शैक्षणिक भ्रमण के नाम पर धर्म परिवर्तन से भड़के लोग
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रामाभार स्तूप के निकट स्थित बौद्ध विहार में दोपहर 12 बजे दूसरे बौद्ध विहार से 120 बच्चे भोजन करने आए थे। दोनों बौद्ध विहारों के बीच की दूरी करीब 200 मीटर है। रास्ते में बच्चों का सिर मुंडा देख स्थानीय लोगों ने उनसे बात की तो पता चला कि इन बच्चों को बौद्ध धर्म की दीक्षा दी जा रही है।
इसकी जानकारी होने पर हियुवा के अमरचंद हिंदुस्तानी, आरएसएस के वीरेंद्र व भाजपा के संतोष सिंह बौद्ध विहार पहुंच गए। वहां इन बच्चों को लाने वाले ठेकेदार व पदाधिकारियों से तीखी नोक झोंक होने लगी। जानकारी होने पर इंस्पेक्टर कसया अतुल्य कुमार पांडेय व चौकी इंचार्ज महेंद्र कुमार चतुर्वेदी फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। वहां मौजूद बच्चों का बयान दर्ज किया। यह सभी बच्चे देवरिया के गढ़रामपुर के आसपास संचालित विद्यालयों के हैं। उन्हें एजेंट के माध्यम से पांच दिन का शैक्षणिक भ्रमण बताकर यहां लाया गया था।
दूसरे दिन शुक्रवार को सातवीं के छात्र संगम गुप्ता के पिता सोन्हुला रामनगर निवासी बालचंद कुशीनगर पहुंचे। अपने बच्चे का सिर मुंडा देख बताया कि इस तरह की जानकारी उन्हें नहीं दी गई है। इस संबंध में इंस्पेक्टर अतुल्य कुमार पांडेय ने बताया कि बच्चों का बयान दर्ज किया गया है। तहरीर मिलने पर कार्रवाई होगी। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट अभिषेक पांडेय ने बताया कि बौद्ध विहार में बच्चों से मिलकर जानकारी हासिल की गई है। स्कूलों के प्रबंधकों और कार्यक्रम आयोजक को नोटिस भेजा जाएगा। जांच चल रही है। जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद जरूरी कार्रवाई होगी।