{"_id":"698e35e1de6d3e82c90356e8","slug":"kisan-sabha-submitted-a-memorandum-regarding-eight-point-demands-including-withdrawal-of-four-labor-code-laws-kushinagar-news-c-205-1-ksh1006-154579-2026-02-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kushinagar News: चार श्रम संहिता कानून वापस लेने सहित आठ सूत्रीय मांगों को लेकर किसान सभा ने सौंपा ज्ञापन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kushinagar News: चार श्रम संहिता कानून वापस लेने सहित आठ सूत्रीय मांगों को लेकर किसान सभा ने सौंपा ज्ञापन
Fri, 13 Feb 2026 01:49 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Fri, 13 Feb 2026 01:49 AM IST
विज्ञापन
कसया। उत्तर प्रदेश किसान सभा जिला कमेटी कुशीनगर ने बृहस्पतिवार को राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एसडीएम कसया डॉ संतराज सिंह बघेल को सौंपा। ज्ञापन में केंद्र व प्रदेश सरकार पर मजदूरों और किसानों के हितों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए विभिन्न मांगों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की गई। ज्ञापन में कहा गया है कि सरकार द्वारा श्रम कानूनों में किए गए बदलाव से मजदूरों के अधिकार कमजोर हो रहे हैं तथा सरकारी संस्थानों के निजीकरण की प्रक्रिया तेज की जा रही है। किसान सभा ने आरोप लगाया कि बिजली, रेलवे, बीमा सहित अन्य सरकारी संस्थानों के निजीकरण से आम जनता प्रभावित होगी। साथ ही खेती-किसानी से जुड़े मुद्दों पर ठोस निर्णय न होने से किसानों में असंतोष है।
किसान सभा ने अपनी प्रमुख मांगों में चारों श्रम संहिता कानूनों को वापस लेने, बिजली, रेलवे, बीमा सहित सभी सरकारी संस्थानों के निजीकरण पर रोक लगाने, स्मार्ट मीटर लगाने का फैसला वापस लेने व 300 यूनिट बिजली मुफ्त देने, फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी लागू करने की मांग की है।
इसके अलावा मनरेगा को मजबूत कर 200 दिन काम की गारंटी देने, किसानों व मजदूरों के कर्ज माफी और 5000 रुपये मासिक पेंशन सुनिश्चित करने, बीमा दावों का 100 प्रतिशत भुगतान और सरकारी विभागों में रिक्त पदों की शीघ्र भर्ती करने की भी मांग की गई है।
विज्ञापन
किसान सभा के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन तेज किया जाएगा। इस दौरान अयोध्या लाल श्रीवास्तव, वीपी गुप्ता, जवाहर शर्मा, कैलाश गिरि, राजेंद्र सिंह, दुर्गा प्रसाद यादव, गेंदा सिंह, रामनरेश यादव, रमेश्वर सिंह , होसिल, महमूद आदि कार्यकर्ता मौजूद रहे।
विज्ञापन
किसान सभा ने अपनी प्रमुख मांगों में चारों श्रम संहिता कानूनों को वापस लेने, बिजली, रेलवे, बीमा सहित सभी सरकारी संस्थानों के निजीकरण पर रोक लगाने, स्मार्ट मीटर लगाने का फैसला वापस लेने व 300 यूनिट बिजली मुफ्त देने, फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी लागू करने की मांग की है।
विज्ञापन
इसके अलावा मनरेगा को मजबूत कर 200 दिन काम की गारंटी देने, किसानों व मजदूरों के कर्ज माफी और 5000 रुपये मासिक पेंशन सुनिश्चित करने, बीमा दावों का 100 प्रतिशत भुगतान और सरकारी विभागों में रिक्त पदों की शीघ्र भर्ती करने की भी मांग की गई है।
विज्ञापन
किसान सभा के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन तेज किया जाएगा। इस दौरान अयोध्या लाल श्रीवास्तव, वीपी गुप्ता, जवाहर शर्मा, कैलाश गिरि, राजेंद्र सिंह, दुर्गा प्रसाद यादव, गेंदा सिंह, रामनरेश यादव, रमेश्वर सिंह , होसिल, महमूद आदि कार्यकर्ता मौजूद रहे।