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Kushinagar News: सबसे पहले बिना शिक्षक वाले स्कूलों में होगा आवंटन
Fri, 06 Sep 2024 03:57 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Fri, 06 Sep 2024 03:57 AM IST
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पडरौना। परिषदीय विद्यालयों में समायोजन प्रक्रिया की गाइड लाइन जारी की गई है। सबसे पहले शिक्षक या शिक्षामित्र विहीन विद्यालयों में दो शिक्षक तैनात किए जाएंगे। जिन विद्यालयों में केवल शिक्षामित्र हैं, वहां जरूरत के अनुसार शिक्षक तैनात किए जाएंगे।
जिले में 2464 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं। इनमें 1640 प्राथमिक, 286 जूनियर और 538 संविलयन विद्यालय हैं। 233 प्राथमिक और 137 जूनियर समेत 370 विद्यालय एक शिक्षक के भरोसे हैं। आठ प्राथमिक और 16 जूनियर विद्यालय शिक्षक विहीन हैं। इन स्कूलों में आसपास के शिक्षकों को प्रभार देकर संचालित किया जा रहा है।
बीएसए डॉ. रामजियावन मौर्या ने बताया कि पहले चरण में प्राथमिक स्तर (कक्षा एक से पांच तक) के शिक्षकों का और दूसरे चरण में उच्च प्राथमिक स्तर (कक्षा छह से आठ तक) के शिक्षकों का समायोजन किया जाएगा। आरटीई के अनुसार चिह्नित शिक्षकों की संख्या में पांच और जोड़कर विद्यालयों में शिक्षकों की संख्या दिखाई जाएगी। विद्यालय आवंटन में सबसे पहले दिव्यांग महिला, फिर दिव्यांग पुरुष, इसके बाद शेष महिला शिक्षिका और अंत में पुरुष शिक्षकों को विद्यालय आवंटित किया जाएगा।
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ऐसे शिक्षक जिनका चिह्नांकन अधिक शिक्षक वाले विद्यालय में किया गया है, लेकिन उन्होंने तबादले का विकल्प नहीं दिया है। उनका समायोजन भी दिव्यांग महिला, दिव्यांग पुरुष, महिला व पुरुष के क्रम में जरूरत वाले विद्यालयों में जिला स्तर पर काउंसिलिंग से किया जाएगा। दो या दो से अधिक दिव्यांग महिला होने पर वरिष्ठ दिव्यांग महिला शिक्षक को वरीयता दी जाएगी।
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जिले में 2464 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं। इनमें 1640 प्राथमिक, 286 जूनियर और 538 संविलयन विद्यालय हैं। 233 प्राथमिक और 137 जूनियर समेत 370 विद्यालय एक शिक्षक के भरोसे हैं। आठ प्राथमिक और 16 जूनियर विद्यालय शिक्षक विहीन हैं। इन स्कूलों में आसपास के शिक्षकों को प्रभार देकर संचालित किया जा रहा है।
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बीएसए डॉ. रामजियावन मौर्या ने बताया कि पहले चरण में प्राथमिक स्तर (कक्षा एक से पांच तक) के शिक्षकों का और दूसरे चरण में उच्च प्राथमिक स्तर (कक्षा छह से आठ तक) के शिक्षकों का समायोजन किया जाएगा। आरटीई के अनुसार चिह्नित शिक्षकों की संख्या में पांच और जोड़कर विद्यालयों में शिक्षकों की संख्या दिखाई जाएगी। विद्यालय आवंटन में सबसे पहले दिव्यांग महिला, फिर दिव्यांग पुरुष, इसके बाद शेष महिला शिक्षिका और अंत में पुरुष शिक्षकों को विद्यालय आवंटित किया जाएगा।
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ऐसे शिक्षक जिनका चिह्नांकन अधिक शिक्षक वाले विद्यालय में किया गया है, लेकिन उन्होंने तबादले का विकल्प नहीं दिया है। उनका समायोजन भी दिव्यांग महिला, दिव्यांग पुरुष, महिला व पुरुष के क्रम में जरूरत वाले विद्यालयों में जिला स्तर पर काउंसिलिंग से किया जाएगा। दो या दो से अधिक दिव्यांग महिला होने पर वरिष्ठ दिव्यांग महिला शिक्षक को वरीयता दी जाएगी।