{"_id":"5c8947d5bdec22144002d873","slug":"151552500693-kushinagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बेटों के जेल जाने के सदमे से वृद्ध ने तोड़ा दम","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
बेटों के जेल जाने के सदमे से वृद्ध ने तोड़ा दम
Wed, 13 Mar 2019 11:41 PM IST
राकेश पांडेय
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो
Published by: राकेश पांडेय
Updated Wed, 13 Mar 2019 11:41 PM IST
विज्ञापन
बतरौली धुरखड़वा गांव निवासी जुगुल गुप्ता की मौत पर विलाप करते परिजन ।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दुदही(कुशीनगर)। मारपीट के मामले में एक साथ चार बेटों के जेल जाने के सदमे से वृद्ध पिता की मौत हो गई। इससे परिवार में कोहराम मच गया। गांव के लोग यही कह रहे थे बेटों के जेल जाने की घटना से वे गमगीन थे। घटना विशुनपुरा थाना क्षेत्र के बतरौली धुरखड़वा गांव का है।
विशुनपुरा क्षेत्र के बतरौली धुरखड़वा में 70 वर्षीय जुगुल गुप्ता एवं उनके पड़ोसी में जमीन विवाद में वर्ष 2018 में मारपीट हुई थी। पड़ोसी ने जुगुल और उनके चार बेटे उपेंद्र, महेंद्र, सुबाष व व्यास के खिलाफ संगीन आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराया था। उसी मामले में गैर जमानती वारंट जारी हुआ था।
परिवार वालों ने बताया कि मंगलवार को आरोपी जुगुल और उनके चारों बेटों ने अधिवक्ता के माध्यम से कोर्ट में जमानत प्रार्थना पत्र दिया। वृद्ध की जमानत हो गई और वह घर लौट गए। जबकि चारों बेटों की जमानत अर्जी निरस्त हो गई और वे जेल भेज दिए गए। शाम को जुगुल घर पहुंचे तो काफी गमगीन थे।
विज्ञापन
बेटों के जेल जाने के सदमे से बीमार पड़ गए। परिजन उन्हें सीएचसी दुदही ले गए। चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया। पडरौना ले जाते समय रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। लोग शव लेकर घर पहुंचे तो कोहराम मच गया। बहू और अन्य लोगों का रो-रो कर बुरा हाल था।
भतीजे ने दी मुखाग्नि
दुदही। बेटों के जेल में होने की वजह से जुगुल को उसके भतीजे ने मुखाग्नि दी। इस घटना को लेकर नाते- रिश्तेदार जहां गमगीन थे, वहीं गांव के लोगों ने भी इसे अद्भुत संयोग बताया। गांव वालों ने बताया कि बहुएं काफी परेशान थीं कि कोई बेटा ही पिता को मुखाग्नि दे, लेकिन ऐसा संभव नहीं हो पाया। विवशता में भतीजेे ने ही मुखाग्नि दी।
विज्ञापन
विशुनपुरा क्षेत्र के बतरौली धुरखड़वा में 70 वर्षीय जुगुल गुप्ता एवं उनके पड़ोसी में जमीन विवाद में वर्ष 2018 में मारपीट हुई थी। पड़ोसी ने जुगुल और उनके चार बेटे उपेंद्र, महेंद्र, सुबाष व व्यास के खिलाफ संगीन आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराया था। उसी मामले में गैर जमानती वारंट जारी हुआ था।
विज्ञापन
परिवार वालों ने बताया कि मंगलवार को आरोपी जुगुल और उनके चारों बेटों ने अधिवक्ता के माध्यम से कोर्ट में जमानत प्रार्थना पत्र दिया। वृद्ध की जमानत हो गई और वह घर लौट गए। जबकि चारों बेटों की जमानत अर्जी निरस्त हो गई और वे जेल भेज दिए गए। शाम को जुगुल घर पहुंचे तो काफी गमगीन थे।
विज्ञापन
बेटों के जेल जाने के सदमे से बीमार पड़ गए। परिजन उन्हें सीएचसी दुदही ले गए। चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया। पडरौना ले जाते समय रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। लोग शव लेकर घर पहुंचे तो कोहराम मच गया। बहू और अन्य लोगों का रो-रो कर बुरा हाल था।
भतीजे ने दी मुखाग्नि
दुदही। बेटों के जेल में होने की वजह से जुगुल को उसके भतीजे ने मुखाग्नि दी। इस घटना को लेकर नाते- रिश्तेदार जहां गमगीन थे, वहीं गांव के लोगों ने भी इसे अद्भुत संयोग बताया। गांव वालों ने बताया कि बहुएं काफी परेशान थीं कि कोई बेटा ही पिता को मुखाग्नि दे, लेकिन ऐसा संभव नहीं हो पाया। विवशता में भतीजेे ने ही मुखाग्नि दी।