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दुष्कर्म में युवक को दस साल की सजा
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अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने महिला से दुष्कर्म के आरोपी को 10 साल के सश्रम कारावास और 17 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जबकि महिला के साथ गालीगलौज करने और धमकी देने के आरोपी दिनेश पासी को कोर्ट ने दोषमुक्त कर दिया।
मामले की सुनवाई के बाद अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश मिथलेश कुमार तिवारी की अदालत ने बृहस्पतिवार को फैसला सुनाया।
अभियोजन के अनुसार वर्ष 2015 में 23 व 24 जून की दरमियानी रात को पश्चिमशरीरा कोतवाली क्षेत्र की महिला घर में अकेले थी।
महिला के अकेले होने का फायदा उठाते हुए पड़ोसी सुरेश पासी उसके घर में घुस गया। सुरेश ने महिला के साथ दुष्कर्म किया। आरोपी ने इसकी कहीं भी शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी दी।
इसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। अगले दिन उसके घर उलाहना देने गई महिला से आरोपी के भाई दिनेश पासी ने गाली-गलौज कर धमकी देते हुए भगा दिया। पीड़िता की तहरीर पर केस दर्ज कर पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या आठ में चली।
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पीड़िता की ओर से शासकीय अधिवक्ता शशांक खरे ने बहस की। साथ ही आरोपों के संबंध में कोर्ट में गवाह भी पेश किए। दोनों पक्षों की बहस व पत्रावली में मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन करते हुए बृहस्पतिवार को कोर्ट ने आरोपी सुरेश पासी को दोषी करार दिया। कोर्ट ने सुरेश को 10 साल के सश्रम कारावास और 17 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। कोर्ट ने सह आरोपी उसके भाई दिनेश को दोषमुक्त कर दिया।
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मामले की सुनवाई के बाद अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश मिथलेश कुमार तिवारी की अदालत ने बृहस्पतिवार को फैसला सुनाया।
अभियोजन के अनुसार वर्ष 2015 में 23 व 24 जून की दरमियानी रात को पश्चिमशरीरा कोतवाली क्षेत्र की महिला घर में अकेले थी।
महिला के अकेले होने का फायदा उठाते हुए पड़ोसी सुरेश पासी उसके घर में घुस गया। सुरेश ने महिला के साथ दुष्कर्म किया। आरोपी ने इसकी कहीं भी शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी दी।
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इसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। अगले दिन उसके घर उलाहना देने गई महिला से आरोपी के भाई दिनेश पासी ने गाली-गलौज कर धमकी देते हुए भगा दिया। पीड़िता की तहरीर पर केस दर्ज कर पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या आठ में चली।
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पीड़िता की ओर से शासकीय अधिवक्ता शशांक खरे ने बहस की। साथ ही आरोपों के संबंध में कोर्ट में गवाह भी पेश किए। दोनों पक्षों की बहस व पत्रावली में मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन करते हुए बृहस्पतिवार को कोर्ट ने आरोपी सुरेश पासी को दोषी करार दिया। कोर्ट ने सुरेश को 10 साल के सश्रम कारावास और 17 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। कोर्ट ने सह आरोपी उसके भाई दिनेश को दोषमुक्त कर दिया।