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सुरक्षा एजेंसी सक्रिय
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नेपाल-बिहार सीमा क्षेत्र में खुफिया एजेंसियां अलर्ट
आने-जाने वाला का परिचय पत्र मांग रहे सुरक्षा कर्मी
जांच के बाद निश्चित होने पर ही सीमा करने दे रहे पार
अमर उजाला ब्यूरो
खड्डा। लोकसभा चुनाव को लेकर भारत-नेपाल सीमा के गंडक बैराज व यूपी बिहार बार्डर के सटे वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के जंगल और माओवाद प्रभावित थारू इलाके में एसएसबी के साथ पुलिस व खुफिया एजेंसी सक्रिय हो गई हैं। छत्तीसगढ़ में हुई नक्सली वारदात के बाद सुरक्षा बलों के कान खड़े हो गए हैं।
सुरक्षा एजेंसियों को सूचना मिली है कि इन दिनों नेपाल के रास्ते बिहार होकर बदमाश यूपी में प्रवेश कर सकते हैं। नेपाल के रास्ते देश विरोधी तत्वों के घुसपैठ कर चुनाव में खलल डालने के अलर्ट के बाद इंडो नेपाल बार्डर के त्रिवेणी गंडक बैराज पर तैनात सशस्त्र सीमा बल के जवान, खोजी कुत्ते व सीसीटीवी कैमरे की मदद से आने जाने वाले वाहनों व संदिग्ध लोगों पर नजर रखी जा रही है। आने-जाने वालों के परिचय पत्र का मिलान करने के बाद ही आगे बढ़ने की इजाजत दी जा रही है। नेपाल व भारत की खुली सीमा के साथ ही गंडक नदी के विकट इलाके से हमेशा घुसपैठ की आशंका बनी रहती है। सीमावर्ती बिहार के वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के जंगल, थारू जनजाति बहुल इलाके में सक्रिय माओवादी, लालसलाम द्वारा चुनाव में गड़बड़ी करने के इतिहास को देखते हुए पैरामिलिट्री कांबिंग कर रही है। पूर्व में माओवादियों द्वारा गंडक नदी के पनियहवा पुल को खतरा पहुंचाने की दी गई धमकी के बाद से ही देश की शीर्ष खुफिया एजेंसी नजर रख रही है। रामनवमी पर जंगल में दुर्गा शक्ति पीठों पर मेले में जुटने वाली भीड़ को लेकर पुलिस सतर्कता बरत रही है। बिहार पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी कहते हैं कि चुनाव में गड़बड़ी करने का माओवादियों का इतिहास रहा है। हाल के दिनों में नक्सली गतिविधियां बढ़ने से चिंता बढ़ गई है। गंडक बैराज पर तैनात निरीक्षक कालिदास ने बताया कि सशस्त्र सीमा बल के जवान और अधिकारी सदैव तत्पर रहते हैं। लोक सभा चुनाव व रामनवमी, दुर्गा पूजा को देखते हुए सीमा क्षेत्र की सुरक्षा जांच सख्त कर दी गई है। सीसीटीवी व खोजी कुत्तों की मदद ली जा रही है। गंडक नदी व जंगल की पगडंडियों पर पुलिस वन विभाग के सहयोग से गश्त कर नजर रखी जा रही है।
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आने-जाने वाला का परिचय पत्र मांग रहे सुरक्षा कर्मी
जांच के बाद निश्चित होने पर ही सीमा करने दे रहे पार
अमर उजाला ब्यूरो
खड्डा। लोकसभा चुनाव को लेकर भारत-नेपाल सीमा के गंडक बैराज व यूपी बिहार बार्डर के सटे वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के जंगल और माओवाद प्रभावित थारू इलाके में एसएसबी के साथ पुलिस व खुफिया एजेंसी सक्रिय हो गई हैं। छत्तीसगढ़ में हुई नक्सली वारदात के बाद सुरक्षा बलों के कान खड़े हो गए हैं।
सुरक्षा एजेंसियों को सूचना मिली है कि इन दिनों नेपाल के रास्ते बिहार होकर बदमाश यूपी में प्रवेश कर सकते हैं। नेपाल के रास्ते देश विरोधी तत्वों के घुसपैठ कर चुनाव में खलल डालने के अलर्ट के बाद इंडो नेपाल बार्डर के त्रिवेणी गंडक बैराज पर तैनात सशस्त्र सीमा बल के जवान, खोजी कुत्ते व सीसीटीवी कैमरे की मदद से आने जाने वाले वाहनों व संदिग्ध लोगों पर नजर रखी जा रही है। आने-जाने वालों के परिचय पत्र का मिलान करने के बाद ही आगे बढ़ने की इजाजत दी जा रही है। नेपाल व भारत की खुली सीमा के साथ ही गंडक नदी के विकट इलाके से हमेशा घुसपैठ की आशंका बनी रहती है। सीमावर्ती बिहार के वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के जंगल, थारू जनजाति बहुल इलाके में सक्रिय माओवादी, लालसलाम द्वारा चुनाव में गड़बड़ी करने के इतिहास को देखते हुए पैरामिलिट्री कांबिंग कर रही है। पूर्व में माओवादियों द्वारा गंडक नदी के पनियहवा पुल को खतरा पहुंचाने की दी गई धमकी के बाद से ही देश की शीर्ष खुफिया एजेंसी नजर रख रही है। रामनवमी पर जंगल में दुर्गा शक्ति पीठों पर मेले में जुटने वाली भीड़ को लेकर पुलिस सतर्कता बरत रही है। बिहार पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी कहते हैं कि चुनाव में गड़बड़ी करने का माओवादियों का इतिहास रहा है। हाल के दिनों में नक्सली गतिविधियां बढ़ने से चिंता बढ़ गई है। गंडक बैराज पर तैनात निरीक्षक कालिदास ने बताया कि सशस्त्र सीमा बल के जवान और अधिकारी सदैव तत्पर रहते हैं। लोक सभा चुनाव व रामनवमी, दुर्गा पूजा को देखते हुए सीमा क्षेत्र की सुरक्षा जांच सख्त कर दी गई है। सीसीटीवी व खोजी कुत्तों की मदद ली जा रही है। गंडक नदी व जंगल की पगडंडियों पर पुलिस वन विभाग के सहयोग से गश्त कर नजर रखी जा रही है।
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