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Kushinagar News: शादी के लिए 30 घंटे से दरवाजे पर अड़ी महिला, घरवाले ताला बंद कर गायब
Thu, 13 Jul 2023 11:26 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Thu, 13 Jul 2023 11:26 PM IST
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- कप्तानगंज थाना क्षेत्र के भड़सर नारायण गांव का मामला
- फेसबुक के जरिए हुई दोस्ती, बाद में रिश्ते में तब्दील
- दो साल पूर्व प्रशिक्षु दरोगा से गोरखपुर न्यायालय में हुई थी शादी
- शादी के बाद पति की ओर से नजरअंदाज करने पर युवती ने दर्ज कराया था मुकदमा
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। कप्तानगंज थाना क्षेत्र के भड़सर नरायण गांव में बुधवार की सुबह से ही एक महिला ससुरालवालों के दरवाजे पर बैठी है। 30 घंटे हो चुके हैं। ससुरालवाले दरवाजे पर ताला बंद कर कहीं चले गए। इस घर के रहने वाले प्रशिक्षु दरोगा से पहले फेसबुक पर दोस्ती हुई और दो साल पहले गोरखपुर में उसकी शादी हुई थी।
महिला के मुताबिक, कप्तानगंज थाना क्षेत्र की निवासी यह महिला 24 वर्ष की उम्र में गोरखपुर में रहकर विश्वविद्यालय में स्नातक की पढ़ाई करती थी। उस दौरान क्षेत्र के ही भड़सर नरायण गांव के निवासी प्रशिक्षु दरोगा से फेसबुक पर प्रेम हो गया, जो उस समय मुरादाबाद में थे।
महिला का आरोप है कि अक्तूबर 2020 में दरोगा मुरादाबाद से गोरखपुर आए और एक दोस्त के कमरे में ले जाकर शादी का विश्वास दिलाकर शारीरिक संबंध बनाया। इसके बाद शादी से मुकर गए। छह सितंबर 2022 में दरोगा के विरुद्ध शाहपुर थाने में प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई। उसके बाद पुलिस ने दुष्कर्म सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज किया।
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महिला के मुताबिक, कानूनी पेच में फंसने के बाद दरोगा ने कानूनी रूप से गोरखपुर न्यायालय में शादी कर ली और विश्वास दिलाया कि वह अपनी पढ़ाई जारी रखे। कुछ दिन बाद परिवार के लोगों से बात कर घर ले जाएंगे।
महिला का आरोप है कि दस माह बीत गया, न दरोगा लेने आए न फोन पर बात की। ऐसे में परेशान होकर यहां रहने आई है। महिला ने बताया कि जब से आई है, बिना अन्न-जल ग्रहण किए बैठी है। लेकिन कोई सुध लेने नहीं आया।
आरोपी दरोगा धीरेंद्र प्रताप सिंह के पिता लाल बहादुर सिंह ने फोन पर बताया कि उनके पुत्र की तरफ से शादी संबंधी लिए गए निर्णय की जानकारी नहीं थी। इसकी जानकारी होने पर उन्होंने स्वतः अपने उप निरीक्षक पुत्र को संपत्ति से बेदखल कर दिया है।
इस संबंध में कप्तानगंज के थानाध्यक्ष विनय कुमार सिंह का कहना है कि इस घटनाक्रम की जानकारी हुई है। लेकिन कोई तहरीर नहीं मिली है।
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- फेसबुक के जरिए हुई दोस्ती, बाद में रिश्ते में तब्दील
- दो साल पूर्व प्रशिक्षु दरोगा से गोरखपुर न्यायालय में हुई थी शादी
- शादी के बाद पति की ओर से नजरअंदाज करने पर युवती ने दर्ज कराया था मुकदमा
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। कप्तानगंज थाना क्षेत्र के भड़सर नरायण गांव में बुधवार की सुबह से ही एक महिला ससुरालवालों के दरवाजे पर बैठी है। 30 घंटे हो चुके हैं। ससुरालवाले दरवाजे पर ताला बंद कर कहीं चले गए। इस घर के रहने वाले प्रशिक्षु दरोगा से पहले फेसबुक पर दोस्ती हुई और दो साल पहले गोरखपुर में उसकी शादी हुई थी।
महिला के मुताबिक, कप्तानगंज थाना क्षेत्र की निवासी यह महिला 24 वर्ष की उम्र में गोरखपुर में रहकर विश्वविद्यालय में स्नातक की पढ़ाई करती थी। उस दौरान क्षेत्र के ही भड़सर नरायण गांव के निवासी प्रशिक्षु दरोगा से फेसबुक पर प्रेम हो गया, जो उस समय मुरादाबाद में थे।
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महिला का आरोप है कि अक्तूबर 2020 में दरोगा मुरादाबाद से गोरखपुर आए और एक दोस्त के कमरे में ले जाकर शादी का विश्वास दिलाकर शारीरिक संबंध बनाया। इसके बाद शादी से मुकर गए। छह सितंबर 2022 में दरोगा के विरुद्ध शाहपुर थाने में प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई। उसके बाद पुलिस ने दुष्कर्म सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज किया।
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महिला के मुताबिक, कानूनी पेच में फंसने के बाद दरोगा ने कानूनी रूप से गोरखपुर न्यायालय में शादी कर ली और विश्वास दिलाया कि वह अपनी पढ़ाई जारी रखे। कुछ दिन बाद परिवार के लोगों से बात कर घर ले जाएंगे।
महिला का आरोप है कि दस माह बीत गया, न दरोगा लेने आए न फोन पर बात की। ऐसे में परेशान होकर यहां रहने आई है। महिला ने बताया कि जब से आई है, बिना अन्न-जल ग्रहण किए बैठी है। लेकिन कोई सुध लेने नहीं आया।
आरोपी दरोगा धीरेंद्र प्रताप सिंह के पिता लाल बहादुर सिंह ने फोन पर बताया कि उनके पुत्र की तरफ से शादी संबंधी लिए गए निर्णय की जानकारी नहीं थी। इसकी जानकारी होने पर उन्होंने स्वतः अपने उप निरीक्षक पुत्र को संपत्ति से बेदखल कर दिया है।
इस संबंध में कप्तानगंज के थानाध्यक्ष विनय कुमार सिंह का कहना है कि इस घटनाक्रम की जानकारी हुई है। लेकिन कोई तहरीर नहीं मिली है।