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एक साल में डेढ़ गुना बढ़ी रसोई गैस व खाद्य तेल की कीमत
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किराना की दुकान में सामान देखते ग्राहक।
- फोटो : KUSHINAGAR
एक साल में डेढ़ गुना बढ़ीं रसोई गैस व खाद्य तेल की कीमतें
पडरौना। बढ़ती महंगाई का असर इस बार के होली के त्योहार पर दिखेगा। पिछले मार्च के मुकाबले इस साल मार्च तक प्रमुख वस्तुओं की कीमतें डेढ़ गुना तक बढ़ चुकी हैं। रसोई गैस सिलिंडर पिछले साल 650 रुपये का था, जो इस बार 920 रुपये का हो चुका है। सरसों का तेल 80 रुपये से बढ़कर 140 रुपये और रिफाइन तेल में भी पिछले वर्ष के मुकाबले इस वर्ष करीब डेढ़ गुना तक बढ़ चुका है। हालांकि सूची, मैदा समेत सूखा फलों की कीमत सामान्य बनी हुई है।
कोरोना संक्रमण की वजह से कई लोग नौकरी गवां चुके हैं। कई लोगों की आर्थिक स्थित डगमगा गई है। होली के त्योहार पर लोग घरों में तरह-तरह के पकवान बनाते हैं। इसे बनाने में सूजी, मैदा, चीनी, सूखा फल, रिफाइन तेल आदि सामान प्रयुक्त होते हैं। सरसों तेल, रिफाइन और रसोई गैस की कीमतों में करीब डेढ़ गुने की बढ़ोत्तरी हुई है। किराना कारोबारी मनोज जायसवाल ने बताया कि सूजी, मैदा, बेसन और सूखे फलों के दाम तो पिछले वर्ष के मुकाबले बहुत अधिक नहीं बढ़े हैं, लेकिन सरसों तेल, रिफाइन तेल की कीमत करीब डेढ़ गुना बढ़ गया है।
किराना कारोबारी अजय शर्मा ने बताया कि महंगाई का असर अब बाजार पर पड़ने लगा है। महंगाई के चलते लोग सामान खरीदने में जरूरत और जेब का ध्यान अधिक रख रहे हैं। राजेश अग्रवाल का कहना है कि महंगाई बढ़ने का असर व्यापार पर पड़ता है। होली-दीपावली पर बाजार में खरीदार बढ़ते हैं, लेकिन इस बार खाद्य तेल और अन्य खाद्य पदार्थों की बढ़ी कीमत का असर दिख रहा है। मिठाई विक्रेता विजय कुमार मद्घेशिया ने बताया कि पिछले वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष खोआ करीब 100 रुपये महंगा हुआ है। होली के त्योहार को देखते हुए लोग करीब एक माह पहले से खोआ के लिए आर्डर देते थे। इस वर्ष अब तक किसी ने भी आर्डर नहीं दिया है।
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सामान वर्ष 2020 का मूल्य वर्ष 2021 का मूल्य
रिफाइन 85 रुपया 145 रुपया
सरसो का तेल 90 रुपया 130 रुपया
रसोई गैस 650 रुपया 920 रुपया
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पडरौना। बढ़ती महंगाई का असर इस बार के होली के त्योहार पर दिखेगा। पिछले मार्च के मुकाबले इस साल मार्च तक प्रमुख वस्तुओं की कीमतें डेढ़ गुना तक बढ़ चुकी हैं। रसोई गैस सिलिंडर पिछले साल 650 रुपये का था, जो इस बार 920 रुपये का हो चुका है। सरसों का तेल 80 रुपये से बढ़कर 140 रुपये और रिफाइन तेल में भी पिछले वर्ष के मुकाबले इस वर्ष करीब डेढ़ गुना तक बढ़ चुका है। हालांकि सूची, मैदा समेत सूखा फलों की कीमत सामान्य बनी हुई है।
कोरोना संक्रमण की वजह से कई लोग नौकरी गवां चुके हैं। कई लोगों की आर्थिक स्थित डगमगा गई है। होली के त्योहार पर लोग घरों में तरह-तरह के पकवान बनाते हैं। इसे बनाने में सूजी, मैदा, चीनी, सूखा फल, रिफाइन तेल आदि सामान प्रयुक्त होते हैं। सरसों तेल, रिफाइन और रसोई गैस की कीमतों में करीब डेढ़ गुने की बढ़ोत्तरी हुई है। किराना कारोबारी मनोज जायसवाल ने बताया कि सूजी, मैदा, बेसन और सूखे फलों के दाम तो पिछले वर्ष के मुकाबले बहुत अधिक नहीं बढ़े हैं, लेकिन सरसों तेल, रिफाइन तेल की कीमत करीब डेढ़ गुना बढ़ गया है।
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किराना कारोबारी अजय शर्मा ने बताया कि महंगाई का असर अब बाजार पर पड़ने लगा है। महंगाई के चलते लोग सामान खरीदने में जरूरत और जेब का ध्यान अधिक रख रहे हैं। राजेश अग्रवाल का कहना है कि महंगाई बढ़ने का असर व्यापार पर पड़ता है। होली-दीपावली पर बाजार में खरीदार बढ़ते हैं, लेकिन इस बार खाद्य तेल और अन्य खाद्य पदार्थों की बढ़ी कीमत का असर दिख रहा है। मिठाई विक्रेता विजय कुमार मद्घेशिया ने बताया कि पिछले वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष खोआ करीब 100 रुपये महंगा हुआ है। होली के त्योहार को देखते हुए लोग करीब एक माह पहले से खोआ के लिए आर्डर देते थे। इस वर्ष अब तक किसी ने भी आर्डर नहीं दिया है।
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सामान वर्ष 2020 का मूल्य वर्ष 2021 का मूल्य
रिफाइन 85 रुपया 145 रुपया
सरसो का तेल 90 रुपया 130 रुपया
रसोई गैस 650 रुपया 920 रुपया