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Kaushambi News: करारी सीएचसी में 18 महीने से डॉक्टरों के इंतजार में है अल्ट्रासाउंड सेवा
Tue, 02 Jun 2026 11:46 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Tue, 02 Jun 2026 11:46 PM IST
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सविता देवी
सीएचसी करारी में 18 महीने से विशेषज्ञ डाॅक्टरों के न होने से अल्ट्रासाउंड सेवा ठप है। 30 बेड के इस अस्पताल में चिकित्सकों की कमी और अल्ट्रासाउंड जैसी महत्वपूर्ण जांच सुविधा शुरू न होने से मरीजों को इलाज के लिए निजी अस्पतालों और जिला मुख्यालय का रुख करना पड़ रहा है।
इसके अलावा अस्पताल में बिजली आपूर्ति बाधित होने पर जनरेटर की व्यवस्था भी नहीं है। इससे मरीज के साथ-साथ डॉक्टर भी परेशान हैं। साथ ही स्त्री रोग विशेषज्ञ, बाल रोग विशेषज्ञ और एनेस्थीसिया विशेषज्ञ की कमी लंबे समय से बनी हुई है।
सबसे अधिक परेशानी महिलाओं और बच्चों को उठानी पड़ रही है। अस्पताल में करीब 18 महीने पहले अल्ट्रासाउंड मशीन स्थापित कर दी गई थी, लेकिन रेडियोलॉजिस्ट की नियुक्ति न होने से यह सुविधा अब तक शुरू नहीं हो सकी है।
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इसका खामियाजा कस्बे समेत आसपास के करीब 20 गांवों के लोगों को भुगतना पड़ रहा है। मरीजों को साधारण जांच के लिए भी बाहर जाना पड़ता है।
बिना स्वीपर के चल रहा अस्पताल
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में दो साल से स्वीपर की नियुक्ति नहीं की गई है। अस्पताल के एक कर्मी ने नाम न छापने पर बताया कि सफाई के लिए उन्होंने अपने जेब से पैसा देकर प्राइवेट कर्मी से सफाई करवाना पड़ता है।
पेट दर्द की शिकायत पर डॉक्टर ने अल्ट्रासाउंड कराने को कहा, लेकिन सीएचसी में सुविधा न मिलने पर उन्हें निजी अस्पताल जाना पड़ा। -सविता देवी, मंगौरा
कई दिन से बच्चे की तबियत ठीक नहीं है। अस्पताल में बाल रोग विशेषज्ञ नहीं है। मजबूरन उन्हें बच्चे को निजी अस्पताल ले जाना पड़ा। -निगम चंद्र, करारी।
सीएचसी करारी में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने की प्रक्रिया जारी है। अल्ट्रासाउंड के लिए रेडियोलॉजिस्ट उपलब्ध कराने के लिए पत्र भेजा गया है। साथ ही जनरेटर के स्थान पर सोलर पैनल लगाने की प्रक्रिया भी शुरू की गई है। - डॉ. बद्री विशाल अग्रवाल, अधीक्षक, सीएचसी
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इसके अलावा अस्पताल में बिजली आपूर्ति बाधित होने पर जनरेटर की व्यवस्था भी नहीं है। इससे मरीज के साथ-साथ डॉक्टर भी परेशान हैं। साथ ही स्त्री रोग विशेषज्ञ, बाल रोग विशेषज्ञ और एनेस्थीसिया विशेषज्ञ की कमी लंबे समय से बनी हुई है।
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सबसे अधिक परेशानी महिलाओं और बच्चों को उठानी पड़ रही है। अस्पताल में करीब 18 महीने पहले अल्ट्रासाउंड मशीन स्थापित कर दी गई थी, लेकिन रेडियोलॉजिस्ट की नियुक्ति न होने से यह सुविधा अब तक शुरू नहीं हो सकी है।
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इसका खामियाजा कस्बे समेत आसपास के करीब 20 गांवों के लोगों को भुगतना पड़ रहा है। मरीजों को साधारण जांच के लिए भी बाहर जाना पड़ता है।
बिना स्वीपर के चल रहा अस्पताल
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में दो साल से स्वीपर की नियुक्ति नहीं की गई है। अस्पताल के एक कर्मी ने नाम न छापने पर बताया कि सफाई के लिए उन्होंने अपने जेब से पैसा देकर प्राइवेट कर्मी से सफाई करवाना पड़ता है।
पेट दर्द की शिकायत पर डॉक्टर ने अल्ट्रासाउंड कराने को कहा, लेकिन सीएचसी में सुविधा न मिलने पर उन्हें निजी अस्पताल जाना पड़ा। -सविता देवी, मंगौरा
कई दिन से बच्चे की तबियत ठीक नहीं है। अस्पताल में बाल रोग विशेषज्ञ नहीं है। मजबूरन उन्हें बच्चे को निजी अस्पताल ले जाना पड़ा। -निगम चंद्र, करारी।
सीएचसी करारी में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने की प्रक्रिया जारी है। अल्ट्रासाउंड के लिए रेडियोलॉजिस्ट उपलब्ध कराने के लिए पत्र भेजा गया है। साथ ही जनरेटर के स्थान पर सोलर पैनल लगाने की प्रक्रिया भी शुरू की गई है। - डॉ. बद्री विशाल अग्रवाल, अधीक्षक, सीएचसी

सविता देवी

सविता देवी