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देवी मंदिरा में दिन भर चला हवन-पूजन का दौर, लगा मेला
कुशीनगर (ब्यूरो)
Updated Thu, 06 Apr 2017 12:15 AM IST
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दिन भर चला हवन-पूजन का दौर
- फोटो : अमर उजाला
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पडरौना।रामनवमी के अवसर पर बुधवार को जिले भर में दुर्गा मंदिर परिसरों में मेला लगा रहा। धर्मसमधा, खन्हवार और कुलकुला देवी स्थान के अलावा सीमावर्ती बिहार प्रांत की मदनपुर देवी मंदिर में भोर से ही श्रद्धालुओं की भीड़ लग गई थी। कई जगह श्रद्धालुओं ने मन्नत पूरी होने पर बकरों की बलि चढ़ाई। सभी दुर्गा मंदिरों व गांवों के कोट स्थान पर सुबह से ही महिलाओं ने हलुआ-पूड़ी की कड़ाही चढ़ाई।
बुधवार को चैत्र नवरात्र का अंतिम दिन था। मंगलवार की देर रात घरों में महिलाओं ने निशा पूजा के बाद कड़ाही चढ़ाई। बुधवार को भोर में ही श्रद्धालु देवी मंदिरों में पहुंचने लगे। पडरौना नगर के दुर्गा मंदिर तथा नगर से सटे खिरकिया व लखरांव मंदिर में भारी भीड़ लगी थी। नगर के गायत्री मंदिर परिसर में सुबह से ही हवन के लिए भीड़ लगी थी। यहां पूरे दिन हवन-पूजन व कन्याओं को भोजन कराने का सिलसिला चलता रहा। लोगों ने अपने घरों में भी हवन-पूजन के बाद कन्याओं को भोजन कराया और दक्षिणा देकर आशीर्वाद लिया। इसके अलावा रामकोला क्षेत्र के धर्मसमधा, कसया क्षेत्र के मैनपुर कोट तथा कुलकुला देवी स्थान और कुबेरस्थान क्षेत्र के खन्हवार देवी मंदिर पर भी भीड़ थी। श्रद्धालु महिलाओं ने दर्शन-पूजन के बाद देवी को हलुआ-पूड़ी की कड़ाही चढ़ाई और प्रसाद ग्रहण किया। सभी गांवों में भी काली माता स्थान व कोट देवी स्थान पर सुबह से ही दर्शन-पूजन व कड़ाही चढ़ाने का सिलसिला शुरू हो गया था।
लखरांव मंदिर परिसर से दोपहर बाद शोभा यात्रा निकाली गई। यह शोभा यात्रा पडरौना नगर के मुख्य मार्गों से होते हुए वापस मंदिर परिसर पहुंची। शोभा यात्रा का शहर में जगह-जगह स्वागत हुआ। मारवाड़ी समाज की महिलाओं ने शोभा यात्रा में शामिल पालकी तक जाकर देवी-देवताओं की पूजा की। रामकोला प्रतिनिधि के अनुसार रामनवमी के अवसर पर धर्मसमधा मंदिर में भोर से ही श्रद्धालुओं की भीड़ लगी थी। दर्शन-पूजन के अलावा तमाम लोगों ने हवन भी किया। महिलाओं ने देवी को कड़ाही चढ़ाकर परिवार के सदस्यों की खुशहाली के लिए आशीष मांगा। इस अवसर पर लगे मेले का भी लोगों ने भरपूर आनंद लिया।
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बुधवार को चैत्र नवरात्र का अंतिम दिन था। मंगलवार की देर रात घरों में महिलाओं ने निशा पूजा के बाद कड़ाही चढ़ाई। बुधवार को भोर में ही श्रद्धालु देवी मंदिरों में पहुंचने लगे। पडरौना नगर के दुर्गा मंदिर तथा नगर से सटे खिरकिया व लखरांव मंदिर में भारी भीड़ लगी थी। नगर के गायत्री मंदिर परिसर में सुबह से ही हवन के लिए भीड़ लगी थी। यहां पूरे दिन हवन-पूजन व कन्याओं को भोजन कराने का सिलसिला चलता रहा। लोगों ने अपने घरों में भी हवन-पूजन के बाद कन्याओं को भोजन कराया और दक्षिणा देकर आशीर्वाद लिया। इसके अलावा रामकोला क्षेत्र के धर्मसमधा, कसया क्षेत्र के मैनपुर कोट तथा कुलकुला देवी स्थान और कुबेरस्थान क्षेत्र के खन्हवार देवी मंदिर पर भी भीड़ थी। श्रद्धालु महिलाओं ने दर्शन-पूजन के बाद देवी को हलुआ-पूड़ी की कड़ाही चढ़ाई और प्रसाद ग्रहण किया। सभी गांवों में भी काली माता स्थान व कोट देवी स्थान पर सुबह से ही दर्शन-पूजन व कड़ाही चढ़ाने का सिलसिला शुरू हो गया था।
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लखरांव मंदिर परिसर से दोपहर बाद शोभा यात्रा निकाली गई। यह शोभा यात्रा पडरौना नगर के मुख्य मार्गों से होते हुए वापस मंदिर परिसर पहुंची। शोभा यात्रा का शहर में जगह-जगह स्वागत हुआ। मारवाड़ी समाज की महिलाओं ने शोभा यात्रा में शामिल पालकी तक जाकर देवी-देवताओं की पूजा की। रामकोला प्रतिनिधि के अनुसार रामनवमी के अवसर पर धर्मसमधा मंदिर में भोर से ही श्रद्धालुओं की भीड़ लगी थी। दर्शन-पूजन के अलावा तमाम लोगों ने हवन भी किया। महिलाओं ने देवी को कड़ाही चढ़ाकर परिवार के सदस्यों की खुशहाली के लिए आशीष मांगा। इस अवसर पर लगे मेले का भी लोगों ने भरपूर आनंद लिया।
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