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ससुराल में विवाहिता से हुआ अमानवीय व्यवहार
अमर उजाला/कुशीनगर
Updated Sat, 06 Feb 2016 12:05 AM IST
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पिपरा बाजार। रामकोला थाने के एक गांव के परिवार में मर्यादा तार-तार कर
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हुई। सास-ससुर और देवरों ने परिवार की महिला को प्रताड़ित ही नहीं किया,
बल्कि एक देवर पर आरोप है कि उसने महीनों तक भाभी के साथ जबरदस्ती भी की।
गर्भधारण कर चुकी महिला ने इंसाफ के लिए पुलिस से फरियाद की, लेकिन उसे अब तक निराशा ही मिली है।
कसया थानाक्षेत्र की एक युवती का रामकोला थानाक्षेत्र के एक युवक से 14 अप्रैल 2013 को विवाह हुआ था। महिला के पति 23 जुलाई 2014 को रोजगार के सिलसिले में विदेश चले गए।
पति के बाहर जाने के बाद से ही बहू के साथ बदसलूकी होने लगी। महिला के अनुसार सास, ससुर और दो देवर मिलकर उससेमारपीट करने लगे। आरोप है कि एक देवर उस पर बुरी नजर रखता था और संबंध बनाने के लिए उसपर दबाव डालने लगा।
महिला ने राहत की उम्मीद में जब कभी सास से देवर की शिकायत की तो बदले में और पिटना पड़ा। बाद में देवर उसके कमरे में घुसकर जबरदस्ती करने लगा।
महीनों तक यह सिलसिला जारी रहा, जिससे वह गर्भवती हो गई।पीड़ित के पिता की तहरीर के मुताबिक ससुराल के लोगों ने उनकी बेटी का मोबाइल फोन छीन लिया था, जिस कारण लंबे समय तक वह अपने मायके में किसी से संपर्क नहीं कर सकी।
पिता बीते दिसंबर में कुशलक्षेम लेने बेटी की ससुराल पहुंचे तो इसकी जानकारी मिली।पीड़ित के पिता का कहना है कि आठ महीनों के गर्भ का कलंक ढो रही पीड़िता की समझ में नहीं आ रहा कि क्या करे।
बीते बृहस्पतिवार पीड़ित पिता ने महिला थानाध्यक्ष को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने बताया कि पहले रामकोला एसओ को तहरीर सौंपी गई थी, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला।
इस संबंध में महिला थाने की प्रभारी विभा पांडेय ने कहा कि तहरीर मिली है। दोनों पक्षों को बुलाया गया है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
गर्भधारण कर चुकी महिला ने इंसाफ के लिए पुलिस से फरियाद की, लेकिन उसे अब तक निराशा ही मिली है।
कसया थानाक्षेत्र की एक युवती का रामकोला थानाक्षेत्र के एक युवक से 14 अप्रैल 2013 को विवाह हुआ था। महिला के पति 23 जुलाई 2014 को रोजगार के सिलसिले में विदेश चले गए।
पति के बाहर जाने के बाद से ही बहू के साथ बदसलूकी होने लगी। महिला के अनुसार सास, ससुर और दो देवर मिलकर उससेमारपीट करने लगे। आरोप है कि एक देवर उस पर बुरी नजर रखता था और संबंध बनाने के लिए उसपर दबाव डालने लगा।
महिला ने राहत की उम्मीद में जब कभी सास से देवर की शिकायत की तो बदले में और पिटना पड़ा। बाद में देवर उसके कमरे में घुसकर जबरदस्ती करने लगा।
महीनों तक यह सिलसिला जारी रहा, जिससे वह गर्भवती हो गई।पीड़ित के पिता की तहरीर के मुताबिक ससुराल के लोगों ने उनकी बेटी का मोबाइल फोन छीन लिया था, जिस कारण लंबे समय तक वह अपने मायके में किसी से संपर्क नहीं कर सकी।
पिता बीते दिसंबर में कुशलक्षेम लेने बेटी की ससुराल पहुंचे तो इसकी जानकारी मिली।पीड़ित के पिता का कहना है कि आठ महीनों के गर्भ का कलंक ढो रही पीड़िता की समझ में नहीं आ रहा कि क्या करे।
बीते बृहस्पतिवार पीड़ित पिता ने महिला थानाध्यक्ष को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने बताया कि पहले रामकोला एसओ को तहरीर सौंपी गई थी, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला।
इस संबंध में महिला थाने की प्रभारी विभा पांडेय ने कहा कि तहरीर मिली है। दोनों पक्षों को बुलाया गया है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।