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Kaushambi News: 43 और 45 के बीच झूल रहा पारा, चटख धूप व उमस ने किया बेहाल
Sun, 09 Jun 2024 03:58 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Sun, 09 Jun 2024 03:58 AM IST
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43 और 45 के बीच झूल रहा पारा, चटख धूप और उमस ने किया बेहाल
-- ई-रिक्शा व ऑटो चालकों का कारोबार प्रभावित, घर चलाना भी हो रहा मुश्किल
फोटो- 16
संवाद न्यूज एजेंसी
मंझनपुर। जिले में गर्मी का पारा 43 से 45 डिग्री के बीच अटका हुआ है। शनिवार को भी अधिकतम तापमान 45.2 डिग्री दर्ज किया गया। जबकि, न्यूनतम 30.2 डिग्री सेल्सियस रहा। चटख धूप और उमस ने बेहाल कर दिया। हर कोई मानसून की राह देख रहा है। गर्मी की वजह से सवारियां कम निकल रही हैं। इससे ई-रिक्शा और ऑटो चालकों की आमदनी आधी हो गई है। उनका घर चलाना भी मुश्किल हो गया है।
लोगों को गर्मी से राहत मिलती नहीं दिख रही है। पिछले एक सप्ताह से अधिकतम तापमान कभी 43 तो कभी 45 पर आकर टिक जाता है। पारा 43 डिग्री सेल्सियस से नीचे उतरने का नाम ही नहीं ले रहा है। ऐसे में न तो घर में सुकून है न बाहर। घर के अंदर उमस सता रही है तो बाहर धूप झुलसा रही है। शनिवार को भी सुबह से ही मौसम तल्ख रहा। ज्यादातर लोगों ने घर के बाहर के काम सुबह 10 बजे तक ही निपटाने का प्रयास किया। इसके बाद घरों के अंदर कैद हो गए। मंझनपुर के रहने वाले ई-रिक्शा चालक शहबाज ने बताया कि पहले रोज 700 से 900 रुपये तक की आमदनी हो जाती थी। अब गर्मी के कारण सुबह 10 बजे से लेकर शाम चार बजे तक सवारियां निकलती ही नहीं। इसकी वजह से कमाई आधे से भी कम हो गई है। सिराथू के रहने वाले ऑटो चालक रीतेश साहू ने बताया कि पहले एक हजार से 1200 रुपये तक कमा लेता था। इसमें से 500 रुपये ऑटो का किराया दे देता था, बाकी से घर चल जाता था। इधर, एक महीने से आमदनी आधी हो गई है। टेंपो चालक कमलेश कुमार ने बताया कि घंटों चौराहे पर खड़े होकर इंतजार करो तो कहीं सवारियां मिलती हैं। कभी-कभी तो एक या दो सवारियां लेकर ही जाना पड़ता है। जबकि, पहले आधे घंटे के अंटर ऑटो फुल हो जाता था। अब मानसून के आने का इंतजार है। मौसम सुधरेगा, तभी कुछ राहत मिलेगी। कृषि विज्ञान केंद्र के विज्ञानी डॉ. मनोज कुमार सिंह ने बताया कि मौसम विभाग की ओर से 12 जून तक लू चलने का पूर्वानुमान जारी किया गया है। अचानक मौसम बदल जाए तो नहीं कहा जा सकता, अन्यथा अभी बारिश की कोई उम्मीद नहीं दिख रही है।
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फोटो- 16
संवाद न्यूज एजेंसी
मंझनपुर। जिले में गर्मी का पारा 43 से 45 डिग्री के बीच अटका हुआ है। शनिवार को भी अधिकतम तापमान 45.2 डिग्री दर्ज किया गया। जबकि, न्यूनतम 30.2 डिग्री सेल्सियस रहा। चटख धूप और उमस ने बेहाल कर दिया। हर कोई मानसून की राह देख रहा है। गर्मी की वजह से सवारियां कम निकल रही हैं। इससे ई-रिक्शा और ऑटो चालकों की आमदनी आधी हो गई है। उनका घर चलाना भी मुश्किल हो गया है।
लोगों को गर्मी से राहत मिलती नहीं दिख रही है। पिछले एक सप्ताह से अधिकतम तापमान कभी 43 तो कभी 45 पर आकर टिक जाता है। पारा 43 डिग्री सेल्सियस से नीचे उतरने का नाम ही नहीं ले रहा है। ऐसे में न तो घर में सुकून है न बाहर। घर के अंदर उमस सता रही है तो बाहर धूप झुलसा रही है। शनिवार को भी सुबह से ही मौसम तल्ख रहा। ज्यादातर लोगों ने घर के बाहर के काम सुबह 10 बजे तक ही निपटाने का प्रयास किया। इसके बाद घरों के अंदर कैद हो गए। मंझनपुर के रहने वाले ई-रिक्शा चालक शहबाज ने बताया कि पहले रोज 700 से 900 रुपये तक की आमदनी हो जाती थी। अब गर्मी के कारण सुबह 10 बजे से लेकर शाम चार बजे तक सवारियां निकलती ही नहीं। इसकी वजह से कमाई आधे से भी कम हो गई है। सिराथू के रहने वाले ऑटो चालक रीतेश साहू ने बताया कि पहले एक हजार से 1200 रुपये तक कमा लेता था। इसमें से 500 रुपये ऑटो का किराया दे देता था, बाकी से घर चल जाता था। इधर, एक महीने से आमदनी आधी हो गई है। टेंपो चालक कमलेश कुमार ने बताया कि घंटों चौराहे पर खड़े होकर इंतजार करो तो कहीं सवारियां मिलती हैं। कभी-कभी तो एक या दो सवारियां लेकर ही जाना पड़ता है। जबकि, पहले आधे घंटे के अंटर ऑटो फुल हो जाता था। अब मानसून के आने का इंतजार है। मौसम सुधरेगा, तभी कुछ राहत मिलेगी। कृषि विज्ञान केंद्र के विज्ञानी डॉ. मनोज कुमार सिंह ने बताया कि मौसम विभाग की ओर से 12 जून तक लू चलने का पूर्वानुमान जारी किया गया है। अचानक मौसम बदल जाए तो नहीं कहा जा सकता, अन्यथा अभी बारिश की कोई उम्मीद नहीं दिख रही है।
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