{"_id":"40f048daf16946b526c7ff6699fc2185","slug":"former-district-excise-officer-fined-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पूर्व जिला आबकारी अधिकारी पर जुर्माना लगा ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
पूर्व जिला आबकारी अधिकारी पर जुर्माना लगा
अमर उजाला/कुशीनगर
Updated Sun, 27 Dec 2015 11:34 PM IST
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पिपरा बाजार। खुद को किसान दर्शाकर जमीन खरीदने की वजह से चर्चा में आए कुशीनगर के पूर्व जिला आबकारी अधिकारी शैलेंद्र कुमार राय कम स्टांप शुल्क अदा करने के दोषी ठहराये गए हैं।
भूमि की मालियत कम दिखाकर जमीन की रजिस्ट्री कराने के आरोप में सहायक आयुक्त स्टांप/कलेक्टर स्टांप ने राय से न केवल छिपाए गए स्टांप की रकम, बल्कि 26 हजार 300 रुपये जुर्माना भी वसूल करने का आदेश दिया है। इस प्रकरण की शुरुआत वर्ष 2013 में हुई थी। तीन अगस्त 2013 को पिपरा बुजुर्ग गांव की अलीमुन नेशा ने डीएम को शिकायती पत्र देकर आशंका व्यक्त की थी कि उनके पति की से जिला आबकारी अधिकारी भूमि खरीदना चाहते हैं। ‘अमर उजाला’ ने 17 अगस्त 2013 के अंक में ‘किसान बनकर जमीन खरीद ली’ और 21 अगस्त 2013 के अंक में ‘बैनामा की जांच होगी’ शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था।
अलीमुन की पीड़ा थी कि रिहायशी जमीन भी बिक गई तो परिवार के अन्य सदस्य बेसहारा हो जाएंगे। महिला ने डीएम से यह भी शिकायत की थी कि राय कुशीनगर में जिला आबकारी अधिकारी के पद पर कार्यरत होने के बावजूद स्वयं को किसान दर्शाया है, जो उचित प्रतीत नहीं होता।
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इसके बावजूद 12 अगस्त 2013 को जमीन का बैनामा हो गया। हालांकि बैनामा के बाद डीएम ने सब रजिस्ट्रार को न केवल शो काज नोटिस जारी किया, बल्कि उनका वेतन रोकने का आदेश भी दिया था। तत्कालीन डीएम ने आदेश जारी किया था कि जमीन की रजिस्ट्री करने वाले व्यक्ति की पत्नी अगर मौजूद है तो उसकी सहमति जरूरी है। इसी दौरान जिला आबकारी अधिकारी राय का ट्रांसफर हो गया।
अलीमुन नेशा की शिकायत के क्रम में डीएम की ओर से जारी आदेश के तहत प्रकरण की जांच चलती रही। जांच के दौरान उप निबंधक पड़रौना एवं सहायक महानिरीक्षक निबंधन ने मौके का निरीक्षण किया। जांच अधिकारियों ने अपनी आख्या में जमीन का मूल्यांकन कम दिखाकर रजिस्ट्री कराए जाने की पुष्टि की। इसके बाद सहायक आयुक्त स्टांप डीपी वर्मा की ओर से भारतीय स्टांप अधिनियम के तहत सुनाए गए फैसले में शैलेंद्र कुमार राय एक लाख पांच हजार दो सौ रुपये के स्टांप छिपाने के दोषी ठहराए गए हैं।
सहायक आयुक्त ने पूर्व जिला आबकारी अधिकारी राय से 12 अगस्त 2013 से अदायगी की तारीख तक यह धनराशि ब्याज सहित और 26300 रुपये अर्थदंड वसूलने का निर्णय दिया है।
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भूमि की मालियत कम दिखाकर जमीन की रजिस्ट्री कराने के आरोप में सहायक आयुक्त स्टांप/कलेक्टर स्टांप ने राय से न केवल छिपाए गए स्टांप की रकम, बल्कि 26 हजार 300 रुपये जुर्माना भी वसूल करने का आदेश दिया है। इस प्रकरण की शुरुआत वर्ष 2013 में हुई थी। तीन अगस्त 2013 को पिपरा बुजुर्ग गांव की अलीमुन नेशा ने डीएम को शिकायती पत्र देकर आशंका व्यक्त की थी कि उनके पति की से जिला आबकारी अधिकारी भूमि खरीदना चाहते हैं। ‘अमर उजाला’ ने 17 अगस्त 2013 के अंक में ‘किसान बनकर जमीन खरीद ली’ और 21 अगस्त 2013 के अंक में ‘बैनामा की जांच होगी’ शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था।
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अलीमुन की पीड़ा थी कि रिहायशी जमीन भी बिक गई तो परिवार के अन्य सदस्य बेसहारा हो जाएंगे। महिला ने डीएम से यह भी शिकायत की थी कि राय कुशीनगर में जिला आबकारी अधिकारी के पद पर कार्यरत होने के बावजूद स्वयं को किसान दर्शाया है, जो उचित प्रतीत नहीं होता।
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इसके बावजूद 12 अगस्त 2013 को जमीन का बैनामा हो गया। हालांकि बैनामा के बाद डीएम ने सब रजिस्ट्रार को न केवल शो काज नोटिस जारी किया, बल्कि उनका वेतन रोकने का आदेश भी दिया था। तत्कालीन डीएम ने आदेश जारी किया था कि जमीन की रजिस्ट्री करने वाले व्यक्ति की पत्नी अगर मौजूद है तो उसकी सहमति जरूरी है। इसी दौरान जिला आबकारी अधिकारी राय का ट्रांसफर हो गया।
अलीमुन नेशा की शिकायत के क्रम में डीएम की ओर से जारी आदेश के तहत प्रकरण की जांच चलती रही। जांच के दौरान उप निबंधक पड़रौना एवं सहायक महानिरीक्षक निबंधन ने मौके का निरीक्षण किया। जांच अधिकारियों ने अपनी आख्या में जमीन का मूल्यांकन कम दिखाकर रजिस्ट्री कराए जाने की पुष्टि की। इसके बाद सहायक आयुक्त स्टांप डीपी वर्मा की ओर से भारतीय स्टांप अधिनियम के तहत सुनाए गए फैसले में शैलेंद्र कुमार राय एक लाख पांच हजार दो सौ रुपये के स्टांप छिपाने के दोषी ठहराए गए हैं।
सहायक आयुक्त ने पूर्व जिला आबकारी अधिकारी राय से 12 अगस्त 2013 से अदायगी की तारीख तक यह धनराशि ब्याज सहित और 26300 रुपये अर्थदंड वसूलने का निर्णय दिया है।