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Kaushambi News: फिर उठा सवाल, पटाखों का अवैध कारोबार रोकने में पुलिस क्यों नाकाम?
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दिवाली करीब आते ही पटाखों का कारोबार तेज हो जाता है। इसी के साथ रिहायशी इलाकों में चोरी-छिपे पटाखे बनाने और भंडारण का खतरा भी बढ़ जाता है। कौशाम्बी में सोमवार को हुए भीषण विस्फोट इसी खतरे की भयावह तस्वीर सामने ले आया।
बड़ा सवाल यह है कि रिहायशी इलाके में इतने बड़े स्तर पर पटाखों का काम चल रहा था तो पुलिस और खुफिया तंत्र को इसकी भनक क्यों नहीं लगी। जिस घर में पटाखों का कारोबार चल रहा था वहां बारूद और पटाखों का स्टाॅक कैसे पहुंचता रहा। कच्चा माल कहां से आया और तैयार पटाखे कहां भेजे जा रहे थे। इन सवालों के जवाब अब जांच के केंद्र में होने चाहिए।
कार्रवाई होती रही, फिर भी नहीं थमा बारूद का कारोबार
कौशाम्बी और प्रयागराज में अवैध पटाखा निर्माण और भंडारण के खिलाफ समय-समय पर कार्रवाई होती रही है। इसके बावजूद रिहायशी इलाकों में इस तरह का कारोबार पूरी तरह बंद नहीं हो सका। वर्ष 2024 में भी कौशाम्बी के भरवारी में पटाखा फैक्टरी में भीषण विस्फोट हुआ था। उस हादसे में सात लोगों की मौत हुई थी और कई लोग घायल हुए थे। दो साल के भीतर फिर इसी तरह का हादसा होना व्यवस्था की निगरानी पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। सवाल सिर्फ कार्रवाई का नहीं, बल्कि कार्रवाई के बाद उस कारोबार को दोबारा शुरू होने से रोकने का भी है।
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बड़ा सवाल यह है कि रिहायशी इलाके में इतने बड़े स्तर पर पटाखों का काम चल रहा था तो पुलिस और खुफिया तंत्र को इसकी भनक क्यों नहीं लगी। जिस घर में पटाखों का कारोबार चल रहा था वहां बारूद और पटाखों का स्टाॅक कैसे पहुंचता रहा। कच्चा माल कहां से आया और तैयार पटाखे कहां भेजे जा रहे थे। इन सवालों के जवाब अब जांच के केंद्र में होने चाहिए।
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कार्रवाई होती रही, फिर भी नहीं थमा बारूद का कारोबार
कौशाम्बी और प्रयागराज में अवैध पटाखा निर्माण और भंडारण के खिलाफ समय-समय पर कार्रवाई होती रही है। इसके बावजूद रिहायशी इलाकों में इस तरह का कारोबार पूरी तरह बंद नहीं हो सका। वर्ष 2024 में भी कौशाम्बी के भरवारी में पटाखा फैक्टरी में भीषण विस्फोट हुआ था। उस हादसे में सात लोगों की मौत हुई थी और कई लोग घायल हुए थे। दो साल के भीतर फिर इसी तरह का हादसा होना व्यवस्था की निगरानी पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। सवाल सिर्फ कार्रवाई का नहीं, बल्कि कार्रवाई के बाद उस कारोबार को दोबारा शुरू होने से रोकने का भी है।
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