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Kushinagar News: रेस्क्यू के बाद पिंजरे में बंद सियार की मौत
Fri, 27 Dec 2024 12:21 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Fri, 27 Dec 2024 12:21 AM IST
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मंसाछापर। जटहा बाजार थाना क्षेत्र के कंठी छपरा गांव से बुधवार की देर शाम को पांच घंटे के बाद रेस्क्यू किए गए पागल सियार की मौत हो गई। पिंजरे में कैद कर वन विभाग ने पिंजरे को खुले आसमान तले रख दिया गया था। वनकर्मी उसे छोड़कर चले गए, सुबह देखा तो सियार पिंजरे में मरा पड़ा है।
वन विभाग ने पोस्टमाॅर्टम कराने के लिए जिला पशु चिकित्सा अधिकारी को पत्र लिखा है। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की वजह स्पष्ट होगी। वहीं सियार के हमले से घायल अकबर को अस्पताल से छुट्टी मिल गई है।
कंठी छपरा गांव के जमुआन में बुधवार को दिन में करीब तीन बजे अकबर अंसारी के घर में एक पागल सियार घुस गया। उनपर हमला कर जख्मी कर दिया। किसी तरह अकबर जान बचाकर घर से भागे और दरवाजा बंद कर दिया। शोर मचाने पर गांव वालों की भीड़ जुट गई और वन विभाग की टीम और पुलिस भी आ गई। वन विभाग के अनुसार घर में घुसकर हमला करने वाला सियार पागल था। इसे पकड़ने के लिए वन विभाग ने पिंजरा मंगाया और करीब पांच घंटे पकड़ने में सफलता मिली।
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वन विभाग सियार को अपने साथ इलाज कराने की बात कह कर ले गया और भरवलिया पौधशाला में बंद पिंजरे में रख दिया। बृहस्पतिवार को सुबह वनकर्मियों ने देख लेकिन देर रात को उसकी मौत। वन विभाग पशु विभाग को इसकी सूचना पोस्टमाॅर्टम कराने के लिए दी। हालांकि, शाम तक पोस्टमाॅर्टम शुरू नहीं हो सका था। पागल सियार की मौत किस कारण हुई, इसका पता मौत के बाद ही चल सकेगा। उधर, इलाज के बाद देर रात को अकबर को मेडिकल कॉलेज से डॉक्टरों ने घर वापस भेज दिया।
एसडीओ सत्येंद्र सिंह ने बताया कि सुरक्षित पकड़कर सियार को लाया गया था, अगले दिन उसके इलाज कराना था, लेकिन पिंजरे में मौत हो गई।
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वन विभाग ने पोस्टमाॅर्टम कराने के लिए जिला पशु चिकित्सा अधिकारी को पत्र लिखा है। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की वजह स्पष्ट होगी। वहीं सियार के हमले से घायल अकबर को अस्पताल से छुट्टी मिल गई है।
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कंठी छपरा गांव के जमुआन में बुधवार को दिन में करीब तीन बजे अकबर अंसारी के घर में एक पागल सियार घुस गया। उनपर हमला कर जख्मी कर दिया। किसी तरह अकबर जान बचाकर घर से भागे और दरवाजा बंद कर दिया। शोर मचाने पर गांव वालों की भीड़ जुट गई और वन विभाग की टीम और पुलिस भी आ गई। वन विभाग के अनुसार घर में घुसकर हमला करने वाला सियार पागल था। इसे पकड़ने के लिए वन विभाग ने पिंजरा मंगाया और करीब पांच घंटे पकड़ने में सफलता मिली।
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वन विभाग सियार को अपने साथ इलाज कराने की बात कह कर ले गया और भरवलिया पौधशाला में बंद पिंजरे में रख दिया। बृहस्पतिवार को सुबह वनकर्मियों ने देख लेकिन देर रात को उसकी मौत। वन विभाग पशु विभाग को इसकी सूचना पोस्टमाॅर्टम कराने के लिए दी। हालांकि, शाम तक पोस्टमाॅर्टम शुरू नहीं हो सका था। पागल सियार की मौत किस कारण हुई, इसका पता मौत के बाद ही चल सकेगा। उधर, इलाज के बाद देर रात को अकबर को मेडिकल कॉलेज से डॉक्टरों ने घर वापस भेज दिया।
एसडीओ सत्येंद्र सिंह ने बताया कि सुरक्षित पकड़कर सियार को लाया गया था, अगले दिन उसके इलाज कराना था, लेकिन पिंजरे में मौत हो गई।