{"_id":"6ab97b7d6c09bd8f340e922a","slug":"increased-pressure-on-checkpoints-surveillance-stepped-up-kushinagar-news-c-205-1-deo1003-168914-2026-09-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kushinagar News: ठोकरों पर बढ़ा दबाव, बढ़ाई गई निगरानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kushinagar News: ठोकरों पर बढ़ा दबाव, बढ़ाई गई निगरानी
विज्ञापन
तमकुहीरोड। गंडक नदी सेवरही क्षेत्र में नरवाजोत से अहिरौलीदा तक बांधों से सटकर बह रही है। जलस्तर बढ़ने से बचाव कार्य बंद हो गया है।
नारायणी नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। यह पिपराघाट, जंगलीपट्टी सहित कई ठोकरों पर तेज धारा से टकरा रही है। इससे बंधों पर पानी का दबाव बढ़ गया है और कई ठोकरें खतरनाक स्थिति में हैं। क्षेत्र के मथुरा सिंह, बाबूलाल निषाद और अन्य ग्रामीणों ने कटान का खतरा बताया। उनका कहना है कि जलस्तर घटने पर ठोकरों पर कटान बढ़ सकता है। बाढ़ खंड के जेई रमेशधर दुबे, सुनील यादव, रामचंद्र प्रसाद, अमर श्रीवास्तव, अजीत सिंह, अभिजित सिंह और राजस्वकर्मी निगरानी कर रहे हैं। बाढ़ खंड सेवरही के एसडीओ दीपरतन सिंह ने खतरे की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि बांध और नदी के डिस्चार्ज पर लगातार नजर रखी जा रही है।
अमवाखास बांध पर दबाव
बरवापट्टी। नारायणी नदी की तेज धारा से अमवाखास बंधे पर दबाव बना है। लक्ष्मीपुर के पास किमी 6.8 और किमी 7.2 पर सर्वाधिक दबाव है। जल डिस्चार्ज बढ़ने पर बंधे और ठोकरों को नुकसान हो सकता है, जिससे हजारों ग्रामीण सहमे हैं। बाढ़ खंड विभाग ने पर्याप्त संसाधनों का दावा करते हुए खतरे से इन्कार किया है। हालांकि, तीन दिनों की भारी वर्षा से रिंग बांध रेन कट के कारण जर्जर हो गया है।
विज्ञापन
नारायणी नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। यह पिपराघाट, जंगलीपट्टी सहित कई ठोकरों पर तेज धारा से टकरा रही है। इससे बंधों पर पानी का दबाव बढ़ गया है और कई ठोकरें खतरनाक स्थिति में हैं। क्षेत्र के मथुरा सिंह, बाबूलाल निषाद और अन्य ग्रामीणों ने कटान का खतरा बताया। उनका कहना है कि जलस्तर घटने पर ठोकरों पर कटान बढ़ सकता है। बाढ़ खंड के जेई रमेशधर दुबे, सुनील यादव, रामचंद्र प्रसाद, अमर श्रीवास्तव, अजीत सिंह, अभिजित सिंह और राजस्वकर्मी निगरानी कर रहे हैं। बाढ़ खंड सेवरही के एसडीओ दीपरतन सिंह ने खतरे की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि बांध और नदी के डिस्चार्ज पर लगातार नजर रखी जा रही है।
अमवाखास बांध पर दबाव
बरवापट्टी। नारायणी नदी की तेज धारा से अमवाखास बंधे पर दबाव बना है। लक्ष्मीपुर के पास किमी 6.8 और किमी 7.2 पर सर्वाधिक दबाव है। जल डिस्चार्ज बढ़ने पर बंधे और ठोकरों को नुकसान हो सकता है, जिससे हजारों ग्रामीण सहमे हैं। बाढ़ खंड विभाग ने पर्याप्त संसाधनों का दावा करते हुए खतरे से इन्कार किया है। हालांकि, तीन दिनों की भारी वर्षा से रिंग बांध रेन कट के कारण जर्जर हो गया है।
विज्ञापन