फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kushinagar News ›   Birth certificate: Didn't learn from mistakes, officers worried over fear of fraud

जन्म प्रमाणपत्र : गलतियों से नहीं ली सीख फर्जीवाड़े की अाश्ांका पर अफसर परेशान

Fri, 10 Jan 2025 12:08 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर Updated Fri, 10 Jan 2025 12:08 AM IST
विज्ञापन
Birth certificate: Didn't learn from mistakes, officers worried over fear of fraud
कुशीनगर। तमकुही ब्लॉक में बीते वर्ष में कंप्यूटर ऑपरेटर की ओर से सचिव की आईडी हैक कर कई गांव में जारी हुए फर्जी जन्म प्रमाणपत्र का मामला प्रदेश में सुखियों में रहा। इसका कनेक्शन रायबरेली के सलोन और हाथरस में हुए प्रमाणपत्र फर्जीवाड़े से जुड़ा था।
विज्ञापन

डीएम के नेतृत्व में सभी सचिव को उनकी आईडी पासवर्ड बदलकर इसे संजीदगी से चलाने की हिदायत भी दी गई, लेकिन नए साल के शुरुआत में फिर से प्रमाणपत्र फर्जीवाड़े का सच सामने आना शुरू हो गया है। इस बार जिले के अन्य क्षेत्र से सचिव इससे प्रभावित हुए हैं। सचिव की मांग पर विभाग ने पड़ताल तो शुरू कर दी है, लेकिन लगातार ऐसे आईडी हैक कर किसी बाहरी व्यक्ति की ओर से अलग-अलग ग्राम पंचायतों में जन्म प्रमाणपत्र जारी करना महकमे की कार्य प्रणाली पर सवालिया निशान खड़ा कर रहा है।
विज्ञापन

जिला फिर से प्रमाण पत्र में फर्जीवाड़े को लेकर चर्चा में है। हाटा ब्लॉक क्षेत्र के परासखाड़ व कुरमौरा के सचिव ने अपनी निजी आईडी पासवर्ड से छेड़छाड़ कर कई गांव में प्रमाणपत्र जारी होने की शिकायत की है। सचिव के अनुसार उनकी ओर से ईमेल गलत दर्ज होने के कारण किसी व्यक्ति ने आईडी से छेड़छाड़ की है। यह पहला मामला नहीं है। कुछ ऐसे ही सचिव की लापरवाही के कारण और प्रमाणपत्र फर्जीवाड़े को लेकर जिले के युवकों का कनेक्शन रायबरेली और हाथरस से जुड़ा था।
विज्ञापन
विज्ञापन

एटीएस और हाथरस की पुलिस कुशीनगर पहुंचकर यहां से युवकों को ले गई थी। इसमें रायबरेली के सलोन में हुए प्रमाण पत्र फर्जीवाड़े में हाथ को लेकर एटीएस (आतंकवाद निरोधक दस्ता) ने कुशीनगर जिले में छापेमारी कर तरयासुजान के संजीव और सतीश सोनी को गिरफ्तार किया था। इसमें दो दिनों तक पूछताछ के बाद संजीव को एटीएस ने रायबरेली पुलिस को सौंपा, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
इनके कनेक्शन रायबरेली में बने 19 हजार से अधिक फर्जी जन्म प्रमाण पत्रों से निकले थे। इसके बाद हाथरस में बने फर्जी जन्म प्रमाण पत्र के मामले में पहुंची पुलिस ने स्वच्छ भारत मिशन के कंप्यूटर ऑपरेटर अनिल उर्फ अरविंद प्रसाद को गिरफ्तार किया था। अरविंद ने सचिव की आईडी छेड़छाड़ कर तुर्कपट्टी थाना क्षेत्र के तिरमासाहुन आदि कई ग्राम पंचायत में फर्जी जन्म प्रमाण पत्र जारी किए थे।

तब विभागीय कई लोगों की गर्दन फंसी थी तो पंचायती राज विभाग और विकास विभाग ने पत्र में जांच जांच खेलकर बिना किसी एजेंसी के सहयोग लिए जांच के नाम पर अमर उजाला की खबर के बाद कंप्यूटर ऑपरेटर को बर्खास्त कर दिया। इसके अलावा किसी कर्मचारी पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। बाद में नवंबर माह में सभी सचिवों की नई आईडी और पासवर्ड दिया गया और इसे साझा न करते के निर्देश जिलाधिकारी ने दिए थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed