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Kushinagar News: डोल मेले में नियमों की अनदेखी, तेज आवाज में डीजे बजाने पर 10 पर केस
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कसया। डोल मेले में डीजे की तेज आवाज और उसके पीछे उमड़ी भीड़ से यातायात व्यवस्था प्रभावित होने पर पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है। कसया पुलिस ने 10 डीजे संचालकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस का आरोप है कि निर्धारित सीमा में आवाज रखने और यातायात बाधित नहीं करने के निर्देश के बावजूद डीजे संचालकों ने तेज आवाज में संगीत बजाना जारी रखा। पुलिस ने मौके के फोटो और वीडियो के आधार पर कार्रवाई की है।
पुलिस के अनुसार, आठ सितंबर को डोल मेले के दौरान हाईवे चौकी प्रभारी राहुल कुमार सिंह पुलिस टीम के साथ दीवानी कचहरी से बस स्टैंड के बीच भ्रमण कर रहे थे। इसी दौरान रास्ते में तेज आवाज में 10 डीजे बजते मिले। डीजे लदे ट्रॉलियों पर नर्तकियां नृत्य कर रही थीं और उनके पीछे बड़ी संख्या में लोग नाचते-गाते चल रहे थे। इससे दीवानी कचहरी से गांधी चौक और बस स्टैंड रोड पर जाम की स्थिति बन गई।
पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर डीजे संचालकों को आवाज निर्धारित सीमा में रखने और यातायात व्यवस्था प्रभावित न करने की हिदायत दी। आरोप है कि इसके बाद भी डीजे की आवाज कम नहीं की गई। पुलिस ने मौके की फोटो और वीडियो तैयार की। इसके आधार पर रविवार शाम प्राथमिकी दर्ज की गई। पुलिस के अनुसार, रायल डीजे के सतीश निषाद निवासी महुआ उर्फ कटैया, राज डीजे के राज गौतम निवासी निचलौल जिगनहवा, हीरो डीजे के मंटू गौड़ निवासी धुरियाकोट, डीके डीजे के दिनेश निवासी फुलवरिया कुर्मी टोला पर कार्रवाई की गई है।
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इनके अलावा कृष्णा साउंड के कृष्णा निवासी फुटहवा इनार, राय डीजे ऑडियो के राजू राय निवासी दुदही, मद्धेशिया डीजे किंग के प्रेम मद्धेशिया निवासी सुकरौली बाजार, मोहित गिरी निवासी पिपराइच, अमन डीजे के अमन कुमार निवासी लम्बनिया चौराहा और डीजे सचिन हेतिमपुर के सचिन साहनी के खिलाफ कार्रवाई की गई है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण संबंधी प्रावधानों और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया है। एसओ इत्यानंद पांडेय ने बताया कि सार्वजनिक स्थान पर तेज आवाज में डीजे बजाने और यातायात व्यवस्था बाधित करने के मामले में 10 संचालकों पर मुकदमा दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।
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ध्वनि और यातायात व्यवस्था का रखा जाए ध्यान
डोल मेले और धार्मिक आयोजनों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और स्थानीय लोग पहुंचते हैं। ऐसे में तेज आवाज और सड़क पर बढ़ती भीड़ से बुजुर्गों, बच्चों, दुकानदारों और राहगीरों को परेशानी होती है। मेले में तेज आवाज से आसपास के लोगों को परेशानी होती है। -अमरनाथ जायसवाल, सभासद।
ध्वनि की निर्धारित सीमा का पालन कराया जाना चाहिए। डीजे ट्रॉलियों के पीछे भीड़ चलने से कई बार आवागमन भी बाधित हो जाता है। मेले के दौरान यातायात व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। -अखंड प्रताप सिंह, शहरवासी।
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धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों की गरिमा बनाए रखने के साथ ध्वनि प्रदूषण के नियमों का पालन भी जरूरी है। आयोजकों और डीजे संचालकों को पहले से स्पष्ट निर्देश दिए जाने चाहिए। - राजेश सिंह, शहरवासी।
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मेले में पुलिस की मौजूदगी जरूरी है लेकिन डीजे संचालकों को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए। तेज आवाज और सड़क पर भीड़ बढ़ने से आपात स्थिति में एंबुलेंस समेत अन्य वाहनों के निकलने में परेशानी हो सकती है। - राजेश मद्धेशिया, सभासद।
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पुलिस के अनुसार, आठ सितंबर को डोल मेले के दौरान हाईवे चौकी प्रभारी राहुल कुमार सिंह पुलिस टीम के साथ दीवानी कचहरी से बस स्टैंड के बीच भ्रमण कर रहे थे। इसी दौरान रास्ते में तेज आवाज में 10 डीजे बजते मिले। डीजे लदे ट्रॉलियों पर नर्तकियां नृत्य कर रही थीं और उनके पीछे बड़ी संख्या में लोग नाचते-गाते चल रहे थे। इससे दीवानी कचहरी से गांधी चौक और बस स्टैंड रोड पर जाम की स्थिति बन गई।
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पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर डीजे संचालकों को आवाज निर्धारित सीमा में रखने और यातायात व्यवस्था प्रभावित न करने की हिदायत दी। आरोप है कि इसके बाद भी डीजे की आवाज कम नहीं की गई। पुलिस ने मौके की फोटो और वीडियो तैयार की। इसके आधार पर रविवार शाम प्राथमिकी दर्ज की गई। पुलिस के अनुसार, रायल डीजे के सतीश निषाद निवासी महुआ उर्फ कटैया, राज डीजे के राज गौतम निवासी निचलौल जिगनहवा, हीरो डीजे के मंटू गौड़ निवासी धुरियाकोट, डीके डीजे के दिनेश निवासी फुलवरिया कुर्मी टोला पर कार्रवाई की गई है।
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इनके अलावा कृष्णा साउंड के कृष्णा निवासी फुटहवा इनार, राय डीजे ऑडियो के राजू राय निवासी दुदही, मद्धेशिया डीजे किंग के प्रेम मद्धेशिया निवासी सुकरौली बाजार, मोहित गिरी निवासी पिपराइच, अमन डीजे के अमन कुमार निवासी लम्बनिया चौराहा और डीजे सचिन हेतिमपुर के सचिन साहनी के खिलाफ कार्रवाई की गई है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण संबंधी प्रावधानों और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया है। एसओ इत्यानंद पांडेय ने बताया कि सार्वजनिक स्थान पर तेज आवाज में डीजे बजाने और यातायात व्यवस्था बाधित करने के मामले में 10 संचालकों पर मुकदमा दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।
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ध्वनि और यातायात व्यवस्था का रखा जाए ध्यान
डोल मेले और धार्मिक आयोजनों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और स्थानीय लोग पहुंचते हैं। ऐसे में तेज आवाज और सड़क पर बढ़ती भीड़ से बुजुर्गों, बच्चों, दुकानदारों और राहगीरों को परेशानी होती है। मेले में तेज आवाज से आसपास के लोगों को परेशानी होती है। -अमरनाथ जायसवाल, सभासद।
ध्वनि की निर्धारित सीमा का पालन कराया जाना चाहिए। डीजे ट्रॉलियों के पीछे भीड़ चलने से कई बार आवागमन भी बाधित हो जाता है। मेले के दौरान यातायात व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। -अखंड प्रताप सिंह, शहरवासी।
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धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों की गरिमा बनाए रखने के साथ ध्वनि प्रदूषण के नियमों का पालन भी जरूरी है। आयोजकों और डीजे संचालकों को पहले से स्पष्ट निर्देश दिए जाने चाहिए। - राजेश सिंह, शहरवासी।
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मेले में पुलिस की मौजूदगी जरूरी है लेकिन डीजे संचालकों को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए। तेज आवाज और सड़क पर भीड़ बढ़ने से आपात स्थिति में एंबुलेंस समेत अन्य वाहनों के निकलने में परेशानी हो सकती है। - राजेश मद्धेशिया, सभासद।