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Kushinagar News: गंडक में 31,200 क्यूसेक बढ़ा डिस्चार्ज, जलस्तर चेतावनी बिंदु से 14 सेमी ऊपर

Wed, 02 Sep 2026 02:43 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 02 Sep 2026 02:43 AM IST
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Discharge increased by 31,200 cusecs in Ganges, water level 14 cm above warning point
खड्डा (कुशीनगर)। नेपाल त्रासदी के बाद गंडक नदी के जलस्तर और डिस्चार्ज में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। मंगलवार को वाल्मीकिनगर बैराज से पानी के डिस्चार्ज में सुबह से दोपहर तक 31,200 क्यूसेक की बढ़ोतरी दर्ज की गई। सुबह छह बजे 1,19,000 क्यूसेक रहा डिस्चार्ज दोपहर 12 बजे बढ़कर 1,50,200 क्यूसेक पहुंच गया, हालांकि शाम चार बजे इसमें मामूली कमी आई और डिस्चार्ज 1,47,500 क्यूसेक दर्ज किया गया।
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इसके सापेक्ष भैंसहा गेज पर नदी का जलस्तर 95.14 मीटर दर्ज किया गया, जो चेतावनी बिंदु से 14 सेंटीमीटर ऊपर है। जलस्तर बढ़ने से छितौनी तटबंध के स्पर संख्या दो, तीन और बीरभार ठोकर पर नदी का दबाव बना हुआ है। हालांकि फिलहाल तटबंध और बाढ़ प्रभावित गांवों के लिए किसी तरह का खतरा नहीं बताया जा रहा है। नेपाल की नदियों में जलस्तर बढ़ने के साथ नारायणी के जलस्तर में वृद्धि हो रही है।
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अफसरों का दावा है कि तीन लाख क्यूसेक से अधिक पानी होने पर तटवर्ती गांवों के निचले इलाके में पानी पहुंचता है। छितौनी, नरवाजोत,अमवाखास, एपी तटबंधों पर बाढ़ खंड के अफसरों की ओर से निगरानी बढ़ाई गई है। बाढ़ प्रभावित इलाकों में तैनात किए गए कर्मचारी फोन कर गांव वालों से जानकारी जुटा रहे हैं। बाढ़ प्रभावित नदी उस पार के शिवपुर में तहसील प्रशासन की ओर से एसडीआरएफ, राजस्व और पुलिस की टीम तैनात है। टीम के जिम्मे मरचहवा, बसंतपुर, हरिहरपुर, नरायनपुर आदि गांमों की निगरानी है। एसडीएम सर्वेश कुमार गौर, सीओ खड्डा राजेश कुमार श्रीवास्तव, थानाध्यक्ष खड्डा समेत प्रशासनिक अमला स्थिति पर नजर रख रहा है। बाढ़ खंड के अधिकारी भी तटबंधों की निगरानी कर रहे हैं।
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ऐसे बढ़ा डिस्चार्ज

गंडक नदी का डिस्चार्ज सुबह छह बजे 1,19,000, आठ बजे 1,31,500, 10 बजे 1,44,800, दोपहर 12 बजे 1,50,200, दोपहर दो बजे 1,50,200 और शाम चार बजे 1,47,500 क्यूसेक रहा। नेपाल में हुई त्रासदी के बाद नदी के जलस्तर में मामूली बढ़ोतरी को लेकर भी तटवर्ती लोग सतर्क हैं। प्रशासन भी लगातार नदी और तटबंधों की स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

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दो दिन से नहीं मिला शव, प्रदूषण बरकरार

-खड्डा क्षेत्र में पिछले दो दिनों से कोई शव बरामद नहीं हुआ है। एक दिन पहले गंडक में डिस्चार्ज बढ़कर 1,80,600 क्यूसेक पहुंच गया था। इसके बाद लोगों में चर्चा है कि नदी में पड़े शव मुख्य धारा के साथ आगे निकल गए होंगे। हालांकि नदी किनारे अब भी मरी हुई मछलियों, पशुओं के शव और बहकर आए अन्य सामान के सड़ने से वातावरण दूषित बना हुआ है। वहीं, नदी में बहकर लकड़ियां आने का सिलसिला अब थम गया है।
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