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पट्टे की जमीन पर कब्जे के लिए चढ़ गया पेड़ पर
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अमवा दिगर में पट्टे की जमीन पर कब्जा नही मिलने पर पेड़ पर चढ़ा चनेसर।संवाद।
- फोटो : KUSHINAGAR
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पट्टे की जमीन पर कब्जे के लिए चढ़ गया पेड़ पर
2012 में दो डिस्मिल पट्टा की जमीन मिली थी
संवाद न्यूज एजेंसी
बरवापट्टी। थाना क्षेत्र की ग्राम सभा अमवादीगर निवासी 50 वर्षीय एक व्यक्ति बृहस्पतिवार को पेड़ पर चए़ गया। उसका कहना था कि वर्ष 2012 में उसे जमीन का पट्टा मिला था, लेकिन अब तक उस पर कब्जा नहीं मिला है।
इस गांव के चनेसर ने बताया कि उसकी माली हालत खराब होने के चलते वर्ष 2012 में तत्कालीन डीएम रिग्जियान सैंफिल ने दो डिस्मिल जमीन का पट्टा देने का आदेश दिया था। तत्काल प्रभाव से चनेसर को तहसील प्रशासन से पट्टा भी कर दिया, लेकिन नौ वर्षों में भी उसे कब्जा नहीं मिल पाया है। पूरे कुनबे के साथ बंधे पर प्लास्टिक तानकर अपने चार बच्चों और पत्नी कुंती देवी के साथ रहता है। चनेसर अपनी जमीन पर कब्जा पाने के लिए कई आमरण अनशन से लेकर शासन प्रशासन को पत्र भेजता रहा, लेकिन उसकी फरियाद नहीं सुनी गई। वह बृहस्पतिवार को एक पेड़ पर चढ़कर आत्महत्या की धमकी देने लगा। सूचना पाकर मौके पर पहुंचे बरवापट्टी थाने के एसओ सुरेश चंद्र राव व हल्का लेखपाल अरविंद कुमार ने जल्द ही जमीन की पैमाइश कराकर कब्जा दिलाने का आश्वासन दिया। तब जाकर वह पेड़ से उतरा।
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2012 में दो डिस्मिल पट्टा की जमीन मिली थी
संवाद न्यूज एजेंसी
बरवापट्टी। थाना क्षेत्र की ग्राम सभा अमवादीगर निवासी 50 वर्षीय एक व्यक्ति बृहस्पतिवार को पेड़ पर चए़ गया। उसका कहना था कि वर्ष 2012 में उसे जमीन का पट्टा मिला था, लेकिन अब तक उस पर कब्जा नहीं मिला है।
इस गांव के चनेसर ने बताया कि उसकी माली हालत खराब होने के चलते वर्ष 2012 में तत्कालीन डीएम रिग्जियान सैंफिल ने दो डिस्मिल जमीन का पट्टा देने का आदेश दिया था। तत्काल प्रभाव से चनेसर को तहसील प्रशासन से पट्टा भी कर दिया, लेकिन नौ वर्षों में भी उसे कब्जा नहीं मिल पाया है। पूरे कुनबे के साथ बंधे पर प्लास्टिक तानकर अपने चार बच्चों और पत्नी कुंती देवी के साथ रहता है। चनेसर अपनी जमीन पर कब्जा पाने के लिए कई आमरण अनशन से लेकर शासन प्रशासन को पत्र भेजता रहा, लेकिन उसकी फरियाद नहीं सुनी गई। वह बृहस्पतिवार को एक पेड़ पर चढ़कर आत्महत्या की धमकी देने लगा। सूचना पाकर मौके पर पहुंचे बरवापट्टी थाने के एसओ सुरेश चंद्र राव व हल्का लेखपाल अरविंद कुमार ने जल्द ही जमीन की पैमाइश कराकर कब्जा दिलाने का आश्वासन दिया। तब जाकर वह पेड़ से उतरा।
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