारी होने की पुष्टि हुई। वर्ष 2015 में बने एक पासपोर्ट में जन्म तिथि एक जनवरी 1985 दर्ज है, जबकि दूसरे पासपोर्ट में एक नवंबर 1991 दर्ज पाई गई।
पुलिस स्कूल प्रमाण पत्रों और आधार कार्ड में दर्ज जानकारियों में विसंगतियां मिलने के बाद इस गिरोह के बारे में पता लगाने में जुटी है। पुलिस पता लगा रही है कि आरोपियों ने कूटरचित दस्तावेज कहां से तैयार कराए और इस फर्जीवाड़े में किसकी मदद की।
प्रभारी निरीक्षक संजय कुमार दूबे ने बताया कि विदेश मंत्रालय के पासपोर्ट कार्यालय की जांच रिपोर्ट के आधार पर कूटरचित कागजात और गलत विवरण देकर एक से अधिक पासपोर्ट बनवाने की पुष्टि हुई है। आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर मामले में गहनता से जांच चल रही है।