राजस्व विवादों की अधिकता से नाराज डीएम ने लेखपालों को दी चेतावनी
कुशीनगर। मंगलवार को तमकुहीराज तहसील में आयोजित जनपद स्तरीय तहसील दिवस में डीएम ने लेखपालों को राजस्व विवादों के शीघ्र निपटारे का निर्देश दिया। उन्होंने तहसीलदार से सर्वाधिक खराब कार्य करने वाले पांच लेखपालों की सूची बनाकर मांगते हुए कहा कि क्षेत्र की बजाय दिन भर तहसील में ही रहने वाले लेखपालों पर तत्काल कार्रवाई करें। एसपी ने भी राजस्व विवादों के शीघ्र निस्तारण के लिए पुलिस कर्मियों को राजस्व कर्मियों के साथ मिलकर कार्य करने को कहा।
पडरौना तहसील दिवस में एसडीएम गणेश प्रसाद की मौजूदगी में तहसील दिवस का आयोजन किया गया। यहां कुल 101 मामले आए जिनमें से पांच का निस्तारण हुआ। इस दौरान तहसीलदार मनोज तिवारी, बीडीओ रघुनाथ सिंह, एसआई नीरज शाही, महिला एसओ विभा पांडेय समेत कई अफसर मौजूद थे।
तमकुहीराज प्रतिनिधि के अनुसार डीएम आंद्रा वामसी की अध्यक्षता में आयोजित तहसील दिवस में कुल 455 मामले पेश हुए। इनमें राजस्व के 193, पुलिस 137, विकास विभाग के 25, समाज कल्याण के 12, स्वास्थ्य के 10, शिक्षा के 8 एवं अन्य विभागों से संबंधित 72 मामले थे। डीएम ने लगभग दो घंटे में 270 फरियाद सुनी, जिनमें से अधिकांश मामले राजस्व के ही थे। इससे नाराज डीएम ने सुनवाई रोककर तहसील क्षेत्र के लेखपालों को मीटिंग हाल में तलब किया और राजस्व विवादों का निपटारा नहीं होने पर नाराजगी जताई। डीएम ने तहसीलदार को चेतावनी दी कि बगैर जरूरत के तहसील परिसर में लेखपालों की उपस्थिति के लिए वे ही जिम्मेदार होंगे। एसपी यमुना प्रसाद ने राजस्व विवाद के निपटारा के लिए थाना स्तर पर बनाई गई पुलिस टीम को राजस्व कर्मियों के साथ मिलकर कार्य करने का निर्देश दिया।
खड्डा प्रतिनिधि के अनुसार एडीएम कृष्णलाल तिवारी व एएसपी लालसाहब यादव की मौजूदगी में तहसील दिवस का आयोजन किया गया। यहां कुल 116 मामले आए, जिनमें से 26 का ही निस्तारण हो सका। एडीएम को नगर पंचायत की समस्याओं से संबंधित ज्ञापन अनिरुद्घ गुप्ता ने दिया। हरिहरपुर के हीरामन, सुनील, नंदकिशोर, जमालुद्दीन, हरिलाल, जवाहीर, बालेश्वर निसाद, श्यामसुंदर, जितेंद्र, उमा, दुर्गा आदि ने पात्र गृहस्थी योजना में गड़बड़ी का आरोप लगाया।
कसया कार्यालय के अनुुसार एसडीएम श्रीप्रकाश शुक्ल की देखरेख में तहसील दिवस का आयोजन किया गया। इस दौरान विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 79 फरियादियों ने अपनी शिकायत दर्ज कराई। इनमें राजस्व के 33, पुलिस के 18, विकास के 12 और अन्य विभागों से संबंधित 15 मामले आए। राजस्व के 10 मामलों को मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया।