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Kaushambi News: मानसून की आहट से धान की फसल की तैयारी में जुटे किसान

Fri, 13 Jun 2025 12:39 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी Updated Fri, 13 Jun 2025 12:39 AM IST
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With the onset of monsoon, farmers are busy preparing for paddy crop
चायल। घनन घनन घिर घिर आये बदरा, घन घनघोर कारे छाये बदरा, धमक धमक गूंजे बदरा के डंके... लगान फिल्म का यह प्रसिद्ध गाना जो बादलों से मिले संंकेेतों से किसानों की उम्मीद और नई फसल की तैयारी की खुशी व उत्साह को बयां करता है। इन्हीं कुछ संकेतों और मानसून की आहट के साथ जनपद के किसानों ने धान की नर्सरी की तैयारी शुरू कर दी है।
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किसान इस बार समय से और अच्छी बारिश होने की उम्मीद जता रहे हैं। अगेती और मंसूरी धान की रोपाई जून के अंतिम सप्ताह से शुरू हो जाएगी। ऐसे में किसान खेती की तैयारी में जुट गए हैं। अच्छी नस्ल के बीजों के लिए दुकानों पर किसानों की भीड़ भी जुटने लगी है। किसान चंद्रपाल, गया प्रसाद, श्याम सुंदर और मिथलेश ने बताया कि धान की रोपाई समय से करने पर अच्छी फसल होने की संभावना रहती है।
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वहीं, धान की रोपाई और नर्सरी की देखरेख पर प्रभारी कृषि रक्षा इकाई नेवादा अभिषेक कुमार ने बताया कि एक एकड़ में धान की रोपाई के लिए चार किलोग्राम बीज की नर्सरी पर्याप्त है। नर्सरी डालने के पहले गोबर की खाद और केंचुआ खाद डालकर मिट्टी को भुरभुरा बना लें। इसके बाद नमक के पानी में बीज को डालने के बाद तैरते हुए बीजों को निकालकर बाहर फेंक दें।
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अब स्वस्थ बीजों को साफ पानी में धोने के बाद फफूंद नाशक से बीज को उपचारित करें। बीज को छाया में सुखाकर सिंचाई के बाद नर्सरी में बीज का छिड़काव कर दें। इसके बाद धूप तेज होने पर दिन में नर्सरी का पानी बाहर निकाल दें। इस तरह गर्म पानी से नर्सरी को खराब होने से बचाया जा सकता है। अंत में नर्सरी तैयार होने के 25 से 30 दिन बाद पौधों की रोपाई कर दें।

किसान बोले
नर्सरी तैयार होते ही मानसून की स्थिति देखकर रोपाई शुरू कर दी जाएगी। समय से रोपाई होने पर फसल की पैदावार अच्छी होती है।--राजकुमार पांडेय
मंसूरी धान की नर्सरी तैयार कर रहे हैं। इसकी फसल 155 दिन में तैयार हो जाती है। पैदावार अधिक होने के साथ ही क्रय केंद्र में बेचने में आसानी होती है।-मानसिंह
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