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Kushinagar News: ठेकेदार ने अधूरा छोड़ा ओवरहेड टैंक का निर्माण, दो साल से जिम्मेदार बेखबर
Mon, 10 Feb 2025 11:59 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Mon, 10 Feb 2025 11:59 PM IST
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पिपरा कनक। ब्लॉक तमकुही के ग्राम पंचायत महुअवा देवरिया में 1.28 करोड़ में बनाए जा रहे ओवर हेड टैंक का निर्माण अधूरा छोड़कर ठेकेदार फरार हो गया है। दो साल से काम ठप होने के बावजूद जल निगम के अधिकारियों ने इसकी सुध नहीं ली।
ओवर हेड टैंक बनाने के नाम पर क्षेत्र में करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद लोगों को शुद्ध पेयजल नहीं मिल पा रहा है। कहीं ओवर हेड टैंक बनाने में घटिया सामग्री का इस्तेमाल हो रहा है तो कहीं ठेकेदार काम बीच में ही छोड़ दे रहे हैं, लेकिन विभागीय अधिकारी इससे बेखबर बने हुए हैं। महुअवा देवरियां में भी सवा करोड़ से अधिक रुपये खर्च होने के बावजूद लोगों को शुद्ध पेयजल नहीं मिलना सिस्टम पर सवाल खड़ा कर रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि दो वर्ष से निर्माण कार्य ठप पड़ा हुआ है। ओवर हेड टैंक के प्लास्टर के लिए डाली गई शटरिंग का सामान वैसे ही छोड़ देने के कारण वह भी सड़कर गिर रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि भुगतान न होने से ठेकेदार काम बंद कर दिया है। महुअवा गांव के पाले खान कहते हैं कि ओवर हेड टैंक बनाने से यह आशा जगी थी कि गांव को शुद्ध पेयजल मिलेगा।
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अधूरा निर्माण छोड़कर ठेकेदार दो वर्ष से फरार है फिर कोई भी विभाग का जिम्मेदार अधिकारी इसे देखने तक नहीं आया। अब लगता है कि यह अधूरा ही रह जाएगा।
गांव के अखिलेश तिवारी उर्फ किट्टू ने बताया कि पांच साल पूर्व ओवर हेड टैंक का निर्माण शुरू हुआ था। जो निर्माण हुआ है, उसके बाद रात में ही ठेकेदार व श्रमिक यहां से फरार हो गए।
दो वर्ष बाद भी वापस नहीं आए कि टैंक का निर्माण पूर्ण हो सके। उन्होंने मांग की कि विभागीय अधिकारियों को अधूरे टैंक का निर्माण पूरा कराकर पेयजल की आपूर्ति शुरू करनी चाहिए।
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ओवर हेड टैंक बनाने के नाम पर क्षेत्र में करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद लोगों को शुद्ध पेयजल नहीं मिल पा रहा है। कहीं ओवर हेड टैंक बनाने में घटिया सामग्री का इस्तेमाल हो रहा है तो कहीं ठेकेदार काम बीच में ही छोड़ दे रहे हैं, लेकिन विभागीय अधिकारी इससे बेखबर बने हुए हैं। महुअवा देवरियां में भी सवा करोड़ से अधिक रुपये खर्च होने के बावजूद लोगों को शुद्ध पेयजल नहीं मिलना सिस्टम पर सवाल खड़ा कर रहा है।
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ग्रामीणों का कहना है कि दो वर्ष से निर्माण कार्य ठप पड़ा हुआ है। ओवर हेड टैंक के प्लास्टर के लिए डाली गई शटरिंग का सामान वैसे ही छोड़ देने के कारण वह भी सड़कर गिर रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि भुगतान न होने से ठेकेदार काम बंद कर दिया है। महुअवा गांव के पाले खान कहते हैं कि ओवर हेड टैंक बनाने से यह आशा जगी थी कि गांव को शुद्ध पेयजल मिलेगा।
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अधूरा निर्माण छोड़कर ठेकेदार दो वर्ष से फरार है फिर कोई भी विभाग का जिम्मेदार अधिकारी इसे देखने तक नहीं आया। अब लगता है कि यह अधूरा ही रह जाएगा।
गांव के अखिलेश तिवारी उर्फ किट्टू ने बताया कि पांच साल पूर्व ओवर हेड टैंक का निर्माण शुरू हुआ था। जो निर्माण हुआ है, उसके बाद रात में ही ठेकेदार व श्रमिक यहां से फरार हो गए।
दो वर्ष बाद भी वापस नहीं आए कि टैंक का निर्माण पूर्ण हो सके। उन्होंने मांग की कि विभागीय अधिकारियों को अधूरे टैंक का निर्माण पूरा कराकर पेयजल की आपूर्ति शुरू करनी चाहिए।