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Kushinagar News: किसानों और चीनी मिल कर्मचारियों के बीच मारपीट, छह घायल, एक गंभीर
Thu, 26 Dec 2024 12:45 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Thu, 26 Dec 2024 12:45 AM IST
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हाटा। एथेनॉल प्लांट लगाने के लिए अधिग्रहित जमीन पर चीनी मिल प्रशासन के कटरैन लगाने का मंगलवार को किसानों ने विरोध किया। भनक लगते ही लाठी-डंडा लेकर पहुंचे किसानों ने काम रोेक दिया। इसको लेकर चीनी मिल के कर्मचारियों और किसानों के बीच ईंट-पत्थर चले और जमकर मारपीट हुई। इसमें चीनी मिल के गन्ना मैनेजर समेत दोनों पक्ष के छह लोग घायल हो गए, जबकि, दस से अधिक किसानों को हल्की चोटें आईं हैं। किसानों का तेवर देख मौके से चीनी मिल के कर्मचारियों को हटना पड़ा। मौके पर पहुंची पुलिस विवाद शांत कराया और काम को रोकवा दिया। घायलों का इलाज हाटा सीएचसी और सुकरौली पीएचसी पर भेजा गया। इसमें एक किसान की हालत गंभीर बताते हुए डॉक्टरों ने मेडिकल कॉलेज कुशीनगर रेफर कर दिया।
हाटा नगर के वार्ड नंबर 13 हरपुर के रहने वाले किसानों की करीब 35 एकड़ जमीन प्रशासन ने न्यू इंडिया शुगर मिल ढाढा को एथेनॉल प्लांट लगाने के लिए दिया है। प्रशासन ने भारी विरोध के बीच एक दिसंबर को अधिग्रहित जमीन पर चीनी मिल प्रबंधन को कब्जा भी दिला दिया। इस जमीन पर मंगलवार को चीनी मिल प्रबंधन के कर्मचारी मजदूरों की मदद से अधिग्रहित जमीन को कटरैन से घेर रहे थे। इसकी जानकारी होने पर दोपहर करीब 12 बजे किसान लाठी-डंडा लेकर पहुंचे और जमीन में लगे कटरैन को उखाड़कर फेंक दिया। इसको लेकर चीनी मिल कर्मचारियों के बीच मारपीट शुरू हो गई। दोनों तरफ से ईंट भी चले। इसमें हरपुर के दस से अधिक किसान चोटिल हो गए। किसान शिवाजी यादव (35), गरिमा (17), अंजली (33) को अधिक चोटें आई है। हाटा सीएचसी पर इलाज के लिए पहुंचाया गया। वहीं चीनी मिलल के सहायक गन्ना अधिकारी नागेंद्र राणा, गन्ना मैनेजर मुकेश सिंह, सुरक्षाकर्मी योगेंद्र मिश्रा घायल हो गए। इन लोगों का इलाज सुकरौली पीएचसी पर हुआ।
मारपीट के बाद पहुंची हाटा कोतवाली पुलिस ने दोनों पक्षों को मौके से हटाया और जमीन पर कटरैन लगाने का काम रोक दिया। किसान शिवाजी को अधिक चोट होने के कारण मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। किसानों का कहना है कि प्रशासन जबरन जमीन पर कब्जा दिलाना चाहता है। जान दे दी जाएगा, लेकिन कौड़ियों के मोल के बराबर जमीन नहीं दी जाएगा। प्रशासन किसानों पर अत्याचार कर रहा है। इस बाबत कोतवाल सुशील शुक्ला ने बताया कि जमीन पर कटरैन से चीनी मिल प्रबंधन की ओर से घेरा जा रहा था। इसका विरोध किसानों ने किया। इसी बात को लेकर विवाद हुआ था। काम रोकवा दिया गया है। घायलों का इलाज कराया गया। मौके पर शांति व्यवस्था कायम है।
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पुलिस और किसानों में हो चुका है विवाद
-एक दिसंबर को प्रशासन ने जमीन पर कब्जा चीनी मिल प्रशासन को दिलाने पहुंचा था। किसानों ने इसका विरोध किया। इस दौरान प्रशासन, पुलिस और किसानों के बीच मारपीट भी हुई। इसमें 56 किसानों पर कोतवाल सुशील शुक्ला की तहरीर पर केस दर्ज किया गया। इसमें सात किसानों को शांतिभंग मेंं चालान किया गया था, जिसको एसडीएम कोर्ट से जेल भेज दिया गया। इसको लेकर भाजपा विधायक मोहन वर्मा समेत सत्ता पक्ष विधायकों ने स्थानीय प्रशासन और सीएम से मिलकर किसानों पर दर्ज मुकदमा वापस कराने और वर्तमान सर्किल रेट से मुआवजा देने की मांग की थी। भाकियू और सपा नेताओं ने भी प्रशासन की ओर से ली जा रही औने-पौने दाम पर जमीन का विरोध किया था।
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-चार दिन पूर्व किसानों ने अधिग्रहित जमीन की जुताई करा गेहूं की बुवाई करा दी। किसानों का तर्क था कि उन्होंने जमीन का मुआवजा नहीं लिया है, इसलिए यह जमीन हम लोगों की है। चीनी मिल के सुरक्षाकर्मियों ने विरोध किया तो किसानों ने उन्हें खदेड़ दिया था। दूसरे दिन चीनी मिल प्रबंधन की ओर से जिस खेत में किसान गेहूं की बुवाई कराए थे, उसी खेत में पानी छोड़ दिया। इसकी जानकारी होने पर दो दिन पूर्व किसानों ने चीनी मिल गेट पर जाकर हंगामा किया। मामला बढ़ता देख एसडीएम पुलिसकर्मियों के साथ पहुंचे और पानी को बंद कराया। इसके बाद किसान शांत हुए। अधिग्रहित जमीन पर गेहूं की बुवाई कराने के मामले में 20 किसानों पर चीनी मिल के उप महाप्रबंधक प्रांशु शर्मा की तहरीर पर पुलिस ने बीस किसानों पर केस दर्ज कर लिया है।
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हाटा नगर के वार्ड नंबर 13 हरपुर के रहने वाले किसानों की करीब 35 एकड़ जमीन प्रशासन ने न्यू इंडिया शुगर मिल ढाढा को एथेनॉल प्लांट लगाने के लिए दिया है। प्रशासन ने भारी विरोध के बीच एक दिसंबर को अधिग्रहित जमीन पर चीनी मिल प्रबंधन को कब्जा भी दिला दिया। इस जमीन पर मंगलवार को चीनी मिल प्रबंधन के कर्मचारी मजदूरों की मदद से अधिग्रहित जमीन को कटरैन से घेर रहे थे। इसकी जानकारी होने पर दोपहर करीब 12 बजे किसान लाठी-डंडा लेकर पहुंचे और जमीन में लगे कटरैन को उखाड़कर फेंक दिया। इसको लेकर चीनी मिल कर्मचारियों के बीच मारपीट शुरू हो गई। दोनों तरफ से ईंट भी चले। इसमें हरपुर के दस से अधिक किसान चोटिल हो गए। किसान शिवाजी यादव (35), गरिमा (17), अंजली (33) को अधिक चोटें आई है। हाटा सीएचसी पर इलाज के लिए पहुंचाया गया। वहीं चीनी मिलल के सहायक गन्ना अधिकारी नागेंद्र राणा, गन्ना मैनेजर मुकेश सिंह, सुरक्षाकर्मी योगेंद्र मिश्रा घायल हो गए। इन लोगों का इलाज सुकरौली पीएचसी पर हुआ।
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मारपीट के बाद पहुंची हाटा कोतवाली पुलिस ने दोनों पक्षों को मौके से हटाया और जमीन पर कटरैन लगाने का काम रोक दिया। किसान शिवाजी को अधिक चोट होने के कारण मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। किसानों का कहना है कि प्रशासन जबरन जमीन पर कब्जा दिलाना चाहता है। जान दे दी जाएगा, लेकिन कौड़ियों के मोल के बराबर जमीन नहीं दी जाएगा। प्रशासन किसानों पर अत्याचार कर रहा है। इस बाबत कोतवाल सुशील शुक्ला ने बताया कि जमीन पर कटरैन से चीनी मिल प्रबंधन की ओर से घेरा जा रहा था। इसका विरोध किसानों ने किया। इसी बात को लेकर विवाद हुआ था। काम रोकवा दिया गया है। घायलों का इलाज कराया गया। मौके पर शांति व्यवस्था कायम है।
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पुलिस और किसानों में हो चुका है विवाद
-एक दिसंबर को प्रशासन ने जमीन पर कब्जा चीनी मिल प्रशासन को दिलाने पहुंचा था। किसानों ने इसका विरोध किया। इस दौरान प्रशासन, पुलिस और किसानों के बीच मारपीट भी हुई। इसमें 56 किसानों पर कोतवाल सुशील शुक्ला की तहरीर पर केस दर्ज किया गया। इसमें सात किसानों को शांतिभंग मेंं चालान किया गया था, जिसको एसडीएम कोर्ट से जेल भेज दिया गया। इसको लेकर भाजपा विधायक मोहन वर्मा समेत सत्ता पक्ष विधायकों ने स्थानीय प्रशासन और सीएम से मिलकर किसानों पर दर्ज मुकदमा वापस कराने और वर्तमान सर्किल रेट से मुआवजा देने की मांग की थी। भाकियू और सपा नेताओं ने भी प्रशासन की ओर से ली जा रही औने-पौने दाम पर जमीन का विरोध किया था।
-चार दिन पूर्व किसानों ने अधिग्रहित जमीन की जुताई करा गेहूं की बुवाई करा दी। किसानों का तर्क था कि उन्होंने जमीन का मुआवजा नहीं लिया है, इसलिए यह जमीन हम लोगों की है। चीनी मिल के सुरक्षाकर्मियों ने विरोध किया तो किसानों ने उन्हें खदेड़ दिया था। दूसरे दिन चीनी मिल प्रबंधन की ओर से जिस खेत में किसान गेहूं की बुवाई कराए थे, उसी खेत में पानी छोड़ दिया। इसकी जानकारी होने पर दो दिन पूर्व किसानों ने चीनी मिल गेट पर जाकर हंगामा किया। मामला बढ़ता देख एसडीएम पुलिसकर्मियों के साथ पहुंचे और पानी को बंद कराया। इसके बाद किसान शांत हुए। अधिग्रहित जमीन पर गेहूं की बुवाई कराने के मामले में 20 किसानों पर चीनी मिल के उप महाप्रबंधक प्रांशु शर्मा की तहरीर पर पुलिस ने बीस किसानों पर केस दर्ज कर लिया है।

मेरठ--------सेंट जॉन्स स्कूल में हुआ क्रिसमस कार्यक्रम- फोटो : संवाद

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