फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kushinagar News ›   morale won over fate

मुसीबतें तो थीं बड़ी पर अपराजिता रही कुमकुम

Thu, 28 Feb 2019 11:24 PM IST
राकेश पांडेय अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Published by: राकेश पांडेय Updated Thu, 28 Feb 2019 11:24 PM IST
विज्ञापन
morale won over fate
स्कूटी पर सब्जी लाद कर अवने दुकान में बेचने के लिये ले जाती कुमकुम । - फोटो : अमर उजाला
कुशीनगर। किशोरवय कुमकुम और उसके परिवार के साथ किस्मत ने खूब दगा की, लेकिन उसने अपराजिता बनकर अपने हौसले से न सिर्फ मुसीबतों को मात दी बल्कि खुद के लिए बेहतरी का रास्ता भी बना लिया। हालांकि ये सब आसान न था, लेकिन कुमकुम ने हिम्मत न हारी। आज वह कई लोगों की प्रेरणा बन गई है।
विज्ञापन


कसया क्षेत्र के पिपरा धर्मपुर की रहने वाली कुमकुम तीन साल से घर पर ही छोटी सी किराने और सब्जी की दुकान चलाती है। यह सब जरूरत तब पड़ी, जब घर में पहले लगी आग से सबकुछ जल गया और पट्टीदारों की पिटाई से पिता प्रेम गोस्वामी अशक्त हो गए। घर में गरीबी ने दस्तक दे दी और घर का चूल्हा जलना मुश्किल हो गया। छह कट्ठा जमीन गिरवी हो गई।
विज्ञापन


स्वयं सहायता समूह से जुड़ीं मां उर्मिला की कोशिश से 15000 रुपये का कर्ज मिला। उसी रकम से कुमकुम ने घर पर ही किराने और सब्जी की दुकान खोल ली। प्रतिदिन कुमकुम पडरौना शहर आती हैं और यहीं से ताजा सब्जी और किराने के सामान खरीद कर स्कूटी पर लाद कर ले जाती हैं। कुमकुम बताती हैं कि वह तीन बहनों और दो भाइयों में दूसरे नंबर की हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


बड़ी बहन बबिता की शादी हो चुकी है और वह ससुराल में है। आठ साल की बहन आंचल, पांच साल का भाई कल्लू और तीन साल का हरिन्दर है। बहन आंचल और भाई कल्लू पढ़ाई करते हैं। तीन साल पहले घर में आग लग गई थी और सब कुछ जल गया था। उसी के बाद आपसी विवाद में पिता प्रेम गोस्वामी को पट्टीदारों ने इतना पीट दिया कि उनका हाथ टूट गया।


रॉड पड़ने की वजह से अशक्त हो गए। पिता काम नहीं कर पाने की स्थिति में पहुंचे तो घर की मुश्किलें बढ़ गईं। हौसले बुलंद हो तो हर काम आसान हो जाता है। बेटे और बेटी में कोई फर्क नहीं है। उसने इंटर के बाद आगे की पढ़ाई बंद कर दी और सूझा कि घर पर दुकान चला कर वह खर्च उठा सकती है। मां-बाप को कोई परेशानी न हो और उसके छोटे भाई बहन-पढ़ लिखकर कुछ बन जाएं, यही वह रात दिन सोचती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed