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Kushinagar News: लाखों की मशीन पर गुबार... स्वास्थ्य सुविधाओं को इलाज की दरकार

Mon, 05 May 2025 12:30 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर Updated Mon, 05 May 2025 12:30 AM IST
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Machine worth lakhs in trouble... health facilities need treatment
- तत्काल जांच रिपोर्ट देने के लिए तुर्कहा सीएचसी में लगा हेल्थ एटीएम आज तक नहीं चला
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- एक घंटे में 180 लोगों का रक्त परीक्षण करने में सक्षम सेलेक्ट्रा मशीन भी नहीं चलती
- रोजाना 200 से ज्यादा मरीज जांच कराने पहुंचते हैं सीएचसी, बाहर से महंगे रेट पर करानी पड़ती जांच


खड्डा। शुगर, ब्लड प्रेशर, बुखार, हीमोग्लोबिन, मलेरिया, टाइफाइड, डेंगू सहित 50 तरह की जांचों की रिपोर्ट तत्काल उपलब्ध कराने के लिए तुर्कहा सीएचसी में लाखों रुपये खर्च कर हेल्थ एटीएम लगाई गई। वहीं एक घंटे में लगभग 180 लोगों के खून की जांच करने में सक्षम सेलेक्ट्रा मशीन भी लगाई जा चुकी है। मगर, लाखों खर्च आई मशीनों को इलाज की दरकार है, लेकिन जिम्मेदारों की लापरवाही से यह मशीनें धूल के गुबार से सनी हुई हैं। इससे मरीजों को ज्यादा रकम देकर बाहर जाकर जांच करानी पड़ रही है।
कुशीनगर जिले के पिछड़े क्षेत्रों में शामिल खड्डा ब्लाॅक के तुर्कहा गांव में 137 लाख रुपये की लागत से 30 बेड का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनाया गया। दो फरवरी 2009 से संचालित इस अस्पताल पर करीब एक लाख लोगों के को स्वास्थ्य सेवा देने की जिम्मेदारी है। प्रतिदिन 200 से ज्यादा मरीज यहां सिर्फ जांच के लिए पहुंचते हैं। आधुनिक व सुलभ इलाज के नाम पर हेल्थ एटीएम लगाया गया है, लेकिन प्रशिक्षित ऑपरेटर और रिएजेंट न होने से मशीन से जांच की सुविधा शुरू ही नहीं की जा सकी। ग्रामीणों का कहना है कि अगर यह मशीन शुरू हो जाए तो लोगों के शुगर, ब्लड प्रेशर, बुखार, ऑक्सीजन, वजन सहित तमाम तरह की जांच पलक झपकते हो जाएंगी और उनका समय से इलाज भी शुरू हो सकेगा। मगर मशीनों के न चलने से लोगों को बाहर जाकर मोटी रकम खर्च कर जांच करानी पड़ रही है। वहीं कई बार जांच रिपोर्ट आने तक इलाज शुरू नहीं हो पाता है, जिससे उनका मर्ज बढ़ जाता है। लोगों का कहना है कि सरकार ने इस पर लाखों रुपये खर्च किए हैं, महज ऑपरेट और रिएजेंट की वजह से इन लाखों रुपयों को यूं ही बर्बाद नहीं करना चाहिए।
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- रिएजेंट न होने से बेकार पड़ी है सेलेक्ट्रा मशीन

इसी तरह लैब में अत्याधुनिक जांच मशीन सेलेक्ट्रा मशीन मंगाई गई है, लेकिन यह रिएजेंट न आने से यह बेकार पड़ी है। अगर यह काम करता तो एक घंटे में करीब 180 लोगों के खून की जांच हो जाती। इतना ही नहीं इससे शुगर, लिवर, किडनी, अर्थराइटिस, सोडियम, पोटेशियम, क्लोराइड, बाइकार्बोनेट, क्रिएटिनिन, ब्लड यूरिया, नाइट्रोजन, प्रोटिन, एल्बुमिन, बिलीरुबिन, कोलेस्ट्रॉल, टीजी, यूरिक एसिड आदि की सटीक जांच होती।
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- ऑपरेशन थियेटर भी है निष्क्रिय
ऑपरेशन से प्रसव की सुविधा के लिए अस्पताल में ऑपरेशन थियेटर बनाया गया है। इसके लिए कीमती उपकरण भी मंगाए गए हैं। उद्घाटन के समय एक-दो ऑपरेशन भी किए गए। लेकिन सर्जन, महिला डाॅक्टर, एनेस्थिसिया के विशेषज्ञ डाॅक्टर न होने से सब उपकरण एक वर्ष से ज्यादा समय से बेकार पड़े हैं। मजबूरी में लोगों को प्राइवेट अस्पतालाें में जाना पड़ रहा है। ऐसे और भी तमाम उपकरण हैं जो खरीद लिए गए परंतु किसी न किसी कारण से निष्क्रिय पड़े हैं।
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जरूरत के अनुसार उपकरण ऊपरी स्तर से उपलब्ध कराया जाता है। जो संचालित नहीं हो रहे हैं उसके लिए जरूरी सामग्री या ऑपरेटर के लिए पत्राचार किया जाएगा।
- डाॅ. पीएन गुप्ता, प्रभारी चिकित्साधिकारी
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