फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kaushambi News ›   Why did the social worker ask the police to withdraw the serious case filed against Deputy CM Keshav?

सामाजिक कार्यकर्ता ने पुलिस से मांगी जानकारी डिप्टी सीएम केशव पर दर्ज गंभीर केस क्यों वापस लिए ?

Sat, 20 Feb 2021 12:32 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 20 Feb 2021 12:32 AM IST
विज्ञापन
Why did the social worker ask the police to withdraw the serious case filed against Deputy CM Keshav?
Why did the social worker ask the police to withdraw the serious case filed against Deputy CM Keshav? - फोटो : KAUSHAMBI
प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के खिलाफ दर्ज आपराधिक मुकदमों की वापसी लेकर सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. नूतन ठाकुर ने जन सूचना अधिकार के तहत जानकारी मांगी है। सामाजिक कार्यकर्ता ने पुलिस से पूछा है कि गंभीर आपराधिक मामलों की वापसी का औचित्य क्या है? हालांकि, बृहस्पतिवार को पुलिस की ओर से सूचना उपलब्ध करा दी गई है।
विज्ञापन

एएसपी समर बहादुर ने बताया कि सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. नूतन ठाकुर ने डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के खिलाफ जिले में दर्ज आपराधिक मामलों की एक महीने पहले जन सूचना अधिकार के तहत जानकारी मांगी थी। डॉ. ठाकुर को पुलिस की ओर सेदी गई सूचना में बताया गया कि डिप्टी सीएम के खिलाफ जिले में आठ मामले दर्ज हैं। इनमें से एक मामले में वह अदालत से दोषमुक्त हो चुके हैं।
विज्ञापन

जबकि, एक मामले में पुलिस ने जांच में आरोप गलत पाया। दो मामले अदालत में लंबित हैं। जबकि चार मुकदमों को सरकार ने वापस ले लिया है। इसके बाद भी एक्टीविस्ट डॉ. नूतन ठाकुर जवाब से संतुष्ट नहीं र्हुइं। उन्होंने दोबारा संशोधित सूचना मांगी। बृहस्पतिवार को सूचना उपलब्ध करा दी गई है। एएसपी के मुताबिक जिन मुकदमों की वापसी हुई है इनमें से ज्यादातर राजनीतिक कारणाें से दर्ज हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

दो मुकदमों का नहीं मिला रिकार्ड
डिप्टी सीएम के खिलाफ पश्चिमशरीरा व कोखराज में दर्ज दो मामलों का रिकार्ड नहीं मिल सका। यह मुकदमे वर्ष 1996 में दर्ज कराए गए थे। उस दौरान जनपद प्रयागराज था। एएसपी का कहना है कि उनके बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है।

हत्या के मामले में हुए थे दोषमुक्त
वर्ष 2011 में डिप्टी सीएम के खिलाफ सैनी कोतवाली में हत्या का एक केस दर्ज कराया गया था। विवेचना के दौरान पता चला कि उनका घटना से कोई लेना-देना नहीं था। बाद में कोर्ट ने उन्हें दोषमुक्त कर दिया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed