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रसोई गैस सिलिंडर फटने से एक की मौत
कुशीनगर
Updated Sat, 16 Apr 2016 11:15 PM IST
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नसरुद्दीन की मौत पर रोते परिवार के लोग।
- फोटो : अमर उजाला
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पडरौना/तुर्कपट्टी। रसोई गैस का बर्नर जलाते वक्त आग लग जाने से तुर्कपट्टी थानाक्षेत्र के छहूं गांव में छोटा गैस सिलिंडर फट गया। घर में फैली आग को बुझाने की कोशिश में छह लोग गंभीर रूप से झुलस गए। बाद में पांच लोगों का प्राथमिक उपचार करने के बाद मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। घायलों में एक की हालत चिंताजनक बनी हुई है।
छहूं गांव के निवासी जमालुद्दीन का 12 वर्षीय बेटे महफूज ने बताया कि शनिवार को दोपहर में तकरीबन 12 बजे वह किसी जरूरत से रसोई गैस के छोटे सिलिंडर का बर्नर जलाने जा रहा था। गैस खुला छोड़कर ही उसने माचिस ढूंढना शुरू कर दिया। इसी बीच घर में आग फैल गई। माचिस लाकर महफूज ने जैसे ही तीली जलाई, पूरे कमरे में आग फैल गई। आग की लपटों में घिर जाने के कारण महफूज चिल्लाने लगा। जब तक लोग आग बुझाने के लिए पहुंचें, कमरे से आग की तेज लपटें उठने लगीं।
आग बुझाने के लिए पड़ोसी भी दौड़ पड़े। आग बुझाते समय ही वह गैस सिलिंडर फट गया। इस वजह से येसुन नेशा (45), नसरुद्दीन (40), महफूज (12), रंजीत मिश्र (30), कलामुद्दीन (50) और खुशियाल (18) वर्ष गंभीर रूप से झुलस गए। गांव के लोगों ने पुलिस को सूचना दी और सभी घायलों को जिला अस्पताल भेजवाया। जिला पहुंचने पर डॉक्टर ने नसरुद्दीन को मृत घोषित कर दिया।
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अन्य लोगों का प्राथमिक उपचार करने के बाद उन्हें मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। वहां महफूज की हालत चिंताजनक बनी हुई है। नसरुद्दीन के शव को पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इस हादसे के बाद से नसरुद्दीन के दोनों नाबालिग बेटों और परिवार के अन्य लोगों का रो रोकर बुरा हाल है।
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छहूं गांव के निवासी जमालुद्दीन का 12 वर्षीय बेटे महफूज ने बताया कि शनिवार को दोपहर में तकरीबन 12 बजे वह किसी जरूरत से रसोई गैस के छोटे सिलिंडर का बर्नर जलाने जा रहा था। गैस खुला छोड़कर ही उसने माचिस ढूंढना शुरू कर दिया। इसी बीच घर में आग फैल गई। माचिस लाकर महफूज ने जैसे ही तीली जलाई, पूरे कमरे में आग फैल गई। आग की लपटों में घिर जाने के कारण महफूज चिल्लाने लगा। जब तक लोग आग बुझाने के लिए पहुंचें, कमरे से आग की तेज लपटें उठने लगीं।
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आग बुझाने के लिए पड़ोसी भी दौड़ पड़े। आग बुझाते समय ही वह गैस सिलिंडर फट गया। इस वजह से येसुन नेशा (45), नसरुद्दीन (40), महफूज (12), रंजीत मिश्र (30), कलामुद्दीन (50) और खुशियाल (18) वर्ष गंभीर रूप से झुलस गए। गांव के लोगों ने पुलिस को सूचना दी और सभी घायलों को जिला अस्पताल भेजवाया। जिला पहुंचने पर डॉक्टर ने नसरुद्दीन को मृत घोषित कर दिया।
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अन्य लोगों का प्राथमिक उपचार करने के बाद उन्हें मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। वहां महफूज की हालत चिंताजनक बनी हुई है। नसरुद्दीन के शव को पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इस हादसे के बाद से नसरुद्दीन के दोनों नाबालिग बेटों और परिवार के अन्य लोगों का रो रोकर बुरा हाल है।