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Kushinagar News: आसमान में रॉकेट, जमीन पर घुड़सवारी और बोटिंग से विकास की नई इबारत लिखेगी गंडक

Sat, 18 Oct 2025 02:04 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर Updated Sat, 18 Oct 2025 02:04 AM IST
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Gandak will write a new chapter of development with rockets in the sky, horse riding on the ground and boating.
कुशीनगर। दिवाली पर एक ओर जब लोग कागज से बने रॉकेट को उड़ाएंगे तो कुशीनगर में गंडक नदी के किनारे इंस्पेस द्वारा इसरो और एसआई के सहयोग से जंगलीपट्टी गांव में चार दिवसीय मॉडल रॉकेट्री कैनसेट इंडिया छात्र प्रतियोगिता में 60 से 70 मॉडल रॉकेट लांच किए जाएंगे। इस तरह यह दिवाली प्रदेश के लिए विशेष रहेगी।
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इस प्रतियोगिता में शामिल हो रहे छात्र-छात्राओं को किसी तरह की परेशानी और प्रक्षेपण के बाद के खाली समय में उन्हें ऊबन पैदा न हो, इसके लिए जिला प्रशासन और सांसद शशांक मणि की ओर से कुशीनगर की ऐतिहासिकता से रूबरू कराने और विभिन्न तरह की गतिविधियों को भी आयोजित कराए जाने की योजना बनाई गई है। जिसमें छोटी गंडक में बोटिंग की सुविधा, बनरहा स्थित किसान पीजी कॉलेज में पैराग्लाइडिंग और रेत की खाली जमीन में घुड़सवारी की सुविधा देने की तैयारी शुरू हो गई है।
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देश के अलग-अलग प्रदेशों से आने वाले छात्र-छात्राओं के दूरस्थ क्षेत्र में आने के बाद तनिक भी शारीरिक और मानसिक दिक्कत महसूस न हो, इसके लिए आवासीय सुविधा से लेकर उनके खाली समय को भुनाने और किसी भी तरह की परेशानी पर मेडिकल फैसिलिटी उपलब्ध कराने की तैयारी जिला प्रशासन ने शुरू कर दी है। छात्रों के लिए गौरी श्रीराम के एक विद्यालय में ठहराव की व्यवस्था की जा रही है तो छात्राओं को दनियाड़ी के एक विद्यालय में रुकने की व्यवस्था की गई है। वरिष्ठ वैज्ञानिक कुशीनगर और गोरखपुर के अलग-अलग होटलों में ठहरेंगे।
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तमकुही के नारायणी (गंडक) तट के समीप जंगलीपट्टी में इसी माह 27 से 30 अक्तूबर तक मॉडल रॉकेट्री कैनसेट इंडिया छात्र प्रतियोगिता होगी। इसके लिए 700 छात्र-छात्राओं और 200 वैज्ञानिकों की टीम 25 को शाम को ही आ जाएगी। चार दिनों में अलग-अलग टीम अपने कैनसेट को लांच करेंगे। शेड्यूल के मुताबिक अलग-अलग टीम को अलग-अलग दिन मॉडल रॉकेट लांचिंग का मौका दिया जाएगा। ऐसे में बाकी बच्चे, छात्रा-छात्राओं के खाली समय में कुशीनगर की ऐतिहासिकता से रूबरू कराया जाएगा।
बुद्ध की महापरिनिर्वाण स्थली के अलग अलग जगहों पर इन्हें आयोजन समिति की टीम द्वारा भ्रमण कराया जाएगा। कार्यक्रम व्यवस्थापक के रूप में कार्य कर रहे अभिषेक शुक्ला अजीत ने बताया कि छात्र और छात्राओं के लिए अलग अलग जगहों पर ठहराव की व्यवस्था की गई है। जिसमें 500 छात्र गौरी श्रीराम स्थित जगदीश पब्लिक विद्यालय में रहेंगे तो 200 छात्राएं दनियाड़ी स्थित द प्रेसिडेंट स्कूल में ठहरेंगी। इसके अलावा 200 वैज्ञानिक कुशीनगर के अलग-अलग होटल में रहेंगे, जिसके लिए व्यवस्था की गई है।वहीं अलग अलग दिन छात्र छात्राओं के रॉकेट लांचिंग के कारण खाली बैठे छात्र छात्राओं को किसान डिग्री कॉलेज में पैराग्लाइडिंग, छोटी गंडक में नौकायान और घुड़सवारी की व्यवस्था की गई है।

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पूर्वांचल के छठ से भी परिचित होंगे वैज्ञानिक
पूर्वांचल और बिहार का छठ न केवल पूरे भारत में प्रसिद्ध है, बल्कि विदेशों में भी इसकी चमक देखी जाती है। डूबते सूर्य के अर्घ्य और छठ माता के आराधना का यह त्योहार प्रकृति से जुड़ा हुआ है जो बिहार और पूर्वांचल के इलाकों तक सिमटा हुआ है। इस बार छठ के मध्य आयोजित होने वाले मॉडल रॉकेट कैनसेट प्रतियोगिता में आ रहे युवा वैज्ञानिकों को न केवल प्रक्षेपण और लांचिंग गतिविधियों से रूबरू कराया जाएगा, बल्कि महिलाएं किस तरह छठ की आराधना करती हैं। गीतों के बीच छठ घाट पहुंचाती हैं इस संस्कृति से भी युवा अवगत हों इसके लिए डीएम ने कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं।

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नदी में सुरक्षा के लिए तैनात रहेगी एसडीआरएफ



छोटी गंडक में छात्र छात्राओं के लिए नदी में नौकायान की व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए स्थानीय प्रशासन द्वारा सुरक्षा व्यवस्था को लेकर संजीदगी दिखाया गया है। प्रतियोगिता की मॉनिटर कर रहे जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर के निर्देश पर एसडीआरएफ की भी टीम जल में निगरानी करेगी। एसडीआरएफ टीम के साथ उनके ही नाव की व्यवस्था होने से जल में निगरानी कड़ी रहेगी , जिससे छात्र छात्राओं को नौकायन की सुविधा में सुरक्षा दिया जा सकेगा। इसके लिए नोडल बनेगा। वहीं, विकास विभाग विशेषकर मुख्य विकास अधिकारी गुंजन द्विवेदी को डीएम ने निर्देश दिए हैं कि प्रक्षेपण स्थल और दर्शक दीर्घा के बीच कुशीनगर में वर्तमान में कौन कौन से कार्य कराए जा रहे हैं। कुशीनगर की ऐतिहासिकता क्या है। भगवान बुद्ध के विषय में जानने में छात्र छात्राओं के अलावा मेहमानों को आसानी हो इसके लिए अलग अलग स्टॉल लगाए जाएंगे। सीडीओ को यह निर्देश दिया गया है कि अलग अलग विभागों से समन्वय स्थापित कर प्रदर्शनी लगाई जाए जिससे लोग आसानी से कुशीनगर की योजनाओं और यहां की ऐतिहासिकता से रूबरू हो सके।

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स्वास्थ्य विभाग की टीम भी रहेगी मुश्तैद



डीएम महेंद्र सिंह तंवर ने सभी विभागों की कार्ययोजना को उनके हवाले कर दिया है। प्रक्षेपण स्थल से लेकर दर्शक दीर्घा और छात्रा छात्राओं के ठहराव स्थल तक स्वास्थ्य विभाग की टीम रहेगी। डॉक्टर्स की व्यवस्था रहेगी। एम्बुलेंस के साथ डॉक्टर 24 घंटे मौजूद रहेंगे कि अगर अलग राज्यों की मौसम में बदलाव के कारण परेशानी और फूड पॉइजनिंग के अलावा कोई परेशानी हो तो तुरंत समाधान हो। किसी बच्चे को दिक्कत होती है तो कौन सा अस्पताल नजदीक है और कम समय में इलाज कैसे हो यह सब मैपिंग कर सीएमओ को योजना बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
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