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डीएम ने कानूनगो से कहा, मुझसे ले जाओ 25 हजार रुपये
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डीएम ने कानूनगो से कहा, मुझसे ले जाओ 25 हजार रुपये
चकमार्ग से अतिक्रमण हटवाने के लिए प्रभारी कानूनगो द्वारा रकम मांगने की शिकायत पर गुस्साए जिलाधिकारी
गुरवलिया गांव के रामायण ने डीएम से की थी शिकायत
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना/गुरवलिया बाजार(कुशीनगर)। डीएम एस राजलिंगम ने बुधवार को दुदही क्षेत्र के प्रभारी कानूनगो मार्कंडेय मणि को फोन कर कहा... चकमार्ग से अतिक्रमण हटवाने के लिए 25 हजार रुपये चाहिए तो मुझसे ले जाओ। इसके बाद हरकत में आए राजस्व कर्मियों ने पिछले करीब दो माह से लटके इस मामले के निस्तारण के लिए आनन फानन में टीम गठित कर दी। यह मामला सोशल मीडिया में खूब वायरल हो रहा है।
तमकुहीराज तहसील क्षेत्र के ग्राम पंचायत गुरवलिया निवासी रामायण कुशवाहा ने करीब एक वर्ष पूर्व चक मार्ग पर अतिक्रमण की शिकायत की थी। हल्का लेखपाल ने अतिक्रमण चिह्नित कर दो लोगों को 15 दिन में अतिक्रमण हटाने का मौका दिया था। एक ने चकमार्ग पर झोपड़ी बनाई है, तो दूसरे ने पक्की दीवार चलाकर कटरैन डाल रखा है। निर्धारित समय तक अतिक्रमण नही हटा तो पीड़ित ने केस दर्ज कराया। आदेश के पालन के लिए रामायण हल्का लेखपाल व प्रभारी कानूनगो का चक्कर लगा रहे थे। कार्रवाई नहीं होने पर पीड़ित ने बुधवार को डीएम के सामने प्रस्तुत होकर शिकायती पत्र सौंपा। आरोप लगाया कि कानूनगो अतिक्रमण हटवाने के बदले 25 हजार रुपये घूस मांग रहे हैं। इस पर बिफरे डीएम ने तत्काल उक्त कानूनगो को फोन मिलाया और दो दिन में अतिक्रमण हटवाने का निर्देश दिया। 25 हजार रुपये उनसे ले जाने को कहा। डीएम के तल्ख तेवर देख तत्काल तहसील प्रशासन हरकत में आया और 15 जनवरी को ही अतिक्रमण हटवाने के लिए टीम गठित कर दी गई। नायब तहसीलदार विकास सिंह के नेतृत्व में प्रभारी कानूनगो दुदही मार्कंडेय मणि, कानूनगो नीतीश शाही, लेखपाल मुज्जमा अंसारी, खालिद सिद्दीकी, हाकिम अंसारी, संतोष गुप्ता आदि की टीम बनाई गई है।
कानूनगो मार्कंडेय मणि का कहना है कि कोरोना काल में हाईकोर्ट के निर्देश पर 31 दिसंबर तक अतिक्रमण हटवाने की कार्रवाई पर रोक लगी थी। अतिक्रमण हटाने के लिए 20 जनवरी की तिथि नियत की गई थी, लेकिन डीएम साहब का फोन आने के बाद तहसीलदार के निर्देश पर 15 जनवरी को ही कार्रवाई की जाएगी।
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डीएम एस राजलिंगम ने कहा कि शिकायतकर्ता ने बताया कि कब्जा हटवाने के खर्च मांगा जा रहा है। इस पर कानूनगो से पूछा गया तो उनके द्वारा बताया कि अतिक्रमण हटवाने के लिए जेसीबी आदि का खर्च शिकायतकर्ता को देने को कहा गया है। वास्तव में इसका खर्च या तो ग्राम पंचायत को वहन करना चाहिए अथवा जिसने कब्जा किया है, उससे वसूला जाना चाहिए था। कानूनगो को इसके लिए सचेत करते हुए तत्काल कार्रवाई का निर्देश दिया गया है।
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चकमार्ग से अतिक्रमण हटवाने के लिए प्रभारी कानूनगो द्वारा रकम मांगने की शिकायत पर गुस्साए जिलाधिकारी
गुरवलिया गांव के रामायण ने डीएम से की थी शिकायत
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना/गुरवलिया बाजार(कुशीनगर)। डीएम एस राजलिंगम ने बुधवार को दुदही क्षेत्र के प्रभारी कानूनगो मार्कंडेय मणि को फोन कर कहा... चकमार्ग से अतिक्रमण हटवाने के लिए 25 हजार रुपये चाहिए तो मुझसे ले जाओ। इसके बाद हरकत में आए राजस्व कर्मियों ने पिछले करीब दो माह से लटके इस मामले के निस्तारण के लिए आनन फानन में टीम गठित कर दी। यह मामला सोशल मीडिया में खूब वायरल हो रहा है।
तमकुहीराज तहसील क्षेत्र के ग्राम पंचायत गुरवलिया निवासी रामायण कुशवाहा ने करीब एक वर्ष पूर्व चक मार्ग पर अतिक्रमण की शिकायत की थी। हल्का लेखपाल ने अतिक्रमण चिह्नित कर दो लोगों को 15 दिन में अतिक्रमण हटाने का मौका दिया था। एक ने चकमार्ग पर झोपड़ी बनाई है, तो दूसरे ने पक्की दीवार चलाकर कटरैन डाल रखा है। निर्धारित समय तक अतिक्रमण नही हटा तो पीड़ित ने केस दर्ज कराया। आदेश के पालन के लिए रामायण हल्का लेखपाल व प्रभारी कानूनगो का चक्कर लगा रहे थे। कार्रवाई नहीं होने पर पीड़ित ने बुधवार को डीएम के सामने प्रस्तुत होकर शिकायती पत्र सौंपा। आरोप लगाया कि कानूनगो अतिक्रमण हटवाने के बदले 25 हजार रुपये घूस मांग रहे हैं। इस पर बिफरे डीएम ने तत्काल उक्त कानूनगो को फोन मिलाया और दो दिन में अतिक्रमण हटवाने का निर्देश दिया। 25 हजार रुपये उनसे ले जाने को कहा। डीएम के तल्ख तेवर देख तत्काल तहसील प्रशासन हरकत में आया और 15 जनवरी को ही अतिक्रमण हटवाने के लिए टीम गठित कर दी गई। नायब तहसीलदार विकास सिंह के नेतृत्व में प्रभारी कानूनगो दुदही मार्कंडेय मणि, कानूनगो नीतीश शाही, लेखपाल मुज्जमा अंसारी, खालिद सिद्दीकी, हाकिम अंसारी, संतोष गुप्ता आदि की टीम बनाई गई है।
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कानूनगो मार्कंडेय मणि का कहना है कि कोरोना काल में हाईकोर्ट के निर्देश पर 31 दिसंबर तक अतिक्रमण हटवाने की कार्रवाई पर रोक लगी थी। अतिक्रमण हटाने के लिए 20 जनवरी की तिथि नियत की गई थी, लेकिन डीएम साहब का फोन आने के बाद तहसीलदार के निर्देश पर 15 जनवरी को ही कार्रवाई की जाएगी।
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डीएम एस राजलिंगम ने कहा कि शिकायतकर्ता ने बताया कि कब्जा हटवाने के खर्च मांगा जा रहा है। इस पर कानूनगो से पूछा गया तो उनके द्वारा बताया कि अतिक्रमण हटवाने के लिए जेसीबी आदि का खर्च शिकायतकर्ता को देने को कहा गया है। वास्तव में इसका खर्च या तो ग्राम पंचायत को वहन करना चाहिए अथवा जिसने कब्जा किया है, उससे वसूला जाना चाहिए था। कानूनगो को इसके लिए सचेत करते हुए तत्काल कार्रवाई का निर्देश दिया गया है।