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Kushinagar News: 13 मौतों के तीन साल बाद नौरंगिया में पीएचसी की जगी उम्मीद
Wed, 26 Aug 2026 02:27 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Wed, 26 Aug 2026 02:27 AM IST
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पकड़ियार बाजार। नौरंगिया गांव में तीन वर्ष पहले कुएं में गिरकर 13 महिलाओं और बच्चों की मौत के बाद स्वास्थ्य केंद्र की उठी मांग अब पूरी होने वाली है। क्षेत्रीय विधायक विवेकानंद पांडेय की पहल पर शासन ने नौरंगिया में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) के निर्माण को मंजूरी दी है। स्वास्थ्य विभाग को कार्रवाई पूरी कर शासन को प्रस्ताव उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, नौरंगिया और आसपास के गांवों में लंबे समय से प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधा की जरूरत महसूस की जा रही थी। क्षेत्र में हुए हादसों के दौरान भी अस्पताल की दूरी का मुद्दा सामने आता रहा है। ऐसे में नौरंगिया में पीएचसी की स्वीकृति को ग्रामीण स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। क्षेत्र में कुआं हादसे के दौरान घायलों को उपचार के लिए दूर ले जाने की स्थिति सामने आने के बाद स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर आवाज उठाई थी। विधायक विवेकानंद पांडेय ने भी स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना को लेकर शासन स्तर पर लगातार प्रयास किए। अब शासन ने पीएचसी निर्माण के लिए आवश्यक प्रस्ताव उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
मटकोड़ के दौरान हुआ था हादसा
नौरंगिया स्कूल टोला में 17 फरवरी 2022 की रात हुआ कुआं हादसा आज भी ग्रामीणों की जेहन में ताजा है। शादी से पहले मटकोड़ और हल्दी की रस्म के दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे कुएं के आसपास जुटे थे। कुएं के ऊपर बना पुराना स्लैब अधिक भार पड़ने से अचानक टूट गया। स्लैब पर बैठे और उसके आसपास खड़े लोग गहरे कुएं में जा गिरे। हादसे में 13 महिलाओं और बच्चों की मौत हो गई थी। घटना के बाद गांव में मातम पसर गया था। इस दर्दनाक हादसे ने क्षेत्र में स्वास्थ्य और आपातकालीन सुविधाओं की जरूरत को भी उजागर किया था।
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जमीन की तलाश शुरू, मंगलवार को हुआ सत्यापन
-शासन की ओर से पीएचसी निर्माण के लिए भूमि का प्रस्ताव उपलब्ध कराने के निर्देश के बाद मंगलवार को कोटवा सीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. रजनीश श्रीवास्तव ने प्रधान संघ अध्यक्ष संतोष मणि त्रिपाठी के साथ गांव में उपलब्ध भूमि का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि पीएचसी के निर्माण के लिए भूमि का चयन किया जा रहा है। भूमि सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण की दिशा में आगे की कार्रवाई की जाएगी। पीएचसी बनने से नौरंगिया समेत आसपास के ग्रामीणों को सामान्य बीमारी, प्राथमिक उपचार और आपात स्थिति में स्थानीय स्तर पर चिकित्सा सुविधा मिलने की उम्मीद है।
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स्थानीय लोगों के मुताबिक, नौरंगिया और आसपास के गांवों में लंबे समय से प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधा की जरूरत महसूस की जा रही थी। क्षेत्र में हुए हादसों के दौरान भी अस्पताल की दूरी का मुद्दा सामने आता रहा है। ऐसे में नौरंगिया में पीएचसी की स्वीकृति को ग्रामीण स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। क्षेत्र में कुआं हादसे के दौरान घायलों को उपचार के लिए दूर ले जाने की स्थिति सामने आने के बाद स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर आवाज उठाई थी। विधायक विवेकानंद पांडेय ने भी स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना को लेकर शासन स्तर पर लगातार प्रयास किए। अब शासन ने पीएचसी निर्माण के लिए आवश्यक प्रस्ताव उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
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मटकोड़ के दौरान हुआ था हादसा
नौरंगिया स्कूल टोला में 17 फरवरी 2022 की रात हुआ कुआं हादसा आज भी ग्रामीणों की जेहन में ताजा है। शादी से पहले मटकोड़ और हल्दी की रस्म के दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे कुएं के आसपास जुटे थे। कुएं के ऊपर बना पुराना स्लैब अधिक भार पड़ने से अचानक टूट गया। स्लैब पर बैठे और उसके आसपास खड़े लोग गहरे कुएं में जा गिरे। हादसे में 13 महिलाओं और बच्चों की मौत हो गई थी। घटना के बाद गांव में मातम पसर गया था। इस दर्दनाक हादसे ने क्षेत्र में स्वास्थ्य और आपातकालीन सुविधाओं की जरूरत को भी उजागर किया था।
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जमीन की तलाश शुरू, मंगलवार को हुआ सत्यापन
-शासन की ओर से पीएचसी निर्माण के लिए भूमि का प्रस्ताव उपलब्ध कराने के निर्देश के बाद मंगलवार को कोटवा सीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. रजनीश श्रीवास्तव ने प्रधान संघ अध्यक्ष संतोष मणि त्रिपाठी के साथ गांव में उपलब्ध भूमि का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि पीएचसी के निर्माण के लिए भूमि का चयन किया जा रहा है। भूमि सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण की दिशा में आगे की कार्रवाई की जाएगी। पीएचसी बनने से नौरंगिया समेत आसपास के ग्रामीणों को सामान्य बीमारी, प्राथमिक उपचार और आपात स्थिति में स्थानीय स्तर पर चिकित्सा सुविधा मिलने की उम्मीद है।