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Kushinagar News: कोशी भराई के दिन भोज के लिए बन रही थी खीर
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- छठ पूजा के अवसर पर आयोजित था गांव में भंडारा
- रामपुर बगहां के ओझा टोला में सोमवार रात हुए हादसे में मासूम की हुई थी मौत
- रामपुर बगहां गांव के ओझा टोला में खीर में गिरकर काव्या की हुई मौत का मामला
- बाबा के साथ गई पड़ोसी के घर गई थी काव्या
रामकोला। सुख समृद्धि और संतान की लंबी उम्र की कामना के लिए माताएं निर्जला छठ व्रत रखी थी। इस पर्व पर रामपुर बगहा के ओझा टोला निवासी अशोक यादव के घर पर कोशी भराई पर भंडारे का आयोजन था। इस भंडारे में सहयोग करने गए पड़ोसी राहुल ओझा की पांच साल की बेटी काव्या खीर के हांडे में गिर गई। हादसे में उसकी मौत हो गई। हादसा होने के बाद पूरे गांव की खुशियां मातम में बदल गई।
अशोक यादव के परिवार में छठ पर कोशी भरी जानी थी। इस अवसर पर पूरे गांव को भोज पर बुलाया था। भोज के लिए सोमवार को दोपहर से ही खीर, पूड़ी व सब्जी बनाई जा रही थी। शाम को राहुल ओझा की बेटी काव्या अपने बाबा प्रेम सागर के पास जा रही थी। इसी समय हादसा हो गया। हादसा होते ही वहां अफरा-तफरी मच गई। टोले के लोग बच्ची को लेकर अस्पताल भागे। जिला अस्पताल से देर रात को काव्या की मौत की सूचना गांव पहुंची तो कोहराम मच गया। छोटा भाई जहां पांच वर्षीय काव्या को खोज रहा है, तो उसकी मां और बाबा के आंसू नहीं रुक रहे हैं।
अशोक के बच्चों के साथ खेल रही थी काव्या
बड़े बुजुर्ग जहां भंडारे की तैयारी में जुटे थे। वहीं बच्चे भी एक दूसरे के साथ खेल रहे थे। पास के घर में आयोजन होने के कारण काव्या तैयार होकर गई थी। वहां अशोक के बेटे व उनके परिवार के अन्य बच्चों के साथ वह छत पर खेल रही थी। सीढ़ी से नीचे उतरते समय उसका पैर चूल्हे पर चढ़े खीर के हांडे से छू गया। पैर जला तो छटपटाकर भागने का प्रयास किया। इसी प्रयास में वह लड़खड़ाकर हांडे में गिर गई। मासूम बेटी की मौत की खबर सुनते ही मां बेसुध होकर गिर गई। वहीं पिता राहुल ओझा के आंख से आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहा था। साढ़े तीन साल के छोटे भाई प्रिंस की आंखे काव्या को तलाश रही थी। रात में उसने कई बार काव्या को तलाशते हुए दीदी-दीदी की आवाज लगाई। उसकी मासूम आवाज सुनकर गांव वालों के आंख में आंसू आ गए।
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- रामपुर बगहां के ओझा टोला में सोमवार रात हुए हादसे में मासूम की हुई थी मौत
- रामपुर बगहां गांव के ओझा टोला में खीर में गिरकर काव्या की हुई मौत का मामला
- बाबा के साथ गई पड़ोसी के घर गई थी काव्या
रामकोला। सुख समृद्धि और संतान की लंबी उम्र की कामना के लिए माताएं निर्जला छठ व्रत रखी थी। इस पर्व पर रामपुर बगहा के ओझा टोला निवासी अशोक यादव के घर पर कोशी भराई पर भंडारे का आयोजन था। इस भंडारे में सहयोग करने गए पड़ोसी राहुल ओझा की पांच साल की बेटी काव्या खीर के हांडे में गिर गई। हादसे में उसकी मौत हो गई। हादसा होने के बाद पूरे गांव की खुशियां मातम में बदल गई।
अशोक यादव के परिवार में छठ पर कोशी भरी जानी थी। इस अवसर पर पूरे गांव को भोज पर बुलाया था। भोज के लिए सोमवार को दोपहर से ही खीर, पूड़ी व सब्जी बनाई जा रही थी। शाम को राहुल ओझा की बेटी काव्या अपने बाबा प्रेम सागर के पास जा रही थी। इसी समय हादसा हो गया। हादसा होते ही वहां अफरा-तफरी मच गई। टोले के लोग बच्ची को लेकर अस्पताल भागे। जिला अस्पताल से देर रात को काव्या की मौत की सूचना गांव पहुंची तो कोहराम मच गया। छोटा भाई जहां पांच वर्षीय काव्या को खोज रहा है, तो उसकी मां और बाबा के आंसू नहीं रुक रहे हैं।
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अशोक के बच्चों के साथ खेल रही थी काव्या
बड़े बुजुर्ग जहां भंडारे की तैयारी में जुटे थे। वहीं बच्चे भी एक दूसरे के साथ खेल रहे थे। पास के घर में आयोजन होने के कारण काव्या तैयार होकर गई थी। वहां अशोक के बेटे व उनके परिवार के अन्य बच्चों के साथ वह छत पर खेल रही थी। सीढ़ी से नीचे उतरते समय उसका पैर चूल्हे पर चढ़े खीर के हांडे से छू गया। पैर जला तो छटपटाकर भागने का प्रयास किया। इसी प्रयास में वह लड़खड़ाकर हांडे में गिर गई। मासूम बेटी की मौत की खबर सुनते ही मां बेसुध होकर गिर गई। वहीं पिता राहुल ओझा के आंख से आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहा था। साढ़े तीन साल के छोटे भाई प्रिंस की आंखे काव्या को तलाश रही थी। रात में उसने कई बार काव्या को तलाशते हुए दीदी-दीदी की आवाज लगाई। उसकी मासूम आवाज सुनकर गांव वालों के आंख में आंसू आ गए।
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