{"_id":"d6ef1f2da72feefa386219621675ce4d","slug":"sentenced-to-ten-years-imprisonment-and-fines-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"दस साल की कैद और अर्थदंड की सजा","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
दस साल की कैद और अर्थदंड की सजा
अमर उजाला/कुशीनगर
Updated Wed, 20 Jan 2016 11:24 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पडरौना। कुबेरस्थान थानाक्षेत्र के बढ़वलिया खुर्द गांव के केश्वर शर्मा की मौत के मामले में जज ने बुधवार को फैसला सुना दिया। केश्वर की मौत के लिए जिम्मेदार ठहराए गए आरोपी को जज ने 10 साल के कठोर कारावास और 15 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
जिला शासकीय अधिवक्ता जीपी यादव के मुताबिक बढ़वलिया खुर्द गांव के निवासी उदयभान शर्मा ने 15 अगस्त 2013 को दिन के लगभग एक बजे अपने पिता केश्वर पर्र इंट से प्रहार कर जख्मी करने का आरोप पडरौना कोतवाली क्षेत्र के नोनियापट्टी पांडेय टोला निवासी अजय पर लगाया था।
आरोप था कि अजय व कुछ अन्य लोगों के बीच हो रहे झगड़े को छुड़ाने को लेकर अजय ने उनके पिता केश्वर पर हमला कर दिया था। उन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां से डॉक्टर ने मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया था, वहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी।
विज्ञापन
अगले दिन आरोपी के विरुद्ध पुलिस ने हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज कर लिया था। आरोपी को गिरफ्तार कर पुलिस ने जेल भेज दिया था। तभी से मामला न्यायालय में विचाराधीन था। बुधवार को इस मामले की सुनवाई के दौरान आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया।
दोनों पक्षों को सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर-3 राज सिंह वर्मा ने घटना का चश्मदीद गवाह न मिलने पर सजा सुनाई।
विज्ञापन
जिला शासकीय अधिवक्ता जीपी यादव के मुताबिक बढ़वलिया खुर्द गांव के निवासी उदयभान शर्मा ने 15 अगस्त 2013 को दिन के लगभग एक बजे अपने पिता केश्वर पर्र इंट से प्रहार कर जख्मी करने का आरोप पडरौना कोतवाली क्षेत्र के नोनियापट्टी पांडेय टोला निवासी अजय पर लगाया था।
विज्ञापन
आरोप था कि अजय व कुछ अन्य लोगों के बीच हो रहे झगड़े को छुड़ाने को लेकर अजय ने उनके पिता केश्वर पर हमला कर दिया था। उन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां से डॉक्टर ने मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया था, वहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी।
विज्ञापन
अगले दिन आरोपी के विरुद्ध पुलिस ने हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज कर लिया था। आरोपी को गिरफ्तार कर पुलिस ने जेल भेज दिया था। तभी से मामला न्यायालय में विचाराधीन था। बुधवार को इस मामले की सुनवाई के दौरान आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया।
दोनों पक्षों को सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर-3 राज सिंह वर्मा ने घटना का चश्मदीद गवाह न मिलने पर सजा सुनाई।