{"_id":"6ab989ced67dae73c00daf47","slug":"station-house-officers-shos-have-been-assigned-the-responsibility-of-inspecting-school-vehicles-kushinagar-news-c-205-1-ksh1001-168901-2026-09-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kushinagar News: स्कूल वाहनों की जांच की थानेदारों को मिली जिम्मेदारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kushinagar News: स्कूल वाहनों की जांच की थानेदारों को मिली जिम्मेदारी
विज्ञापन
पडरौना। स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर परिवहन विभाग ने स्कूल वाहनों की निगरानी और जांच की जिम्मेदारी थानेदारों को भी दी है। इसके लिए गठित कमेटी में संबंधित क्षेत्र के थानाध्यक्ष को शामिल किया गया है। कमेटी स्कूल बसों और वैन की जांच कर यह सुनिश्चित करेगी कि वाहनों का संचालन निर्धारित मानकों के अनुरूप हो रहा है या नहीं। नियमों की अनदेखी मिलने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
स्कूल वाहनों में क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाने, बिना फिटनेस प्रमाणपत्र के वाहन संचालित करने और सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने की शिकायतें सामने आती रहती हैं। इसे देखते हुए अब जांच व्यवस्था को और प्रभावी बनाया गया है।
गठित कमेटी स्थानीय स्तर पर स्कूल वाहनों की जांच करेगी। इसमें थानाध्यक्ष की मौजूदगी से नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन संचालकों पर कार्रवाई करना आसान होगा।
विज्ञापन
जांच के दौरान बस और अन्य स्कूली वाहनों की फिटनेस, परमिट, चालक का लाइसेंस, निर्धारित क्षमता के अनुसार बच्चों की संख्या समेत सुरक्षा से जुड़े अन्य मानकों की पड़ताल की जाएगी।
खासतौर पर मानक से अधिक बच्चों को बैठाकर चलने वाले वाहनों पर निगरानी रखी जाएगी। बिना फिटनेस के सड़क पर दौड़ रहे वाहनों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। एआरटीओ डॉ. दिलीप गुप्ता ने बताया कि स्कूली बच्चों की सुरक्षा में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कमेटी की जांच में मानक पूरे नहीं करने वाले वाहनों को चिह्नित कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इससे स्कूल प्रबंधन और वाहन संचालकों में भी जिम्मेदारी तय होगी।
विज्ञापन
स्कूल वाहनों में क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाने, बिना फिटनेस प्रमाणपत्र के वाहन संचालित करने और सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने की शिकायतें सामने आती रहती हैं। इसे देखते हुए अब जांच व्यवस्था को और प्रभावी बनाया गया है।
विज्ञापन
गठित कमेटी स्थानीय स्तर पर स्कूल वाहनों की जांच करेगी। इसमें थानाध्यक्ष की मौजूदगी से नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन संचालकों पर कार्रवाई करना आसान होगा।
विज्ञापन
जांच के दौरान बस और अन्य स्कूली वाहनों की फिटनेस, परमिट, चालक का लाइसेंस, निर्धारित क्षमता के अनुसार बच्चों की संख्या समेत सुरक्षा से जुड़े अन्य मानकों की पड़ताल की जाएगी।
खासतौर पर मानक से अधिक बच्चों को बैठाकर चलने वाले वाहनों पर निगरानी रखी जाएगी। बिना फिटनेस के सड़क पर दौड़ रहे वाहनों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। एआरटीओ डॉ. दिलीप गुप्ता ने बताया कि स्कूली बच्चों की सुरक्षा में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कमेटी की जांच में मानक पूरे नहीं करने वाले वाहनों को चिह्नित कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इससे स्कूल प्रबंधन और वाहन संचालकों में भी जिम्मेदारी तय होगी।