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Kushinagar News: मेडिकल कॉलेज में न्यूरो के मरीज बढ़े, विशेषज्ञ डाक्टर नहीं

Sat, 02 May 2026 02:49 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर Updated Sat, 02 May 2026 02:49 AM IST
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Number of Neurology Patients Rises at Medical College; No Specialist Doctors Available
पडरौना। कुशीनगर मेडिकल कॉलेज में न्यूरो (तंत्रिका) से संबंधित मरीजों की संख्या में वृद्धि हुई है। ओपीडी में प्रतिदिन बड़ी संख्या में सिर दर्द, नसों के खिंचाव, कमर व सिर में दर्द के मरीज आ रहे हैं। मरीजों की संख्या के मुकाबले संसाधनों व विशेषज्ञों की कमी से दिक्कत हो रही है। कई मरीजों को बिना उपचार ही लौटना पड़ जा रहा है।
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मेडिकल कॉलेज के न्यूरो विभाग की ओपीडी में मरीजों की भीड़ हो रही है। अस्पताल के लोगों का कहना है कि न्यूरो के मरीजों की संख्या में 30-40 फीसदी वृद्धि दर्ज की गई है। पहले जहां 150 मरीजों की संख्या होती थी, वह अब बढ़कर 200-250 तक पहुंच गई है। इनमें सबसे अधिक माइग्रेन, पुराना सिरदर्द, ब्रेन दर्द, रीढ़ की हड्डी में दर्द, नसों की कमजोरी वाले मरीज अधिक आ रहे हैं।
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बता दें कि कॉलेज में करोड़ों रुपये की लागत से तमाम सुविधाएं बढ़ी हैं लेकिन अब भी न्यूरो विशेषज्ञ की नियमित उपलब्धता न होने के कारण गंभीर मरीजों को भटकना पड़ रहा है। मेडिकल कॉलेज में सप्ताह में सिर्फ एक दिन विशेषज्ञ चिकित्सक की उपलब्धता की वजह से दूर-दराज से आने वाले मरीजों को बिना उपचार ही लौट जाना पड़ता है। वहीं लंबी कतार लग जाती है। घंटों इंतजार बाद ही मरीज की बारी आती है। इस दौरान थक कर वे फर्श पर ही बैठने को मजबूर होते हैं।
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क्या कहते हैं चिकित्सक
विशेषज्ञों के अनुसार, बदलती जीवनशैली, अत्यधिक तनाव और अनियंत्रित खान-पान न्यूरो रोगों के मुख्य कारण हैं। छोटी समस्याओं को नजरअंदाज करना भी धीरे-धीरे न्यूरो की समस्या बढ़ा देता है। समय रहते शरीर में होने वाले दर्द का चिकित्सक की सलाह से उपचार करना चाहिए, ताकि समस्या प्रथम स्टेज में ही दूर हो जाए। तनाव मुक्त रहकर न्यूरो की समस्या को कम किया जा सकता है। मरीजों को खिंचाव व अधिक जोर लगने वाले कार्यों से परहेज करना चाहिए।
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न्यूरो के मरीज बोले
मेडिकल कॉलेज के न्यूरो विभाग में मरीजों की भीड़ हो रही है। ऐसे में मरीज विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती करने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि सप्ताह में सिर्फ एक दिन न्यूरो के विशेषज्ञ चिकित्सक का बंदोबस्त है। ऐसे में मरीजों की हो रही भीड़ को संभालना बहुत ही मुश्किल हो जा रहा है। मरीजों की संख्या के मुताबिक ओपीडी में कम से कम सप्ताह में तीन से चार दिन विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती की जाए, यहां न्यूरो की नियमित ओपीडी की जरूरत है।
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एक महीने से कमर व पीठ में दर्द है। उपचार के लिए सुबह 10:0 बजे ही आ गईं थी। ओपीडी कक्ष के सामने महिला व पुरुष मरीजों की लंबी कतार लगी हुई थी। करीब 100 मरीजों के पीछे थीं। कतार में करीब चार घंटे बीत चुके थे। फिर भी 50 मरीज कतार में आगे खड़े थे। -प्रभावती देवी, कसया
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पैर की नसों में खिंचाव हो गया है। करीब दो महीने से दर्द से काफी परेशान हूं। करीब एक महीने पहले उपचार के लिए आया था। चिकित्सक एहतियात के साथ कुछ दवाएं लेने की सलाह दी थी। उसका उपयोग करने से दर्द में कुछ कमी आई है, लेकिन पूरी तरह अभी राहत नहीं मिल पाई है। -राजकुमार सिंह, कुशीनगर

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सप्ताह में तीन से चार दिन न्यूरो विशेषज्ञ की तैनाती की मांग
मेडिकल कॉलेज के न्यूरो विभाग विशेषज्ञ चिकित्सक की कमी है। मरीजों ने विशेषज्ञ चिकित्सकों की और तैनाती व सप्ताह में तीन से चार दिन नियमित बैठने के लिए प्रबंध किए जाने की मांग की है। न्यूरो से पीड़ित मरीज धनंजय चौहान, संदीप सिंह, सदानंद सिंह, सुरेश कुमार, कृष्ण मोहन गुप्ता सहित कतार में खड़े मरीजों का कहना था कि सिर्फ एक चिकित्सक के होने के चलते परेशानी हो रही है। ऐसे में विशेषज्ञ चिकित्सक की तैनाती करने की जरूरत है। ताकि मरीजों को घंटों इंतजार करने से निजात मिल जाए।
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