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Kushinagar News: मजार प्रकरण में नियत प्राधिकारी कोर्ट में नहीं हो सकी सुनवाई
Thu, 11 Dec 2025 11:57 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Thu, 11 Dec 2025 11:57 PM IST
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देवरिया। गोरखपुर रोड ओवरब्रिज के नीचे बनाए गए मजार मामले में बृहस्पतिवार को भी सुनवाई नहीं हो सकी। बिना मानचित्र स्वीकृति के मजार बनाए जाने का आरोप है। इस मामले में विनियमित क्षेत्र नियत प्राधिकारी एसडीएम सदर के कोर्ट में मुकदमा विचाराधीन है।
बिना मानचित्र स्वीकृति के बनाए गए मजार निर्माण मामले में एक दिसंबर को सुनवाई होनी थी, पर एसडीएम सदर के कोर्ट में नहीं बैठने के चलते सुनवाई टल गई।
दो दिसंबर को दोबारा इस मामले में सुनवाई हुई। एसडीएम सदर कोर्ट में बैठीं पर अधिवक्ताओं के शोक प्रस्ताव के चलते सुनवाई टल गई। हालांकि इसमें मजार पक्ष ने अपनी आपत्ति दाखिल कर दिया।
इसके बाद चार दिसंबर को सुनवाई टल गई। 11 दिसंबर बृहस्पतिवार को पुन: डेट लगी। पर नियत प्राधिकारी कोर्ट में एसडीएम सदर नहीं बैठीं।
इसके चलते सुनवाई नहीं हो सकी। अब सुनवाई की नई तारीख 18 दिसंबर को निश्चित हुई है। वहीं आरबीओ जेई अखिलेश ओझा की ओर से कोर्ट को बताया गया है कि मजार के नक्शे का मानचित्र वर्ष 1993 में निरस्त कर दिया गया था। इसके बाद 2022 में दोबारा नक्शा स्वीकृत कराने का आवेदन किया गया था।
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इससे जुड़े एएसडीएम सदर के कोर्ट में भूमि स्वामित्व संबंधी वाद में एएसडीएम ने अवधेश निगम की कोर्ट ने इसे बंजर सरकारी जमीन घोषित कर दिया था। इसके बाद इस जमीन पर सरकार का नाम दर्ज कर दिया गया था।
अब मजार के नक्शा से संबंधित वाद नियत प्राधिकारी के कोर्ट में लंबित है। इस पर दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद निर्णय लिया जाना है। मजार कमेटी के उपाध्यक्ष जलालुद्दीन खान ने बताया कि सुनवाई टल गई है। अब 18 दिसंबर को सुनवाई होगी।
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बिना मानचित्र स्वीकृति के बनाए गए मजार निर्माण मामले में एक दिसंबर को सुनवाई होनी थी, पर एसडीएम सदर के कोर्ट में नहीं बैठने के चलते सुनवाई टल गई।
दो दिसंबर को दोबारा इस मामले में सुनवाई हुई। एसडीएम सदर कोर्ट में बैठीं पर अधिवक्ताओं के शोक प्रस्ताव के चलते सुनवाई टल गई। हालांकि इसमें मजार पक्ष ने अपनी आपत्ति दाखिल कर दिया।
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इसके बाद चार दिसंबर को सुनवाई टल गई। 11 दिसंबर बृहस्पतिवार को पुन: डेट लगी। पर नियत प्राधिकारी कोर्ट में एसडीएम सदर नहीं बैठीं।
इसके चलते सुनवाई नहीं हो सकी। अब सुनवाई की नई तारीख 18 दिसंबर को निश्चित हुई है। वहीं आरबीओ जेई अखिलेश ओझा की ओर से कोर्ट को बताया गया है कि मजार के नक्शे का मानचित्र वर्ष 1993 में निरस्त कर दिया गया था। इसके बाद 2022 में दोबारा नक्शा स्वीकृत कराने का आवेदन किया गया था।
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इससे जुड़े एएसडीएम सदर के कोर्ट में भूमि स्वामित्व संबंधी वाद में एएसडीएम ने अवधेश निगम की कोर्ट ने इसे बंजर सरकारी जमीन घोषित कर दिया था। इसके बाद इस जमीन पर सरकार का नाम दर्ज कर दिया गया था।
अब मजार के नक्शा से संबंधित वाद नियत प्राधिकारी के कोर्ट में लंबित है। इस पर दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद निर्णय लिया जाना है। मजार कमेटी के उपाध्यक्ष जलालुद्दीन खान ने बताया कि सुनवाई टल गई है। अब 18 दिसंबर को सुनवाई होगी।