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Kushinagar News: सजे कांवड़-कलश, झंडी और भगवाध्वज की बढ़ी मांग
Tue, 04 Aug 2026 01:23 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Tue, 04 Aug 2026 01:23 AM IST
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पडरौना। पवित्र सावन माह और कावड़ यात्रा शुरू होते ही बाजारों में भक्ति का रंग छा गया है। इस बार कांवड़, कलश, झंडियाें और भगवा ध्वज की मांग सबसे ज्यादा है। गुदरी बाजार, धर्मशाला रोड और मेन रोड की दुकानों पर भोले के भक्तों की भीड़ सुबह से शाम तक उमड़ रही है।
हर-हर महादेव के जयकारों के साथ कांवड़ियों का जत्था निकलते ही बाजार गुलजार हो गया है। दुकानें तरह-तरह के कांवर, भगवा कपड़ों और धार्मिक सामान से सजी हैं। पूजन सामग्री के विक्रेता विजय शंकर गुप्ता ने बताया कि सावन लगते ही बिक्री तीन गुना बढ़ गई है। इस बार बांस की कांवड़ के साथ-साथ स्टील और फाइबर वाली सजी हुई कांवर की डिमांड ज्यादा है। 300 रुपये से 2500 रुपये तक की कांवड़ बिक रही है। झंडिया, कलश और भगवा गमछा सबसे ज्यादा बिक रहा है।
दुकानदार सुरेश वर्मा ने बताया कि भगवा ध्वज और बम बम भोले लिखी झंडियों की बहुत मांग है। सावन के आखिरी सोमवार और शिवरात्रि तक बिक्री और बढ़ेगी। कई दुकानदारों ने अतिरिक्त स्टाक भी रखा है। कांवड़िया ग्रुप में 10-20 झंडिया एक साथ ले जा रहे हैं। कलश पर स्वास्तिक और त्रिशूल वाला डिजाइन हिट है। स्टॉक बार-बार मंगाना पड़ रहा है। पिपरासी निवासी कांवड़िया जितेंद्र पांडेय ने बताया कि हर साल की तरह इस बार भी जल लेकर बाबा धाम जा रहे हैं। नई कांवड़ ली है, साथ में पांच भगवा झंडे भी। पहनने के लिए केसरिया कुर्ता और गमछा भी लिया। कांवड़िया अजय यादव ने बताया कि सजावट वाली कांवर बहुत अच्छी मिल रही है। मोरपंख, घंटी और लाइट वाली कांवर देखकर मन खुश हो गया। 1200 रुपये में पूरी सजी हुई कांवड़ मिल गई।
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सावन में इसकी है अधिक मांग
बांस, स्टील व फाइबर की कांवड़ 300 से 2500 रुपये में बिक रहे हैं। 150 रुपये से 800 रुपये तक पीतल और स्टील के सजे हुए कलश की लोग अधिक मांग कर रहे हैं। वहीं भगवा रंग की जय श्री राम, हर हर महादेव वाली झंडिया और केसरिया कुर्ता, गमछा, रुद्राक्ष माला, डमरू, त्रिशूल की मांग सावन में अधिक है।
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हर-हर महादेव के जयकारों के साथ कांवड़ियों का जत्था निकलते ही बाजार गुलजार हो गया है। दुकानें तरह-तरह के कांवर, भगवा कपड़ों और धार्मिक सामान से सजी हैं। पूजन सामग्री के विक्रेता विजय शंकर गुप्ता ने बताया कि सावन लगते ही बिक्री तीन गुना बढ़ गई है। इस बार बांस की कांवड़ के साथ-साथ स्टील और फाइबर वाली सजी हुई कांवर की डिमांड ज्यादा है। 300 रुपये से 2500 रुपये तक की कांवड़ बिक रही है। झंडिया, कलश और भगवा गमछा सबसे ज्यादा बिक रहा है।
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दुकानदार सुरेश वर्मा ने बताया कि भगवा ध्वज और बम बम भोले लिखी झंडियों की बहुत मांग है। सावन के आखिरी सोमवार और शिवरात्रि तक बिक्री और बढ़ेगी। कई दुकानदारों ने अतिरिक्त स्टाक भी रखा है। कांवड़िया ग्रुप में 10-20 झंडिया एक साथ ले जा रहे हैं। कलश पर स्वास्तिक और त्रिशूल वाला डिजाइन हिट है। स्टॉक बार-बार मंगाना पड़ रहा है। पिपरासी निवासी कांवड़िया जितेंद्र पांडेय ने बताया कि हर साल की तरह इस बार भी जल लेकर बाबा धाम जा रहे हैं। नई कांवड़ ली है, साथ में पांच भगवा झंडे भी। पहनने के लिए केसरिया कुर्ता और गमछा भी लिया। कांवड़िया अजय यादव ने बताया कि सजावट वाली कांवर बहुत अच्छी मिल रही है। मोरपंख, घंटी और लाइट वाली कांवर देखकर मन खुश हो गया। 1200 रुपये में पूरी सजी हुई कांवड़ मिल गई।
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सावन में इसकी है अधिक मांग
बांस, स्टील व फाइबर की कांवड़ 300 से 2500 रुपये में बिक रहे हैं। 150 रुपये से 800 रुपये तक पीतल और स्टील के सजे हुए कलश की लोग अधिक मांग कर रहे हैं। वहीं भगवा रंग की जय श्री राम, हर हर महादेव वाली झंडिया और केसरिया कुर्ता, गमछा, रुद्राक्ष माला, डमरू, त्रिशूल की मांग सावन में अधिक है।