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प्राइमरी के दो शिक्षक किए गए बर्खास्त
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प्राइमरी के दो शिक्षक किए गए बर्खास्त
बीएसए ने खंड शिक्षाधिकारियों को एफआईआर के साथ वेतन रिकवरी का दिया निर्देश
भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा से बीएड की फेक डिग्री लगाकर हासिल की थी नौकरी
संवाद न्यूज एजेंसी
मंझनपुर। जालसाजी कर परिषदीय स्कूलों में नौकरी करने वाले शिक्षकों की संख्या बढ़ती जा रही है। गुरुवार को दो और जालसाज शिक्षकों पर कार्रवाई की गई। भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा की बीएड की फर्जी डिग्री लगाकर नौकरी करने वाले इन शिक्षकों को बीएसए ने बर्खास्त कर दिया है। इसके साथ ही संबंधित खंड शिक्षाधिकारियों को एफआईआर कराके वेतन रिकवरी कराने का निर्देश दिया है। इस कार्रवाई से जालसाज शिक्षकों में हड़कंप मच गया।
पिछले दिनों हुई एसआईटी की जांच में भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा से बीएड की डिग्री लगाकर परिषदीय विद्यालयों में नौकरी करने वाले प्रदेशभर के करीब 4706 शिक्षक पकड़े गए थे। इनमें से कुछ ने फेक तो कुछ ने टेंपर्ड डिग्री लगाई थी। एसआईटी ने जांच रिपोर्ट शासन को सौंपी तो जिले के दस शिक्षक पकड़े गए। तत्कालीन बीएसए ने अगस्त 2019 में सभी शिक्षकों को बर्खास्त कर दिया था। इसे लेकर बर्खास्त अध्यापक कोर्ट चले गए। कोर्ट ने एसआईटी की सूची को विश्वविद्यालय से सत्यापित कराया तो 2830 शिक्षक फेक डिग्री वाले तस्दीक हुए। इस पर अदालत ने सभी की सेवा समाप्त करने का आदेश दिया। इस सूची में जिले के चायल विकासखंड के प्राथमिक विद्यालय मीरपुर में सहायक अध्यापक पद पर कार्यरत सीमा यादव और मंझनपुर ब्लॉक के सचवारा प्राइमरी स्कूल में तैनात सहायक अध्यापक राजेश शुक्ला का भी नाम शामिल है। डायरेक्टर बेसिक शिक्षा की ओर से भेजी गई सूची के आधार पर बीएसए राजकुमार पंडित ने गुरुवार को दोनों जालसाज शिक्षकों को बर्खास्त कर दिया। बीएसए ने बताया कि इन लोगों ने वर्ष 2016 में हुई 72 हजार की भर्ती के दौरान नौकरी हासिल की थी। शैक्षिक अभिलेखों में इन्होंने वर्ष 2005 में आगरा विश्वविद्यालय से जारी बीएड की फेक डिग्री लगाई थी।
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बीएसए ने खंड शिक्षाधिकारियों को एफआईआर के साथ वेतन रिकवरी का दिया निर्देश
भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा से बीएड की फेक डिग्री लगाकर हासिल की थी नौकरी
संवाद न्यूज एजेंसी
मंझनपुर। जालसाजी कर परिषदीय स्कूलों में नौकरी करने वाले शिक्षकों की संख्या बढ़ती जा रही है। गुरुवार को दो और जालसाज शिक्षकों पर कार्रवाई की गई। भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा की बीएड की फर्जी डिग्री लगाकर नौकरी करने वाले इन शिक्षकों को बीएसए ने बर्खास्त कर दिया है। इसके साथ ही संबंधित खंड शिक्षाधिकारियों को एफआईआर कराके वेतन रिकवरी कराने का निर्देश दिया है। इस कार्रवाई से जालसाज शिक्षकों में हड़कंप मच गया।
पिछले दिनों हुई एसआईटी की जांच में भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा से बीएड की डिग्री लगाकर परिषदीय विद्यालयों में नौकरी करने वाले प्रदेशभर के करीब 4706 शिक्षक पकड़े गए थे। इनमें से कुछ ने फेक तो कुछ ने टेंपर्ड डिग्री लगाई थी। एसआईटी ने जांच रिपोर्ट शासन को सौंपी तो जिले के दस शिक्षक पकड़े गए। तत्कालीन बीएसए ने अगस्त 2019 में सभी शिक्षकों को बर्खास्त कर दिया था। इसे लेकर बर्खास्त अध्यापक कोर्ट चले गए। कोर्ट ने एसआईटी की सूची को विश्वविद्यालय से सत्यापित कराया तो 2830 शिक्षक फेक डिग्री वाले तस्दीक हुए। इस पर अदालत ने सभी की सेवा समाप्त करने का आदेश दिया। इस सूची में जिले के चायल विकासखंड के प्राथमिक विद्यालय मीरपुर में सहायक अध्यापक पद पर कार्यरत सीमा यादव और मंझनपुर ब्लॉक के सचवारा प्राइमरी स्कूल में तैनात सहायक अध्यापक राजेश शुक्ला का भी नाम शामिल है। डायरेक्टर बेसिक शिक्षा की ओर से भेजी गई सूची के आधार पर बीएसए राजकुमार पंडित ने गुरुवार को दोनों जालसाज शिक्षकों को बर्खास्त कर दिया। बीएसए ने बताया कि इन लोगों ने वर्ष 2016 में हुई 72 हजार की भर्ती के दौरान नौकरी हासिल की थी। शैक्षिक अभिलेखों में इन्होंने वर्ष 2005 में आगरा विश्वविद्यालय से जारी बीएड की फेक डिग्री लगाई थी।
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