{"_id":"5b897c7f42c792465d1d3bb2","slug":"31535736959-kushinagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"एडीएम ,एएसपी और एसडीएम ने नगर के एसबीआई शाखा में की छापेमारी","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
एडीएम ,एएसपी और एसडीएम ने नगर के एसबीआई शाखा में की छापेमारी
ब्यूरो/अमर उजाला कुश्ाीनगर
Updated Fri, 31 Aug 2018 11:26 PM IST
विज्ञापन
एसबीआई पडरौना में जांच के बाद बाहर आते एएसपी और एसडीएम।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पडरौना। प्राधिकारी बिल का फर्जी हस्ताक्षर करके 33 लाख का भुगतान चेक के माध्यम से किए जाने की कोशिश की सूचना पर एडीएम ने टीम के साथ एसबीआई की पडरौना शाखा में छापेमारी की। जांच के दौरान पता चला कि एक तथाकथित रिटायर्ड कानूनगों और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी और 19 लाख ओसी बिल दूसरे खाते में डाले जाने के संबंध में फर्जी पत्र निर्गत हुआ है। वैसे अभी पैसे का भुगतान नहीं हो पाया है। एडीएम के निर्देश के बाद एक युवक को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है।
एडीएम कृष्ण लाल तिवारी ने बताया कि प्राधिकारी अधिकारी ओसी बिल के फर्जी हस्ताक्षर से किसी ने पत्र जारी कर निर्देश दिया कि आपदा के 33 लाख में से 12 लाख 20 हजार रुपये तथा कथित रिटायर्ड कानूनगों रमापति मिश्र के पेंशन का, कथाकथित चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी प्रद्युम्न विश्वकर्मा के नाम दो लाख और 19 लाख ओसी बिल के नाम से चेक निर्गत कर दिया जाए। तीनों चेक फर्जी हस्ताक्षर वाले पत्र से निर्गत कर भी दिए गए। प्रद्युम्न के नाम से दो लाख का चेक निर्गत कर दिया, लेकिन बैंक के केसीसी खाते में पैसा पड़ा हुआ है। जांच में पता चला कि रिटायर्ड कानूनगों बताए गए और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी कभी इस पद पर रहे ही नहीं। रमापति मिश्रा के बेटे सुबोध मिश्र ग्राम बेलवा मिश्र ने अपने पिता के नाम 12 लाख के चेक का भुगतान पाने के लिए छावनी स्थित बंधन बैंक पर दबाव बना रहे है। इतनी बडी रकम का हस्ताक्षर के सही मिलान नहीं होने और उनके बार-बार दबाव देने से बंधन बैंक के ब्रांच सेल्स मैनेजर शिवशंकर त्रिपाठी और क्लीरेंस मैनेजर अनिल ने एसबीआई पडरौना में खुद पहुंच कर जांच पड़ताल की और इसकी सूचना एडीएम को दी। सूचना के बाद एडीएम, एएसपी, एसडीएम कप्तानगंज, कोतवाल एसबीआई शाखा में पहुंच गए और मामले की जांच पड़ताल की। बैंक कर्मियों की सूचना पर सुबोध को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। एडीएम ने बताया कि जांच में यह भी पता चला कि 33 लाख का भुगतान अभी नहीं हो पाया है। एसडीएम कप्तानगंज ओसी बिल और कोतवाल पडरौना को निर्देश दिया गया है कि पूरे मामले में जो भी दोषी हो, उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराते हुए कार्रवाई कराए।
विज्ञापन
एडीएम कृष्ण लाल तिवारी ने बताया कि प्राधिकारी अधिकारी ओसी बिल के फर्जी हस्ताक्षर से किसी ने पत्र जारी कर निर्देश दिया कि आपदा के 33 लाख में से 12 लाख 20 हजार रुपये तथा कथित रिटायर्ड कानूनगों रमापति मिश्र के पेंशन का, कथाकथित चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी प्रद्युम्न विश्वकर्मा के नाम दो लाख और 19 लाख ओसी बिल के नाम से चेक निर्गत कर दिया जाए। तीनों चेक फर्जी हस्ताक्षर वाले पत्र से निर्गत कर भी दिए गए। प्रद्युम्न के नाम से दो लाख का चेक निर्गत कर दिया, लेकिन बैंक के केसीसी खाते में पैसा पड़ा हुआ है। जांच में पता चला कि रिटायर्ड कानूनगों बताए गए और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी कभी इस पद पर रहे ही नहीं। रमापति मिश्रा के बेटे सुबोध मिश्र ग्राम बेलवा मिश्र ने अपने पिता के नाम 12 लाख के चेक का भुगतान पाने के लिए छावनी स्थित बंधन बैंक पर दबाव बना रहे है। इतनी बडी रकम का हस्ताक्षर के सही मिलान नहीं होने और उनके बार-बार दबाव देने से बंधन बैंक के ब्रांच सेल्स मैनेजर शिवशंकर त्रिपाठी और क्लीरेंस मैनेजर अनिल ने एसबीआई पडरौना में खुद पहुंच कर जांच पड़ताल की और इसकी सूचना एडीएम को दी। सूचना के बाद एडीएम, एएसपी, एसडीएम कप्तानगंज, कोतवाल एसबीआई शाखा में पहुंच गए और मामले की जांच पड़ताल की। बैंक कर्मियों की सूचना पर सुबोध को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। एडीएम ने बताया कि जांच में यह भी पता चला कि 33 लाख का भुगतान अभी नहीं हो पाया है। एसडीएम कप्तानगंज ओसी बिल और कोतवाल पडरौना को निर्देश दिया गया है कि पूरे मामले में जो भी दोषी हो, उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराते हुए कार्रवाई कराए।
विज्ञापन