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किताबों के इंतजार में बच्चे, अभिभावक परेशान
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किताबों के इंतजार में बच्चे, अभिभावक परेशान
तीन लाख विद्याथियों को नहीं मिलीं पुस्तकें
पुरानी किताबों से पढ़ाई करा रहे अध्यापक
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। जिले के परिषदीय स्कूलों में नामांकित विद्यार्थियों को किताबें नहीं मिली पाई हैं। शिक्षक पुरानी किताबों से पढ़ाई करा रहे हैं। इससे अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है।
जिले में 2464 परिषदीय, 56 वित्त पोषित जूनियर और 55 वित्त पोषित माध्यमिक विद्यालय हैं। कक्षा एक से आठवीं तक तीन लाख से अधिक विद्यार्थियों का नामांकन है। नया शैक्षिक सत्र शुरू हुए चार माह हो गए हैं, लेकिन छात्र-छात्राओं को किसी भी विषय की पुस्तकें नहीं मिल पाई हैं।
सुमही गांव की जमुंती देवी ने बताया कि उनकी बेटी गांव के प्राथमिक विद्यालय में कक्षा दो में पढ़ती है। किताबें नहीं मिली हैं। उसकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। नटवा डूमरभार की रहने वाली सुनीता देवी ने कहा कि गांव के प्राथमिक विद्यालय में उनका बेटा कृष्णा कक्षा तीन में पढ़ता है। किताबें नहीं मिलने से स्कूल में मिले गृहकार्य को नहीं कर पाता है।
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दुदही ब्लॉक के धर्मपुर के रहने वाले अनिल कुशवाहा ने बताया कि गांव के प्राथमिक स्कूल में बेटा शनि कुमार कक्षा पांच में पढ़ता है। सरकार की तरफ से किताबें नहीं मिली हैं। बाजार में किताबें उपलब्ध नहीं हैं।
...
कोट
विद्यार्थियों को किताबें देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जिले को उपलब्ध कराए गए किताबों का सत्यापन कर लिया गया है। शीघ्र ही किताबें विद्यालयों में भिजवा दी जाएंगी।
डॉ. कमलेंद्र कुमार कुशवाहा, बीएसए
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तीन लाख विद्याथियों को नहीं मिलीं पुस्तकें
पुरानी किताबों से पढ़ाई करा रहे अध्यापक
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। जिले के परिषदीय स्कूलों में नामांकित विद्यार्थियों को किताबें नहीं मिली पाई हैं। शिक्षक पुरानी किताबों से पढ़ाई करा रहे हैं। इससे अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है।
जिले में 2464 परिषदीय, 56 वित्त पोषित जूनियर और 55 वित्त पोषित माध्यमिक विद्यालय हैं। कक्षा एक से आठवीं तक तीन लाख से अधिक विद्यार्थियों का नामांकन है। नया शैक्षिक सत्र शुरू हुए चार माह हो गए हैं, लेकिन छात्र-छात्राओं को किसी भी विषय की पुस्तकें नहीं मिल पाई हैं।
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सुमही गांव की जमुंती देवी ने बताया कि उनकी बेटी गांव के प्राथमिक विद्यालय में कक्षा दो में पढ़ती है। किताबें नहीं मिली हैं। उसकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। नटवा डूमरभार की रहने वाली सुनीता देवी ने कहा कि गांव के प्राथमिक विद्यालय में उनका बेटा कृष्णा कक्षा तीन में पढ़ता है। किताबें नहीं मिलने से स्कूल में मिले गृहकार्य को नहीं कर पाता है।
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दुदही ब्लॉक के धर्मपुर के रहने वाले अनिल कुशवाहा ने बताया कि गांव के प्राथमिक स्कूल में बेटा शनि कुमार कक्षा पांच में पढ़ता है। सरकार की तरफ से किताबें नहीं मिली हैं। बाजार में किताबें उपलब्ध नहीं हैं।
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कोट
विद्यार्थियों को किताबें देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जिले को उपलब्ध कराए गए किताबों का सत्यापन कर लिया गया है। शीघ्र ही किताबें विद्यालयों में भिजवा दी जाएंगी।
डॉ. कमलेंद्र कुमार कुशवाहा, बीएसए