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गंडक का जलस्तर घटने से बाढ़ पीड़ितों को मिली राहत
Updated Tue, 22 Aug 2017 06:23 PM IST
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कुशीनगर। एक पखवारे से बाढ़ की विभीषिका झेल रहे खड्डा क्षेत्र में नदी के किनारे बसे गांवों में अब थोड़ी राहत है। गंडक नदी का जलस्तर कम होने के बाद ये लोग अपने घरों को लौट चुके हैं। भींगे अनाज व कपड़ों को सुखाकर गृहस्थी को वापस पटरी पर लाने में जुटे हैं। हालांकि अभी भी गांवों का संपर्क मार्ग क्षतिग्रस्त है और लोगों को आवागमन में दिक्कत हो रही है।
एक पखवारा पहले खड्डा क्षेत्र के गांव मरचहवा, बसंतपुर, शिवपुर, हरिहरपुर, नरायनपुर, बकुलादह, बाल गोविंदछपरा, शाहपुर, विंध्याचलपुर, सालिकपुर, महदेवा आदि में बाढ़ का पानी भर गया था। बाढ़ प्रभावित गांवों के रहने वाले हीरामन, नंदकिशोर, हीरालाल, राजेंद्र, पूर्णमासी, मदन, झगरू, चांदवली, शिवनरायन, कमलावती, इसरावती, मीरा, उमा, सजावल, राम आसरे, मोहन, जलालू, रबिल, शिब्बन, जंगली आदि का कहना है कि नदी का जलस्तर कम होने के बाद आबादी के बीच से पानी निकल गया है। परंतु घरों में पानी भरने की वजह से अनाज, कपड़े व अन्य सामान भींगकर खराब हो गए हैं। इसके अलावा खेतों में पानी भरने से फसलें सड़ गई हैं। अब गृहस्थी को संवारने में थोड़ा वक्त लगेगा।
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एक पखवारा पहले खड्डा क्षेत्र के गांव मरचहवा, बसंतपुर, शिवपुर, हरिहरपुर, नरायनपुर, बकुलादह, बाल गोविंदछपरा, शाहपुर, विंध्याचलपुर, सालिकपुर, महदेवा आदि में बाढ़ का पानी भर गया था। बाढ़ प्रभावित गांवों के रहने वाले हीरामन, नंदकिशोर, हीरालाल, राजेंद्र, पूर्णमासी, मदन, झगरू, चांदवली, शिवनरायन, कमलावती, इसरावती, मीरा, उमा, सजावल, राम आसरे, मोहन, जलालू, रबिल, शिब्बन, जंगली आदि का कहना है कि नदी का जलस्तर कम होने के बाद आबादी के बीच से पानी निकल गया है। परंतु घरों में पानी भरने की वजह से अनाज, कपड़े व अन्य सामान भींगकर खराब हो गए हैं। इसके अलावा खेतों में पानी भरने से फसलें सड़ गई हैं। अब गृहस्थी को संवारने में थोड़ा वक्त लगेगा।
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