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पहली बार ताल ठोकेंगे प्रमुख दलों के उम्मीदवार
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पहली बार ताल ठोकेंगे प्रमुख दलों के उम्मीदवार
हाटा विधानसभा चुनाव में नए उम्मीदवारों पर एतबार
संवाद न्यूज एजेंसी
हाटा। इस बार के विधानसभा चुनाव में हाटा से सभी प्रमुख दलों ने नए उम्मीदवारों पर भरोसा जताया है। भाजपा, सपा, बसपा और कांग्रेस के उम्मीदवारों में सभी पहली बार विधानसभा चुनाव में भाग्य आजमा रहे हैं।
हाटा विधानसभा सीट से इस बार भाजपा के मोहन वर्मा, समाजवादी पार्टी से रणविजय सिंह, बसपा से शिवांग सिंह और कांग्रेस से अमरेंद्र प्रताप मल्ल पहली बार चुनाव मैदान में हैं। इसके अलावा ये सभी उम्मीदवार हाटा नगरपालिका क्षेत्र के निवासी हैं। इस सीट से पिछले चुनाव में भाजपा के उम्मीदवार पवन केडिया की जीत हुई थी, लेकिन इस बार पार्टी ने उनका टिकट काटकर मोहन वर्मा को दे दिया है। वहीं, 2017 के चुनाव में बसपा के उम्मीदवार रहे विरेंदर सिंह सैंथवार ने दल छोड़ दिया। उनकी जगह पार्टी ने शिवांग सिंह को अपना उम्मीदवार बनाया है। कांग्रेस का सपा के साथ गठबंधन होने की वजह से पिछली बार यहां कोई उम्मीदवार नहीं था। वहीं, सपा की ओर से प्रदेश सरकार के मंत्री रहे राधेश्याम सिंह मैदान में थे। इस बार सपा ने उनके पुत्र रणविजय सिंह को टिकट देकर मैदान में उतारा है। ये सभी उम्मीदवार युवा और पहली बार चुनाव मैदान में उतरे हैं।
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हाटा विधानसभा चुनाव में नए उम्मीदवारों पर एतबार
संवाद न्यूज एजेंसी
हाटा। इस बार के विधानसभा चुनाव में हाटा से सभी प्रमुख दलों ने नए उम्मीदवारों पर भरोसा जताया है। भाजपा, सपा, बसपा और कांग्रेस के उम्मीदवारों में सभी पहली बार विधानसभा चुनाव में भाग्य आजमा रहे हैं।
हाटा विधानसभा सीट से इस बार भाजपा के मोहन वर्मा, समाजवादी पार्टी से रणविजय सिंह, बसपा से शिवांग सिंह और कांग्रेस से अमरेंद्र प्रताप मल्ल पहली बार चुनाव मैदान में हैं। इसके अलावा ये सभी उम्मीदवार हाटा नगरपालिका क्षेत्र के निवासी हैं। इस सीट से पिछले चुनाव में भाजपा के उम्मीदवार पवन केडिया की जीत हुई थी, लेकिन इस बार पार्टी ने उनका टिकट काटकर मोहन वर्मा को दे दिया है। वहीं, 2017 के चुनाव में बसपा के उम्मीदवार रहे विरेंदर सिंह सैंथवार ने दल छोड़ दिया। उनकी जगह पार्टी ने शिवांग सिंह को अपना उम्मीदवार बनाया है। कांग्रेस का सपा के साथ गठबंधन होने की वजह से पिछली बार यहां कोई उम्मीदवार नहीं था। वहीं, सपा की ओर से प्रदेश सरकार के मंत्री रहे राधेश्याम सिंह मैदान में थे। इस बार सपा ने उनके पुत्र रणविजय सिंह को टिकट देकर मैदान में उतारा है। ये सभी उम्मीदवार युवा और पहली बार चुनाव मैदान में उतरे हैं।
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