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प्रभारी चिकित्साधिकारी को पीटने का आरोप
kushinagar
Updated Wed, 13 Jul 2016 11:04 PM IST
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अपराध्
- फोटो : santosh verma
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खड्डा (कुशीनगर)। क्षेत्र के तुर्कहां में संचालित हो रहे एक अस्पताल में खड्डा के प्रभारी चिकित्साधिकारी ने अपने सहयोगियों के साथ छापा मारा। संचालक के पास अस्पताल संचालित करने के संबंध में कोई वैध कागजात नहीं मिले। डॉक्टरों ने जैसे ही अस्पताल को सीज करने की प्रक्रिया शुरू की, वहां भर्ती कराए गए मरीजों के तीमारदारों और अन्य लोगों से मारपीट हो गई। अपने को घिरा देखकर प्रभारी चिकित्साधिकारी और अन्य डॉक्टर वहां से लौट गए। प्रभारी चिकित्सधिकारी ने मारने पीटने का भी आरोप लगाया है।
खड्डा और नेबुआ नौरंगिया क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित हो रहे कई अस्पतालों में अल्पशिक्षित और अप्रशिक्षित लोग इलाज करने से लेकर सर्जरी तक कर रहे हैं। शासन के निर्देश पर खड्डा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. संतोष गुप्ता अपनी टीम के साथ बुधवार की शाम लगभग चार बजे भैसहां-खड्डा मार्ग पर स्थित तुर्कहां में संचालित एक निजी अस्पताल में छापा मारने पहुंचे। उन्होंने अस्पताल के संचालक से अस्पताल के रजिस्ट्रेशन से संबंधित कागजात मांगे। इस पर संचालक ने बताया कि सीएमओ कार्यालय में आवेदन किया गया है।
अस्पताल में चार मरीज पहले से ऑपरेशन करके लिटाए गए थे, जबकि ओटी में एक महिला के ऑपरेशन की तैयारी कर ली गई थी। लेकिन वहां ऑपरेशन के लिए कोई वैध सर्जन मौजूद नहीं था। लिहाजा अस्पताल को अवैध मानकर सीज करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई। यह देखकर मरीजों के तीमारदार और अन्य लोग परेशान हो गए। डॉक्टरों के साथ उनकी बहस होने लगी और बात ही बात में मारपीट शुरू हो गई। अपने को घिरा देख प्रभारी चिकित्साधिकारी सहित टीम के अन्य सदस्य वहां से लौट आए।
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इस संबंध में प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. संतोष गुप्ता का कहना था कि अवैध रूप से अस्पताल संचालित किए जाने की सूचना थी। शासन के निर्देश पर अस्पताल की जांच पड़ताल की जा रही थी। वहां कोई वैध कागजात नहीं मिले। उनका कहना था कि अस्पताल के संचालक ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर उन्हें मारापीटा। थाने में तहरीर देने के साथ ही उच्चाधिकारियों को जानकारी दे दी गई है। अस्पताल को सीज किया जाएगा।
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खड्डा और नेबुआ नौरंगिया क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित हो रहे कई अस्पतालों में अल्पशिक्षित और अप्रशिक्षित लोग इलाज करने से लेकर सर्जरी तक कर रहे हैं। शासन के निर्देश पर खड्डा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. संतोष गुप्ता अपनी टीम के साथ बुधवार की शाम लगभग चार बजे भैसहां-खड्डा मार्ग पर स्थित तुर्कहां में संचालित एक निजी अस्पताल में छापा मारने पहुंचे। उन्होंने अस्पताल के संचालक से अस्पताल के रजिस्ट्रेशन से संबंधित कागजात मांगे। इस पर संचालक ने बताया कि सीएमओ कार्यालय में आवेदन किया गया है।
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अस्पताल में चार मरीज पहले से ऑपरेशन करके लिटाए गए थे, जबकि ओटी में एक महिला के ऑपरेशन की तैयारी कर ली गई थी। लेकिन वहां ऑपरेशन के लिए कोई वैध सर्जन मौजूद नहीं था। लिहाजा अस्पताल को अवैध मानकर सीज करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई। यह देखकर मरीजों के तीमारदार और अन्य लोग परेशान हो गए। डॉक्टरों के साथ उनकी बहस होने लगी और बात ही बात में मारपीट शुरू हो गई। अपने को घिरा देख प्रभारी चिकित्साधिकारी सहित टीम के अन्य सदस्य वहां से लौट आए।
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इस संबंध में प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. संतोष गुप्ता का कहना था कि अवैध रूप से अस्पताल संचालित किए जाने की सूचना थी। शासन के निर्देश पर अस्पताल की जांच पड़ताल की जा रही थी। वहां कोई वैध कागजात नहीं मिले। उनका कहना था कि अस्पताल के संचालक ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर उन्हें मारापीटा। थाने में तहरीर देने के साथ ही उच्चाधिकारियों को जानकारी दे दी गई है। अस्पताल को सीज किया जाएगा।