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Kushinagar News: गंडक का जलस्तर बढ़ने से पिपराघाट के पास बढ़ा बाढ़ का खतरा

Tue, 15 Aug 2023 12:32 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Tue, 15 Aug 2023 12:32 AM IST
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Increase in water level of Gandak increases the risk of flood near Pipraghat
नदी का डिस्चार्ज 3,14000 क्यूसेक से अधिक दर्ज किया गया
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संवाद न्यूज एजेंसी
तमकुहीरोड। गंडक नदी का डिस्चार्ज सोमवार को 3,14000 क्यूसेक से अधिक दर्ज किया गया। इसका असर तमकुही क्षेत्र में मंगलवार से दिखाई देगा। नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से पिपराघाट के आसपास गांवों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। लोगों ने आशंका जताई है कि बांसी नदी का जलस्तर बढ़ने से कई टोले पानी से घिर जाएगें। यदि सड़कों पर पानी भर गया तो क्षेत्र के कई गांव के लोगों का आवागमन प्रभावित हो सकता है।

पिछले साल जून माह में ही गंडक में साढ़े चार लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ दिया गया था। इससे पिपराघाट के मोतिराय टोला, भंगी टोला, तवकल टोला, देवनारायण टोला, दहारी टोला, हनुमान टोला सहित कई गांवों में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। करीब तीन हजार परिवारों को बाढ़ का कहर झेलना पड़ा था। शिव टोला, इमिलिया टोला, उपाध्याय टोला, चौकी टोला जाने वाली सड़क सहित अन्य कई संपर्क मार्गों पर बाढ़ का पानी भरने से लोगों का आवागमन प्रभावित हो गया था। इस वर्ष भी पिछले सप्ताह गंडक नदी में करीब तीन लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया था, तो पिपराघाट के नदी क्षेत्र में स्थित मोतीराय टोला के दस परिवारों के घर में बाढ़ का पानी घुस गया। इन परिवारों को अपने मवेशियों के साथ बंधे पर शरण लेने पड़ा था। अब दूसरी बार नदी में तीन लाख चौदह हजार क्यूसेक पानी सोमवार को छोड़ा गया है। इससे बांसी नदी में उफान आने की संभावना बढ़ गई है। ऐसे में यदि बांसी नदी का जल स्तर बढ़ता है, तो सभी टोले बाढ़ के पानी से घिर जाएंगे। धान, गन्ना और मक्के की फसलें भी जलमग्न हो सकती है। जिन लोगों के पास मछली पकड़ने अथवा खेती बाड़ी करने के लिए छोटी नाव है, वे उसे दुरुस्त करा लिए हैं। ताकि विपरीत परिस्थिति में भी आवागमन को सुचारू रखा जा सके। जिला पंचायत सदस्य शर्मा यादव, नत्थू गोड़, सुरेंद्र सिंह, प्रहलाद यादव, सरल शर्मा, प्रभुनाथ यादव, पुजारी सिंह आदि का कहना है कि पिपराघाट में बाढ़ की स्थिति गंडक नदी के डिस्चार्ज पर निर्भर करती है। गंडक नदी में पानी अधिक होने पर वह बैक फ्लो होकर बांसी नदी में आ जाता है। इससे पिपराघाट में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। इस संबंध में तहसीलदार मान्धाता प्रताप सिंह ने कहा कि बाढ़ को लेकर मोतीराय टोला और गोलाघाट में नाव की व्यवस्था कर दी गई है। बाढ़ से प्रभावित होने वाले गांवों के राजस्वकर्मियों को सतर्क रहने का निर्देश दिया गया है।
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