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कोशिशें विफल, नहीं बढ़ पा रही अपेक्षित धान खरीद की रफ्तार
ब्यूरो/अमर उजाला कुश्ाीनगर
Updated Thu, 06 Dec 2018 10:15 PM IST
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बांसगाव में बना धान क्रय केंद्र।
- फोटो : अमर उजाला
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पडरौना। शासन-प्रशासन की तमाम कोशिशों के बावजूद सरकारी धान खरीद की अपेक्षित रफ्तार नहीं बढ़ पा रही है। पिछले वर्ष की तुलना में अभी तक कम धान की खरीद हो पाई है। धान खरीद की मॉनीटरिंग सीधे शासन स्तर से हो रही है। दस दिन पूर्व खुद सीएम ने वीडियो कांफ्रेसिंग कर धान खरीद की स्थिति की समीक्षा की और अपेक्षित सुधार लाने की हिदायत दी है।
जिले में धान खरीद के लिए 76 क्रय केंद्र खोले गए हैं। 47,300 मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य निर्धारित है। जिले में अभी तक 7197. 58 मीट्रिक टन धान की खरीद हुई है, जो लक्ष्य का 15. 05 प्रतिशत है। धान खरीद को लेकर खुद सीएम योगी आदित्यनाथ बेहद संजीदा है। इधर, डीएम और एडीएम भी लगातार धान खरीद की स्थिति में सुधार लाने को लेकर जिम्मेदारों का पेंच कस रहे हैं। मंडलायुक्त अमित गुप्ता ने भी मंगलवार को धान क्रय केंद्र का निरीक्षण कर स्थिति जानी तो पीसीएफ के जिला प्रबंधक को प्रतिकूल प्रवृष्टि तक देने का निर्देश जारी कर दिया। यहां तक डिप्टी आरएमओ को तीन दिनों के भीतर धान खरीद की स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं होने पर कार्रवाई किए जाने की चेतावनी दी। हकीकत यह है कि अभी भी दो क्रय केंद्र क्रियाशील नहीं हो पाए है। डिप्टी आरएमओ निश्चल आनंद बताते है कि पिछले एक सप्ताह से धान की खरीद में काफी सुधार हुआ है। खरीद में सबसे खराब स्थिति पीसीएफ और कर्मचारी कल्याण निगम के क्रय एजेंसियों की है। मंडलायुक्त की ओर से पीसीएफ के जिला प्रबंधक को प्रतिकूल प्रवृष्टि दी गई है। जबकि डीएम की ओर से पीसीएफ के जिला प्रबंधक श्रीनिवास यादव और कर्मचारी कल्याण निगम के जिला प्रबंधक बालेश्वर सिंह तथा चार मार्केटिंग इंस्पेक्टरों को नोटिस जारी की गई है। वैसे सभी क्रय केंद्रों के प्रभारियों को निर्देश दिए गए है कि वह खरीद में तेजी लाए और किसानों को कोई असुविधा न हो। हाटा तहसील क्षेत्र के रामनगर क्रय केंद्र की जांच में पाया गया कि यहां अब तक खरीद नहीं हुई है। केंद्र वैसे खुला पाया गया। केंद्र प्रभारी को खरीद शुरु करने की हिदायत दी गई है। डीएम डॉ. अनिल कुमार सिंह ने बताया कि सभी क्रय एजेंसियों के जिला प्रबंधकों को प्रति दिन पांच- पांच केंद्रों और एसडीएम को सप्ताह में दो-दो बार केंद्रों की जांच करने का निर्देश दिया गया है। इसके साथ ही डिप्टी आरएमओ भी प्रतिदिन कम से कम पांच केंद्रों का निरीक्षण करेंगे। धान खरीद में किसी तरह की लापरवाही क्षम्य नहीं होगी। लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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जिले में धान खरीद के लिए 76 क्रय केंद्र खोले गए हैं। 47,300 मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य निर्धारित है। जिले में अभी तक 7197. 58 मीट्रिक टन धान की खरीद हुई है, जो लक्ष्य का 15. 05 प्रतिशत है। धान खरीद को लेकर खुद सीएम योगी आदित्यनाथ बेहद संजीदा है। इधर, डीएम और एडीएम भी लगातार धान खरीद की स्थिति में सुधार लाने को लेकर जिम्मेदारों का पेंच कस रहे हैं। मंडलायुक्त अमित गुप्ता ने भी मंगलवार को धान क्रय केंद्र का निरीक्षण कर स्थिति जानी तो पीसीएफ के जिला प्रबंधक को प्रतिकूल प्रवृष्टि तक देने का निर्देश जारी कर दिया। यहां तक डिप्टी आरएमओ को तीन दिनों के भीतर धान खरीद की स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं होने पर कार्रवाई किए जाने की चेतावनी दी। हकीकत यह है कि अभी भी दो क्रय केंद्र क्रियाशील नहीं हो पाए है। डिप्टी आरएमओ निश्चल आनंद बताते है कि पिछले एक सप्ताह से धान की खरीद में काफी सुधार हुआ है। खरीद में सबसे खराब स्थिति पीसीएफ और कर्मचारी कल्याण निगम के क्रय एजेंसियों की है। मंडलायुक्त की ओर से पीसीएफ के जिला प्रबंधक को प्रतिकूल प्रवृष्टि दी गई है। जबकि डीएम की ओर से पीसीएफ के जिला प्रबंधक श्रीनिवास यादव और कर्मचारी कल्याण निगम के जिला प्रबंधक बालेश्वर सिंह तथा चार मार्केटिंग इंस्पेक्टरों को नोटिस जारी की गई है। वैसे सभी क्रय केंद्रों के प्रभारियों को निर्देश दिए गए है कि वह खरीद में तेजी लाए और किसानों को कोई असुविधा न हो। हाटा तहसील क्षेत्र के रामनगर क्रय केंद्र की जांच में पाया गया कि यहां अब तक खरीद नहीं हुई है। केंद्र वैसे खुला पाया गया। केंद्र प्रभारी को खरीद शुरु करने की हिदायत दी गई है। डीएम डॉ. अनिल कुमार सिंह ने बताया कि सभी क्रय एजेंसियों के जिला प्रबंधकों को प्रति दिन पांच- पांच केंद्रों और एसडीएम को सप्ताह में दो-दो बार केंद्रों की जांच करने का निर्देश दिया गया है। इसके साथ ही डिप्टी आरएमओ भी प्रतिदिन कम से कम पांच केंद्रों का निरीक्षण करेंगे। धान खरीद में किसी तरह की लापरवाही क्षम्य नहीं होगी। लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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