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Kaushambi News: तीन लेखपाल सस्पेंड, सहायक चकबंदी अधिकारी के खिलाफ निलंबन की संस्तुति
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मूरतगंज (कौशाम्बी)। मोहीउद्दीनपुर गौस गांव के तिहरे हत्याकांड में चकबंदी विभाग की लापरवाही उजागर हुई है। तीन सदस्यीय जांच रिपोर्ट आने के बाद बुधवार की रात डीएम ने तीन चकबंदी लेखपाल को सस्पेंड कर दिया। सहायक चकबंदी अधिकारी के खिलाफ निलंबन की संस्तुति की और सीओ चकबंदी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए आयुक्त को रिपोर्ट भेजी है।
संदीपनघाट कोतवाली के पंडा चौराहे पर 15 सितंबर को होरीलाल सरोज, उसकी गर्भवती बेटी बृजकली और दामाद शिवसरन सरोज की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना से आक्रोशित लोगों ने आगजनी व बवाल किया था। वारदात सरकारी जमीन पर विवाद के कारण हुई थी।
डीएम सुजीत कुमार ने घटना की जांच के लिए एडीएम न्यायिक की अगुवाई में तीन सदस्यीय कमेटी गठित की थी। 12 दिन बाद कमेटी ने बुधवार को अपनी जांच रिपोर्ट डीएम को सौंप दी।
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जांच रिपोर्ट के मुताबिक मोहीउददीनपुर गौस गांव वर्ष 2006 से चकबंदी प्रक्रिया के अधीन है। यहां पट्टे के लिए आवंटित भूमि पर कब्जे को लेकर काफी दिनों से विवाद चल रहा था। ग्रामीणों की शिकायत को चकबंदी विभाग के अधिकारी-कर्मचारी नजरंदाज करते रहे। नतीजतन, इतनी बड़ी वारदात हो गई। रिपोर्ट के आधार पर डीएम ने बुधवार की रात चकबंदी लेखपाल राजकिरण, शिलवंत सिंह और शिवेश सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। वहीं, मामले में विभिन्न स्तरों पर लापरवाही एवं कर्तव्यों के प्रति उदासीनता बरतने के आरोप में सहायक चकबंदी अधिकारी अफजाल अहमद खां के निलंबन की संस्तुति कर दी गई। साथ ही पर्यवेक्षणीय दायित्वों में शिथिलता बरतने पर सीओ चकबंदी मिथलेश कुमार मिश्रा के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए चकबंदी आयुक्त को रिपोर्ट भेज दी है।
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संदीपनघाट कोतवाली के पंडा चौराहे पर 15 सितंबर को होरीलाल सरोज, उसकी गर्भवती बेटी बृजकली और दामाद शिवसरन सरोज की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना से आक्रोशित लोगों ने आगजनी व बवाल किया था। वारदात सरकारी जमीन पर विवाद के कारण हुई थी।
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डीएम सुजीत कुमार ने घटना की जांच के लिए एडीएम न्यायिक की अगुवाई में तीन सदस्यीय कमेटी गठित की थी। 12 दिन बाद कमेटी ने बुधवार को अपनी जांच रिपोर्ट डीएम को सौंप दी।
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जांच रिपोर्ट के मुताबिक मोहीउददीनपुर गौस गांव वर्ष 2006 से चकबंदी प्रक्रिया के अधीन है। यहां पट्टे के लिए आवंटित भूमि पर कब्जे को लेकर काफी दिनों से विवाद चल रहा था। ग्रामीणों की शिकायत को चकबंदी विभाग के अधिकारी-कर्मचारी नजरंदाज करते रहे। नतीजतन, इतनी बड़ी वारदात हो गई। रिपोर्ट के आधार पर डीएम ने बुधवार की रात चकबंदी लेखपाल राजकिरण, शिलवंत सिंह और शिवेश सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। वहीं, मामले में विभिन्न स्तरों पर लापरवाही एवं कर्तव्यों के प्रति उदासीनता बरतने के आरोप में सहायक चकबंदी अधिकारी अफजाल अहमद खां के निलंबन की संस्तुति कर दी गई। साथ ही पर्यवेक्षणीय दायित्वों में शिथिलता बरतने पर सीओ चकबंदी मिथलेश कुमार मिश्रा के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए चकबंदी आयुक्त को रिपोर्ट भेज दी है।