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विद्यालयों में चहारदीवारी नहीं, असुरक्षित बच्चे
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पडरौना क्षेत्र के कोइरीटोला प्राथमिक विद्यालय में बैठे बच्चे।संवाद।
- फोटो : KUSHINAGAR
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जिले के 80 फीसदी स्कूलों में नहीं है डेस्क व बेंच
- जमीन पर बैठकर पढ़ने को मजबूर हैं बच्चे
- 20 फीसदी स्कूलों में चहादीवारी नहीं होने से परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। जिले के 80 फीसदी परिषदीय विद्यालयों में स्कूल और बेंच की सुविधा उपलब्ध नहीं है। बच्चे जमीन पर बैठकर पढ़ने को मजबूर हैं। वहीं, 20 फीसदी विद्यालयों में चहारदीवारी नहीं बनी है। इससे इन विद्यालयों में रखे सामान सुरक्षित नहीं हैं।
कुशीनगर जिले में कुल 2,464 परिषदीय विद्यालय संचालित होते हैं। इसमें से जिले 20 फीसदी स्कूलों में अभी तक चहारदीवारी नहीं बन सकी है। इससे इन विद्यालयों में चोरी समेत अन्य छोटी-मोटी घटनाएं होती रहती हैं। चहारदीवारी नहीं होने से छुट्टी के बाद गांव के शरारती तत्वों का स्कूल परिसर में जमावड़ा लगा रहता है।
इसके अलावा जिले के अभी तक 80 फीदसी स्कूलों में फर्नीचर की व्यवस्था नहीं हो सकी है। इसके चलते इन विद्यालय में नामांकित छात्र-छात्राएं फर्स पर तीरपाल बिछाकर पढ़ाई करते हैं।
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जिले के स्कूलों में युद्ध स्तर पर चहारदीवारी बनाया जा रहा है। कई स्थानों पर विवाद होने के कारण दिक्कत आ रही है। वहां प्रशासनिक सहयोग लेकर विवाद निपटाया जा रहा है। शीघ्र ही सभी विद्यालयों में चहारदीवारी बनवा दी जाएगी।
- राकेश, डीसी मनरेगा, कुशीनगर
फर्नीचर के लिए प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा गया है। शासन से अभी धन स्वीकृत नहीं हुआ है। धन मिलते ही सभी विद्यालयों में फर्नीचर उपलब्ध करवा दिया जाएगा।
- डॉ. कमलेंद्र कुमार कुशवाहा, बीएसए, कुशीनगर
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- जमीन पर बैठकर पढ़ने को मजबूर हैं बच्चे
- 20 फीसदी स्कूलों में चहादीवारी नहीं होने से परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। जिले के 80 फीसदी परिषदीय विद्यालयों में स्कूल और बेंच की सुविधा उपलब्ध नहीं है। बच्चे जमीन पर बैठकर पढ़ने को मजबूर हैं। वहीं, 20 फीसदी विद्यालयों में चहारदीवारी नहीं बनी है। इससे इन विद्यालयों में रखे सामान सुरक्षित नहीं हैं।
कुशीनगर जिले में कुल 2,464 परिषदीय विद्यालय संचालित होते हैं। इसमें से जिले 20 फीसदी स्कूलों में अभी तक चहारदीवारी नहीं बन सकी है। इससे इन विद्यालयों में चोरी समेत अन्य छोटी-मोटी घटनाएं होती रहती हैं। चहारदीवारी नहीं होने से छुट्टी के बाद गांव के शरारती तत्वों का स्कूल परिसर में जमावड़ा लगा रहता है।
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इसके अलावा जिले के अभी तक 80 फीदसी स्कूलों में फर्नीचर की व्यवस्था नहीं हो सकी है। इसके चलते इन विद्यालय में नामांकित छात्र-छात्राएं फर्स पर तीरपाल बिछाकर पढ़ाई करते हैं।
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जिले के स्कूलों में युद्ध स्तर पर चहारदीवारी बनाया जा रहा है। कई स्थानों पर विवाद होने के कारण दिक्कत आ रही है। वहां प्रशासनिक सहयोग लेकर विवाद निपटाया जा रहा है। शीघ्र ही सभी विद्यालयों में चहारदीवारी बनवा दी जाएगी।
- राकेश, डीसी मनरेगा, कुशीनगर
फर्नीचर के लिए प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा गया है। शासन से अभी धन स्वीकृत नहीं हुआ है। धन मिलते ही सभी विद्यालयों में फर्नीचर उपलब्ध करवा दिया जाएगा।
- डॉ. कमलेंद्र कुमार कुशवाहा, बीएसए, कुशीनगर