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Ghaziabad News: पहले 1500 रुपये कमाए, फिर 6.03 लाख गंवाए
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गाजियाबाद। वर्क फ्रॉम होम नौकरी और ऑनलाइन टास्क पूरा करने पर मुनाफे का झांसा देकर साइबर ठगों ने गाजियाबाद की एक महिला से 6.03 लाख रुपये ठग लिए। ठगों ने पहले छोटे भुगतान कर महिला का भरोसा जीता और बाद में अलग-अलग बहाने बनाकर कई किस्तों में रकम ट्रांसफर कराई। पीड़िता ने अपनी बचत खत्म होने के बाद लोगों से उधार लेकर भी ठगों को पैसे दिए। ठगी का अहसास होने पर उन्होंने साइबर थाने में केस दर्ज कराया है।
एडीसीपी अपराध पीयूष कुमार सिंह ने बताया कि क्रॉसिंग रिपब्लिक थाना क्षेत्र की महागुन मस्कट सोसायटी निवासी शीला के मुताबिक, उन्हें एक अगस्त को व्हाट्सएप पर वर्क फ्रॉम होम नौकरी का प्रस्ताव मिला था। इसमें गूगल प्ले स्टोर पर होटल की रेटिंग से जुड़े टास्क पूरे करने थे। शुरुआत में उन्हें 180 रुपये और बाद में कुल 1500 रुपये का भुगतान किया गया। इससे उनका ठगों पर भरोसा बढ़ गया।
इसके बाद उन्हें टेलीग्राम पर बातचीत के लिए कहा गया। ठगों ने अधिक मुनाफे का लालच देकर पहले 3000 रुपये जमा कराए। इसके बाद 30 हजार और 70 हजार रुपये लिए। हर बार भुगतान रोकने के पीछे टास्क में गलती या अन्य तकनीकी खामी बताई गई और रकम जमा करने पर भुगतान जारी करने का झांसा दिया गया। इसके बाद 1.50 लाख और तीन लाख रुपये मांगे गए। अंत में 50 हजार रुपये की और मांग की गई। शीला ने यह रकम भी परिचितों से उधार लेकर ट्रांसफर कर दी।
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कुल 6.03 लाख रुपये भेजने के बाद भी जब उन्हें कोई मुनाफा नहीं मिला और ठगों ने और रकम की मांग की तो उन्हें धोखाधड़ी का अहसास हुआ। एडीसीपी ने बताया कि जिन बैंक खातों में रकम ट्रांसफर की गई है, उनकी जांच की जा रही है।
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एडीसीपी अपराध पीयूष कुमार सिंह ने बताया कि क्रॉसिंग रिपब्लिक थाना क्षेत्र की महागुन मस्कट सोसायटी निवासी शीला के मुताबिक, उन्हें एक अगस्त को व्हाट्सएप पर वर्क फ्रॉम होम नौकरी का प्रस्ताव मिला था। इसमें गूगल प्ले स्टोर पर होटल की रेटिंग से जुड़े टास्क पूरे करने थे। शुरुआत में उन्हें 180 रुपये और बाद में कुल 1500 रुपये का भुगतान किया गया। इससे उनका ठगों पर भरोसा बढ़ गया।
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इसके बाद उन्हें टेलीग्राम पर बातचीत के लिए कहा गया। ठगों ने अधिक मुनाफे का लालच देकर पहले 3000 रुपये जमा कराए। इसके बाद 30 हजार और 70 हजार रुपये लिए। हर बार भुगतान रोकने के पीछे टास्क में गलती या अन्य तकनीकी खामी बताई गई और रकम जमा करने पर भुगतान जारी करने का झांसा दिया गया। इसके बाद 1.50 लाख और तीन लाख रुपये मांगे गए। अंत में 50 हजार रुपये की और मांग की गई। शीला ने यह रकम भी परिचितों से उधार लेकर ट्रांसफर कर दी।
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कुल 6.03 लाख रुपये भेजने के बाद भी जब उन्हें कोई मुनाफा नहीं मिला और ठगों ने और रकम की मांग की तो उन्हें धोखाधड़ी का अहसास हुआ। एडीसीपी ने बताया कि जिन बैंक खातों में रकम ट्रांसफर की गई है, उनकी जांच की जा रही है।