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बदल सकता है जिले के 80 सिपाहियों का कार्यक्षेत्र
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बदल सकता है जिले के 80 सिपाहियों का कार्यक्षेत्र
एक ही कोतवाली में दो साल से ज्यादा का कार्यकाल बिता चुके सिपाहियों का एसपी ने तलब किया ब्यौरा
संवाद न्यूज एजेंसी
मंझनपुर। दोआबा की विभिन्न कोतवालियों में तैैनात 80 से अधिक सिपाही एक ही कोतवाली में दो वर्ष से ज्यादा का कार्यकाल बिता चुके हैं। आशंका है कि इलाकाई अपराधियों से भी इनकी अच्छी पकड़ होगी। शासन के निर्देश पर एसपी ने ऐसे सिपाहियों का ब्यौरा तलब किया है। माना जा रहा है कि जल्द ही इन सिपाहियों का कार्यक्षेत्र बदल सकता है।
एक कोतवाली में सिपाही कितना वक्त बिताएंगे ? यह एसपी पर निर्भर करता है। बताया जाता है कि जिले की कोतवालियों में दो साल से अधिक वक्त बिता चुके 80 से अधिक सिपाही मठाधीशी करने लगे होंगे। संभव है कि संभ्रांतों, नेताओं और अपराधियों से भी उनकी अच्छी पकड़ होगी। कानपुर कांड के बाद आशंका जताई जा रही है कि ये सिपाही बदमाशों के लिए मुखबिरी जैसा काम कर सकते हैं। इसी के तहत एसपी अभिनंदन ने सभी कोतवालों से दो वर्ष से अधिक का कार्यकाल बिता चुके सिपाहियों का ब्यौरा तलब किया है। भितरखाने से आ रही खबरों पर गौर करें तो इन सिपाहियों का जल्द ही तबादला हो सकता है।
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फर्जी रिपोर्ट भेज रहे दीवान मुंशी
मंझनपुर। खुद के साथ ही करीबी सिपाहियों को बचाने के लिए कुछ कोतवालियों के दीवान, मुंशी फर्जी रिपोर्ट भेज रहे हैं। इस रिपोर्ट में वे करीबियों का नाम ही नहीं डाल रहे हैं। कई कोतवालियों में तैनात दीवान-मुंशी दो वर्ष से अधिक का कार्यकाल पूरा कर चुके हैं। फर्जी रिपोर्टिंग की जानकारी मिलने के बाद क्षेत्राधिकारियों का पारा गरम हो गया है। जिले के तीनों सीओ ने तैनाती रजिस्टर से रिपोर्ट का मिलान करने की बात कही है।
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महिला सिपाहियों से खतरा कम
मंझनपुर। अफसरों को महिला सिपाहियों से मुखबिरी जैसा खतरा कम नजर आ रहा है। क्योंकि महिला सिपाही अभी बीट पर काम नहीं कर रही हैं। उनसे पहरा, दफ्तर आदि का काम ही लिया जा रहा है। ऐसे में माना जा रहा है कि महिला सिपाहियों का हो सकता है कि तबादला न हो।
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कार्यशैली की भी होगी गोपनीय जांच
मंझनपुर। कोतवालियों में दो वर्ष से अधिक का कार्यकाल बिता चुके सिपाहियों की कार्यशैली की भी जांच होगी। जो भी संदिग्ध लगा, उसका सीडीआर निकालकर पता किया जाएगा कि वह किसके-किसके संपर्क में रहा है। सूत्रों की मानें तो इन सिपाहियों को लाइन का रास्ता दिखाकर इनकी जांच के लिए एसआईटी गठित की जाएगी। हालांकि अधिकारी इस बाबत कुछ भी स्पष्ट तौर पर बोलने को तैयार नहीं हैं।
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इनका कहना है
एक ही जगह पर अधिक समय तक रहने से कोई भी जड़ता का शिकार हो सकता है। एसपी ने इसी वजह से दो वर्ष का कार्यकाल बिता चुके सिपाहियों का ब्यौरा तलब किया है। इन सिपाहियों को दूसरी कोतवालियों में भेजा जाएगा।- समर बहादुर-अपर पुलिस अधीक्षक
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एक ही कोतवाली में दो साल से ज्यादा का कार्यकाल बिता चुके सिपाहियों का एसपी ने तलब किया ब्यौरा
संवाद न्यूज एजेंसी
मंझनपुर। दोआबा की विभिन्न कोतवालियों में तैैनात 80 से अधिक सिपाही एक ही कोतवाली में दो वर्ष से ज्यादा का कार्यकाल बिता चुके हैं। आशंका है कि इलाकाई अपराधियों से भी इनकी अच्छी पकड़ होगी। शासन के निर्देश पर एसपी ने ऐसे सिपाहियों का ब्यौरा तलब किया है। माना जा रहा है कि जल्द ही इन सिपाहियों का कार्यक्षेत्र बदल सकता है।
एक कोतवाली में सिपाही कितना वक्त बिताएंगे ? यह एसपी पर निर्भर करता है। बताया जाता है कि जिले की कोतवालियों में दो साल से अधिक वक्त बिता चुके 80 से अधिक सिपाही मठाधीशी करने लगे होंगे। संभव है कि संभ्रांतों, नेताओं और अपराधियों से भी उनकी अच्छी पकड़ होगी। कानपुर कांड के बाद आशंका जताई जा रही है कि ये सिपाही बदमाशों के लिए मुखबिरी जैसा काम कर सकते हैं। इसी के तहत एसपी अभिनंदन ने सभी कोतवालों से दो वर्ष से अधिक का कार्यकाल बिता चुके सिपाहियों का ब्यौरा तलब किया है। भितरखाने से आ रही खबरों पर गौर करें तो इन सिपाहियों का जल्द ही तबादला हो सकता है।
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फर्जी रिपोर्ट भेज रहे दीवान मुंशी
मंझनपुर। खुद के साथ ही करीबी सिपाहियों को बचाने के लिए कुछ कोतवालियों के दीवान, मुंशी फर्जी रिपोर्ट भेज रहे हैं। इस रिपोर्ट में वे करीबियों का नाम ही नहीं डाल रहे हैं। कई कोतवालियों में तैनात दीवान-मुंशी दो वर्ष से अधिक का कार्यकाल पूरा कर चुके हैं। फर्जी रिपोर्टिंग की जानकारी मिलने के बाद क्षेत्राधिकारियों का पारा गरम हो गया है। जिले के तीनों सीओ ने तैनाती रजिस्टर से रिपोर्ट का मिलान करने की बात कही है।
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महिला सिपाहियों से खतरा कम
मंझनपुर। अफसरों को महिला सिपाहियों से मुखबिरी जैसा खतरा कम नजर आ रहा है। क्योंकि महिला सिपाही अभी बीट पर काम नहीं कर रही हैं। उनसे पहरा, दफ्तर आदि का काम ही लिया जा रहा है। ऐसे में माना जा रहा है कि महिला सिपाहियों का हो सकता है कि तबादला न हो।
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कार्यशैली की भी होगी गोपनीय जांच
मंझनपुर। कोतवालियों में दो वर्ष से अधिक का कार्यकाल बिता चुके सिपाहियों की कार्यशैली की भी जांच होगी। जो भी संदिग्ध लगा, उसका सीडीआर निकालकर पता किया जाएगा कि वह किसके-किसके संपर्क में रहा है। सूत्रों की मानें तो इन सिपाहियों को लाइन का रास्ता दिखाकर इनकी जांच के लिए एसआईटी गठित की जाएगी। हालांकि अधिकारी इस बाबत कुछ भी स्पष्ट तौर पर बोलने को तैयार नहीं हैं।
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इनका कहना है
एक ही जगह पर अधिक समय तक रहने से कोई भी जड़ता का शिकार हो सकता है। एसपी ने इसी वजह से दो वर्ष का कार्यकाल बिता चुके सिपाहियों का ब्यौरा तलब किया है। इन सिपाहियों को दूसरी कोतवालियों में भेजा जाएगा।- समर बहादुर-अपर पुलिस अधीक्षक